Sunglasses Day: गमछा पहनने वाले सावधान! धूप में सिर्फ चेहरा बचेगा आंखें नहीं, जानें क्यों जरूरी है सनग्लासधूप में सिर्फ चेहरा बचेगा आंखें नहीं, जानें क्यों जरूरी है सनग्लास

Sunglasses Day: उत्तर भारत समेत देश के कई हिस्सों में इन दिनों सूरज की तपिश और चुभती गर्मी से लोग बेहाल हैं। ऐसे में जब लोग घरों या दफ्तरों से बाहर निकलते हैं, तो खुद को धूप से बचाने के लिए चेहरे पर गमछा, स्कार्फ या चुन्नी लपेट लेते हैं। आम तौर पर यह मान लिया जाता है कि चेहरा ढक लेने से सूरज की मार से सुरक्षा मिल गई। लेकिन आई-केयर एक्सपर्ट्स (नेत्र रोग विशेषज्ञ) की मानें तो यह सोच बिल्कुल अधूरी है। कपड़ा आपके चेहरे की त्वचा को कुछ हद तक झुलसने या टैनिंग से तो बचा सकता है, लेकिन वह सूरज की अदृश्य और बेहद खतरनाक अल्ट्रावॉयलेट (यूवी) किरणों को आंखों में जाने से रोकने में पूरी तरह नाकाम रहता है।

जलन और धुंधलेपन से शुरू होती है कहानी, हो सकती हैं गंभीर बीमारियां

लंबे समय तक बिना किसी सुरक्षा के तेज धूप का सामना करने से आंखों को कई तरह के नुकसान झेलने पड़ते हैं। शुरुआती दौर में आंखों में लालपन, लगातार पानी आना, तेज चुभन और धुंधला दिखने जैसी शिकायतें सामने आती हैं, जिसे लोग अक्सर मामूली थकान समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि यह लापरवाही आगे चलकर मोतियाबिंद (Cataract) को समय से पहले बुलावा दे सकती है। इसके अलावा, आंखों की नाजुक पुतली और कॉर्निया पर धूप की सीधी मार पड़ने से देखने की क्षमता हमेशा के लिए कमजोर होने का खतरा भी कई गुना बढ़ जाता है। ऐसे में एक अच्छी क्वालिटी का सनग्लास पहनना सिर्फ स्टाइल स्टेटमेंट नहीं, बल्कि आंखों की सेहत का बीमा है।

केवल गहरे रंग के शीशे पर न जाएं, चश्मा खरीदते समय इन 4 बातों का रखें ख्याल

अक्सर देखा जाता है कि लोग फुटपाथ या किसी भी आम दुकान से सिर्फ उसका लुक और गहरा काला रंग देखकर चश्मा खरीद लेते हैं। यह तरीका बेहद खतरनाक है क्योंकि बिना यूवी प्रोटेक्शन वाले साधारण काले शीशे आंखों की पुतलियों को फैला देते हैं, जिससे और ज्यादा खतरनाक किरणें आंखों के भीतर तक चली जाती हैं। चश्मा खरीदते समय हमेशा ध्यान दें कि उस पर ‘100% UV Protection’ या ‘UV400’ का प्रामाणिक स्टिकर या सर्टिफिकेट हो। इसके साथ ही, फ्रेम का साइज थोड़ा बड़ा होना चाहिए जो न सिर्फ सामने से, बल्कि साइड (किनारों) से भी आंखों को पूरी तरह कवर करे। चश्मा हमेशा किसी भरोसेमंद ब्रांड या ऑप्टिकल स्टोर से ही लें, भले ही उसके लिए थोड़े ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ें।

फील्ड वर्कर्स और बाइक सवारों के लिए जरूरी; कैप के साथ डबल करें सुरक्षा

कुछ लोगों के लिए सनग्लास का इस्तेमाल बेहद अनिवार्य माना गया है। खासकर वे लोग जो रोज घंटों बाइक या स्कूटर चलाते हैं, धूप में रहकर फील्ड वर्क करते हैं, स्पोर्ट्स एक्टिविटीज से जुड़े हैं या लगातार यात्रा करते हैं, उन्हें बिना चश्मे के घर से नहीं निकलना चाहिए। इस चिलचिलाती गर्मी में सनग्लास के साथ-साथ एक चौड़े बॉर्डर वाली टोपी (Cap) पहनना सुरक्षा को दोगुना कर देता है। अगर आप भी आंखों में बार-बार होने वाले दर्द या भारीपन से बचना चाहते हैं, तो अगली बार जब भी घर का दरवाजा पार करें, अपनी आंखों पर सही सनग्लास चढ़ाना न भूलें।