Lucknow Fire Tragedy: प्रोन्नति, नए घर और शादी के सपने जले, पोस्टमार्टम हाउस पर खत्म हुआ सफरLucknow Fire Tragedy

Lucknow Fire Tragedy: उत्तर प्रदेश में लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में हुए भीषण अग्निकांड ने कई परिवारों को ऐसा दर्द दिया है जिसे भुलाना आसान नहीं होगा। इस हादसे में जान गंवाने वालों में 27 वर्षीय नीलेश कुमार और 30 वर्षीय अनामिका सामंत भी शामिल हैं, जो जल्द ही विवाह बंधन में बंधने वाले थे। दोनों के जीवन में खुशियों का नया दौर शुरू होने वाला था। परिवारों की सहमति मिल चुकी थी, शादी की चर्चाएं चल रही थीं और भविष्य की योजनाएं बनाई जा रही थीं। लेकिन अलीगंज स्थित एक व्यावसायिक भवन में लगी आग ने उनकी जिंदगी की दिशा ही बदल दी। अब जिन परिवारों में शादी की तैयारियां थीं, वहां केवल शोक और सन्नाटा है।

 

एनिमेशन केंद्र में हुई थी मुलाकात, दोस्ती से शुरू हुई प्रेम कहानी

नीलेश कुमार और अनामिका सामंत एक ही एनिमेशन प्रशिक्षण केंद्र में कार्यरत थे। साथ काम करते हुए दोनों के बीच दोस्ती हुई, जो समय के साथ गहरे रिश्ते में बदल गई। परिवारों ने भी इस संबंध को स्वीकार कर लिया था और विवाह की तैयारियां शुरू हो चुकी थीं। नीलेश के भाई अभिषेक ने बताया कि कुछ दिन पहले ही घर पर एक पारिवारिक कार्यक्रम हुआ था, जिसमें परिवार के सभी सदस्य अनामिका से मिले थे। परिवार के अनुसार अनामिका का स्वभाव बेहद मिलनसार था और वह सभी के साथ जल्दी घुलमिल जाती थीं।

 

शादी की तैयारियों के बीच आया दर्दनाक मोड़

दोनों परिवारों ने विवाह को लेकर आगे की तैयारियां शुरू कर दी थीं। अनामिका के माता-पिता पश्चिम बंगाल से लखनऊ आकर होने वाले समधी परिवार से मुलाकात कर चुके थे। अगले चरण की बातचीत के लिए यात्रा की योजना भी बनाई गई थी। परिवार के लोगों ने पश्चिम बंगाल जाने के लिए ट्रेन टिकट तक बुक करा लिए थे। रिश्तेदारों के मुताबिक घर में शादी की तारीख, कार्यक्रम और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा हो रही थी। किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि कुछ ही दिनों में सब कुछ बदल जाएगा।

 

प्रोन्नति और बेहतर भविष्य के सपने भी अधूरे रह गए

नीलेश तीन भाई-बहनों में दूसरे नंबर पर थे और परिवार में उन्हें मेहनती तथा जिम्मेदार सदस्य माना जाता था। वह अपने करियर को लेकर गंभीर थे और इस वर्ष उन्हें प्रोन्नति तथा वेतन वृद्धि मिलने की उम्मीद थी। परिजनों के अनुसार वह विवाह से पहले अपनी आर्थिक स्थिति और मजबूत करना चाहते थे। परिवार के एक सदस्य ने बताया कि नीलेश अगले वर्ष शादी करने के पक्ष में थे क्योंकि वह प्रोन्नति के बाद अपने भविष्य की योजनाओं को और बेहतर तरीके से पूरा करना चाहते थे।

 

नए घर से बारात निकालने का था सपना

नीलेश केवल शादी की ही नहीं, बल्कि परिवार के नए घर के निर्माण की भी योजना बना रहे थे। वह घर के निर्माण में आर्थिक सहयोग कर रहे थे और चाहते थे कि शादी उसी नए घर से हो। रिश्तेदार समरेंद्र के अनुसार नीलेश अक्सर कहते थे कि नया घर तैयार होने के बाद वहीं से उनकी बारात निकलेगी। वह उस दिन का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। मगर जिस परिवार ने नई शुरुआत के सपने देखे थे, वही परिवार अब पोस्टमार्टम हाउस के बाहर उनके पार्थिव शरीर की प्रतीक्षा करता दिखाई दिया।

 

एक हादसे ने दो परिवारों की खुशियां छीन लीं

अनामिका सामंत के परिवार पर भी इस हादसे ने गहरा आघात पहुंचाया है। उनकी 27 वर्षीय चचेरी बहन सोमिल्या भी इसी अग्निकांड में जान गंवाने वालों में शामिल हैं। वह भी उसी एनिमेशन केंद्र में कार्यरत थीं जहां नीलेश और अनामिका काम करते थे। हादसे से कुछ घंटे पहले तक दोनों परिवारों में शादी, यात्रा और भविष्य की योजनाओं को लेकर बातचीत हो रही थी। लेकिन शाम होते-होते माहौल पूरी तरह बदल गया। अस्पतालों के चक्कर, अपनों की तलाश और पहचान की पीड़ा ने खुशियों की जगह ले ली। अलीगंज अग्निकांड ने एक ऐसे रिश्ते को हमेशा के लिए खत्म कर दिया जो जल्द ही विवाह की मंजिल तक पहुंचने वाला था। दोनों परिवारों के सपने और उम्मीदें इस दर्दनाक हादसे की लपटों में सदा के लिए खो गईं।

By Jagmarg