AHPC Worker Union: पिहोवा (अभिषेक पूर्णिमा): बिजली निगम के स्थानीय प्रबंधन और कर्मचारियों के बीच आंतरिक नीतिगत फैसलों को लेकर टकराव बढ़ता जा रहा है। इसी कड़ी में आज पिहोवा के मुर्तजापुर स्थित उपमंडल अधिकारी (सब अर्बन सब डिवीजन नंबर-1) के कार्यालय के ठीक बाहर एएचपीसी वर्कर यूनियन ने एक जोरदार गेट मीटिंग का आयोजन किया। सब यूनिट प्रधान मुकेश गोस्वामी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में बिजली विभाग के दर्जनों लाइनमैन और तकनीकी कर्मचारियों ने हिस्सा लिया और अधिकारियों के कुछ हालिया आदेशों के खिलाफ जमकर अपनी भड़ास निकाली। मंच का संचालन सब यूनिट सचिव सुरेंद्र कुमार ने किया।
‘अधिकारियों के फैसले व्यावहारिक नहीं’
यूनियन के पदाधिकारियों ने विभाग द्वारा हाल ही में लिए गए कुछ भौगोलिक और प्रशासनिक निर्णयों को कटघरे में खड़ा किया। नेताओं का कहना है कि डेरा बाजीगर को शिकायत केंद्र भेरियां के अधीन करने का तुगलकी फरमान पूरी तरह अनुचित है। भौगोलिक दृष्टि से भेरियां केंद्र इस इलाके से काफी दूरी पर स्थित है, जबकि इसके ठीक नजदीक कई अन्य विकल्प और शिकायत केंद्र पहले से मौजूद हैं। ऐसे में इस फैसले से न केवल कर्मचारियों बल्कि आम उपभोक्ताओं को भी अनावश्यक परेशानी उठानी पड़ेगी।
इसके अलावा, जीएससी (GSC) से एएलएम राहुल का तबादला भेरियां करने पर भी यूनियन ने कड़ा ऐतराज जताया। वक्ताओं ने सवाल उठाया कि एक तरफ अधिकारी खुद स्वीकार करते हैं कि जीएससी में काम का दबाव बहुत ज्यादा है और वहां एमसीओ (MCO) का काम संभालने के लिए मैनपावर की कमी है, वहीं दूसरी तरफ वहां तैनात सक्रिय स्टाफ को हटाकर दूर भेजा जा रहा है। विभाग की इस अंतर्विरोधी नीति को लेकर कर्मचारियों में खासा असंतोष है।
मानवीय आधार पर काम सौंपने की वकालत
गेट मीटिंग में केवल तबादलों का ही मुद्दा नहीं गूंजा, बल्कि कर्मचारियों की सेहत और काम के माहौल को लेकर भी आवाज उठाई गई। यूनियन ने जोरदार शब्दों में मांग रखी कि एमसीओ से जुड़ा पूरा तकनीकी कार्य जीएससी के भीतर ही संचालित किया जाना चाहिए। साथ ही, गंभीर मेडिकल डिस्क की समस्या से जूझ रहे एएफएम (AFM) महेंद्र वर्मा को उनकी शारीरिक स्थिति को देखते हुए फील्ड के बजाय कार्यालय के भीतर बैठकर किए जाने वाले डेस्क जॉब की जिम्मेदारी सौंपी जाए, ताकि वे बिना किसी अतिरिक्त शारीरिक कष्ट के अपनी ड्यूटी निभा सकें।
बातचीत से निकले रास्ता, वरना ठप होगी बिजली व्यवस्था
यूनिट सचिव गुरचरण संधू ने प्रबंधन को दो टूक लहजे में चेतावनी देते हुए कहा, “यूनियन हमेशा संवाद के रास्ते समस्याओं को सुलझाने की पक्षधर रही है। हम चाहते हैं कि आला अधिकारी टेबल पर बैठकर कर्मचारियों की इन बुनियादी मांगों का तुरंत निस्तारण करें। लेकिन अगर हमारी इस लोकतांत्रिक अपील को कमजोरी समझा गया और समाधान में ढिलाई बरती गई, तो बिजली कर्मचारी अनिश्चितकालीन आंदोलन का बिगुल फूंकने से पीछे नहीं हटेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी बिजली निगम की होगी।”
इस गेट मीटिंग को सफल बनाने में यूनिट प्रधान जोगिंदर सिंह, अनिल कुमार, राहुल, प्रदीप साहारण, सौरभ पठानिया और पंकज पुरी ने मुख्य भूमिका निभाई। इस मौके पर बलवान, हवा सिंह, ईश्वर सिंह, करण भारद्वाज, बंटी पाल, सतीश, मौसम, रमेश, दीपक सैनी और वरुण गुप्ता सहित बड़ी संख्या में तकनीकी और दफ्तरी कर्मचारी अपनी एकजुटता प्रदर्शित करने पहुंचे।

