Ludhiana News: पंजाब के लुधियाना जिले में व्यस्त हीरो बेकरी चौक के नजदीक स्थित जगजीत नगर में मंगलवार को एक फ्लैट में बने गोदाम में अचानक भीषण आग लग गई। आग लगने के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। धुएं के घने गुबार और तेज लपटों के बीच एक महिला और उसका तीन वर्षीय बेटा अंदर फंस गए। स्थिति बेहद गंभीर थी, लेकिन एक पड़ोसी की सूझबूझ और साहस ने बड़ा हादसा टाल दिया। स्थानीय लोगों की मदद और फायर ब्रिगेड की कार्रवाई से दोनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
घटना लुधियाना के भीड़भाड़ वाले इलाके हीरो बेकरी चौक के पास स्थित जगजीत नगर क्वार्टर में हुई। अचानक गोदाम से धुआं निकलना शुरू हुआ और देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि आसपास के लोग घबरा गए। कुछ ही देर में पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया और लोग मदद के लिए मौके पर जुटने लगे।
अंदर से सुनाई दीं मदद की आवाजें
पास में दुकान चलाने वाले राहुल ने सबसे पहले गोदाम से धुआं और आग उठती देखी। वह तुरंत मौके पर पहुंचा और हालात का जायजा लेने लगा। इसी दौरान उसे अंदर से महिला और बच्चे की मदद के लिए चीखें सुनाई दीं। जब उसने दरवाजे की ओर देखा तो पाया कि कमरे के मुख्य गेट पर बाहर से ताला लगा हुआ था और अंदर मां-बेटा फंसे हुए थे।
समय की गंभीरता को देखते हुए राहुल ने बिना देरी किए पास में पड़ा एक लोहे का तवा उठाया। उसने लगातार वार कर ताले को तोड़ने की कोशिश शुरू कर दी। कुछ देर की मशक्कत के बाद ताला टूट गया। इसके बाद राहुल धुएं और आग के बीच कमरे में दाखिल हुआ और महिला तथा बच्चे को बाहर निकालने में सफल रहा। उसकी इस बहादुरी ने एक बड़ा हादसा टाल दिया।
महिला झुलसी, बच्चे को सुरक्षित निकाला गया
बाहर निकालते समय महिला आग की चपेट में आने से झुलस चुकी थी। उसके बाल और बाजू प्रभावित हुए थे। वहीं तीन वर्षीय बच्चा सुरक्षित बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों ने तुरंत दोनों को कार में बैठाकर नजदीकी दीपक अस्पताल पहुंचाया। वहां महिला का उपचार शुरू किया गया और चिकित्सकों की निगरानी में उसकी देखभाल की जा रही है।
फायर ब्रिगेड अधिकारी कर्मजीत सिंह के अनुसार दोपहर करीब एक बजे कंट्रोल रूम को आग लगने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां मौके पर भेजी गईं। दमकल कर्मियों ने काफी प्रयास के बाद आग पर काबू पाया। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है और अधिकारियों ने कहा है कि शुरुआती जांच के बाद ही आग की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
बहादुरी से टला बड़ा हादसा
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते राहुल ने साहस नहीं दिखाया होता तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी। आग तेजी से फैल रही थी और अंदर फंसे लोगों के पास बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं था। राहुल की तत्परता और हिम्मत के कारण मां और बेटे की जान बच गई। घटना के बाद इलाके में उसकी बहादुरी की चर्चा हो रही है और लोग उसके प्रयास की सराहना कर रहे हैं।
यह भी पढ़ें; बरनाला में भगोड़े नशा तस्कर के घर पर चला प्रशासन का पीला पंजा

