Haryana Bank Scam Update: चंडीगढ़ स्थित इनेलो मुख्यालय में पत्रकारों से मुखातिब होते हुए अभय सिंह चौटाला ने सबसे पहले प्रदेश पर मंडरा रहे बाढ़ के खतरे को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि हर साल मानसून की दस्तक से पहले नहरों और ड्रेनों की गाद निकाली जाती है ताकि ड्रेनेज सिस्टम दुरुस्त रहे। इस काम को पूरा करने की अंतिम तारीख 30 जून तय की गई थी।
लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि अब तक 60 फीसदी से ज्यादा ड्रेनों की सफाई कागजों से बाहर नहीं आ सकी है। अभय ने आरोप लगाया कि सरकार ने जनहित के इस काम को छोड़कर अपने चहेतों को बिना लाइसेंस के क्रेशर बांटने में दिलचस्पी दिखाई। उन्होंने चेताया कि अगर वक्त रहते कदम नहीं उठाए गए, तो इस बार फिर सिरसा, फतेहाबाद और यमुनानगर जैसे जिलों में बाढ़ तबाही मचाएगी, जिससे जान-माल और फसलों का भारी नुकसान होना तय है।
“चैनत गांव को पानी दो, वरना खेदड़ जैसा हाल होगा”— इनेलो की बड़ी चेतावनी
सिंचाई और पीने के पानी की किल्लत पर बोलते हुए इनेलो नेता ने कहा कि नरवाना ब्रांच में आज पर्याप्त पानी नहीं है, जिससे प्रदेश का किसान बूंद-बूंद पानी को तरस रहा है। उन्होंने हिसार के चैनत गांव का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि वहां के ग्रामीण पहले से बिछाई गई पाइपलाइन से पानी की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार जानबूझकर अड़ंगा लगा रही है।
“भाजपा सरकार की यह पुरानी फितरत रही है कि वह सीधे रास्ते कोई बात नहीं मानती। पहले लोगों को महीनों धरने पर बैठने के लिए मजबूर किया जाता है, फिर उन पर लाठियां बरसाई जाती हैं और अंत में सरकार घुटने टेककर माफी मांगती है। किसान आंदोलन और खेदड़ बिजली प्लांट विवाद में भी ऐसा ही हुआ था, जहाँ लोगों की जानें गईं। चैनत गांव में भी सरकार शायद किसी अनहोनी का इंतजार कर रही है।”
चौटाला ने साफ किया कि अगर चैनत गांव की मांगें तुरंत पूरी नहीं की गईं, तो इनेलो का एक-एक कार्यकर्ता सड़क पर उतरेगा और यह आंदोलन पूरे हरियाणा में फैल जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने शहरों में दूषित और केमिकल युक्त पानी की सप्लाई का मुद्दा उठाते हुए कहा कि साफ पानी न मिलने के कारण लोग कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं।
बैंक घोटाले की आंच CMO तक, अधिकारियों को सरकारी गवाह बनाने की साजिश
प्रदेश में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर इनेलो नेता ने पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल और मौजूदा सीएम नायब सिंह सैनी दोनों को कटघरे में खड़ा किया। हाल ही में सामने आए बैंक घोटाले का जिक्र करते हुए उन्होंने तीखा सवाल दागा कि जब शुरुआत में मुख्यमंत्री ने कहा था कि सरकार को कोई नुकसान नहीं हुआ, तो अब सीबीआई (CBI) इस मामले की जांच क्यों कर रही है?
अभय चौटाला ने अंदरूनी सूत्रों के हवाले से दावा किया कि सरकार अब एक या दो वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को सरकारी गवाह बनाने की फिराक में है, क्योंकि अगर उनकी गिरफ्तारी होती है, तो सरकार के कई बड़े राज बेपर्दा हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस घोटाले में फंसे अफसर सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय में तैनात रहे हैं। जब सीएम की नाक के नीचे इतना बड़ा खेल हो गया, तो स्पष्ट है कि भ्रष्टाचार की जड़ें ऊपर तक जुड़ी हुई हैं। हरियाणा में आज ‘मंत्री से संतरी’ तक की मिलीभगत की चर्चा हर जुबान पर है।
विधायक असुरक्षित और जनता बेहाल, राजस्थान को पानी देने पर जताया ऐतराज
कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर घेरते हुए अभय चौटाला ने महम के कांग्रेस विधायक बलराम दांगी से 5 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगे जाने की घटना की कड़ी निंदा की। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कुछ समय पहले जब कांग्रेस के विधायक मुख्यमंत्री से मिलने गए थे, तब उन्होंने आम जनता की सुरक्षा की बात करने के बजाय सिर्फ अपनी सुरक्षा बढ़ाने की गुहार लगाई थी।
वहीं, राजस्थान के साथ पानी के समझौते पर अपना रुख स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि वे राजस्थान को पानी देने के विरोधी नहीं हैं, लेकिन पहले तय समझौते के मुताबिक तीन बांधों (डैम) का निर्माण पूरा किया जाना चाहिए। राजस्थान में भाजपा की सरकार है और वहां के 25 सांसदों को राजनीतिक फायदा पहुंचाने के लिए हरियाणा के किसानों के हक का पानी उनके हवाले किया जा रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

