India First Hydrogen Train: कल 120 किमी की रफ्तार से दौड़ेगी देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन, जींद में तैयारियां पूरीIndia First Hydrogen Train: कल 120 किमी की रफ्तार से दौड़ेगी देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन, जींद में तैयारियां पूरी

India First Hydrogen Train: भारतीय रेलवे को प्रदूषण मुक्त और हाई-स्पीड बनाने की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम उठाया जा रहा है। देश की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन ट्रेन अब ट्रैक पर 120 किलोमीटर प्रति घंटा की तूफानी रफ्तार से दौड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है। दिल्ली के शकूरबस्ती रेलवे वर्कशॉप में बेहद जटिल तकनीकी कड़ियों को पार करने के बाद इस अत्याधुनिक ट्रेन को वापस जींद रेलवे जंक्शन पर लाकर खड़ा कर दिया गया है। कल यानी बुधवार, 24 जून को इस ट्रेन की अंतिम और सबसे बड़ी अग्निपरीक्षा होने जा रही है, जहां इसे 120 किमी/घंटा की टॉप स्पीड पर चलाकर परखा जाएगा। इस फाइनल ट्रायल की कामयाबी के तुरंत बाद इसे आम जनता की सेवा में समर्पित कर दिया जाएगा।

लखनऊ आरडीएसओ की टीम करेगी पैनी निगरानी

उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (PRO) अजय माइकल ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि 24 जून को होने वाले इस हाई-स्पीड टेस्ट को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस ऐतिहासिक ट्रायल को अंज़ाम देने के लिए लखनऊ से रेलवे डिजाइन एवं मानक संगठन (RDSO) के शीर्ष वैज्ञानिकों और इंजीनियरों की एक विशेष टीम जींद पहुंच रही है। यह टीम न सिर्फ ट्रेन की रफ्तार को नापेगी, बल्कि पटरियों पर पड़ने वाले लोड, ट्रेन की कुल वहन क्षमता और आपातकालीन ब्रेकिंग सिस्टम जैसे तमाम तकनीकी मानकों की सूक्ष्मता से जांच करेगी। इस अंतिम क्लीयरेंस के बाद ही ट्रेन को हरी झंडी दिखाई जाएगी।

89 किलोमीटर का सफर, महज 25 रुपए किराया

इस पूरे प्रोजेक्ट की लागत करीब 120 करोड़ रुपए है, जो सीधे तौर पर आम और मध्यमवर्गीय यात्रियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। यह ट्रेन जींद से सोनीपत के बीच कुल 89 किलोमीटर का सफर तय करेगी। राहत की बात यह है कि इस हाई-टेक सफर के लिए यात्रियों की जेब पर कोई बोझ नहीं पड़ेगा और किराया मात्र 25 रुपए तय किया गया है। रफ्तार का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जो दूरी तय करने में अभी घंटों लगते हैं, वह सफर अब सिर्फ एक घंटे में सिमट जाएगा। रूट की बात करें तो यह ट्रेन जींद जंक्शन से चलकर पांडू पिंडारा, भंभेवा, गोहाना जंक्शन और मोहाना होते हुए सोनीपत जंक्शन पहुंचेगी।

प्रदूषण मुक्त तकनीक: धुएं की जगह निकलेगी भाप

इस ट्रेन की सबसे बड़ी खासियत इसका पूरी तरह से पर्यावरण अनुकूल होना है। ग्रीन हाइड्रोजन तकनीक पर आधारित होने के कारण यह ट्रेन बिल्कुल भी कार्बन उत्सर्जन या वायु प्रदूषण नहीं करेगी। पारंपरिक डीजल या इलेक्ट्रिक इंजनों के विपरीत, इसके साइलेंसर से धुएं के बजाय सिर्फ पानी की बूंदें और भाप बाहर आएगी। ट्रेन में पारंपरिक इंजन हटाकर ‘हाइड्रोजन फ्यूल सेल’ और बैकअप के लिए हैवी ड्यूटी लिथियम-आयन बैटरी का कॉम्बो लगाया गया है, जो इसे बेजोड़ पावर बैकअप देता है। एक बार ट्रैक पर पूरी तरह उतरने के बाद यह ट्रेन एक फेरे में अधिकतम 2638 यात्रियों को ले जाने में सक्षम होगी।

By Jagmarg