Panipat News: पानीपत में सगे भतीजे ने की चाचा की हत्या, पत्थर की ओखली से सिर पर किए ताबड़तोड़ वार
महज मोबाइल चोरी के विवाद में खूनी खेल, पानीपत के मचौली गांव में चाचा को उतारा मौत के घाट
Panipat News: औद्योगिक नगरी पानीपत का मचौली गांव सोमवार को उस वक्त दहल उठा, जब खून के रिश्ते ने ही खून कर दिया। दो महीने से भीतर ही भीतर सुलग रही आपसी रंजिश इस कदर परवान चढ़ी कि एक 18 साल के लड़के ने अपने सगे चाचा की बेरहमी से हत्या कर दी।
वारदात के बाद से ही पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है और हर कोई इस सनसनीखेज हत्याकांड से स्तब्ध है। सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस और फॉरेंसिक एक्सपर्ट की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
चेहरा छिपाकर ओखली से किया ताबड़तोड़ वार
मृतक की पहचान 40 वर्षीय सुशील के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक, सुशील रोज की तरह गली से होते हुए अपने घर की तरफ लौट रहे थे। उन्हें इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि मौत ठीक उनके पीछे खड़ी है। गली के मोड़ पर उनका सगा भतीजा अभिषेक पहले से ही घात लगाए बैठा था।
जैसे ही सुशील वहां से गुजरे, अभिषेक ने अपनी पहचान छिपाने के लिए मुंह पर कपड़ा लपेटा और भारी-भरकम पत्थर की ओखली लेकर उनके सिर पर पीछे से दे मारी। सुशील जमीन पर गिर पड़े, लेकिन अभिषेक तब भी नहीं रुका। उसने सिर पर कई और वार किए जिससे सुशील ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
वारदात का सीसीटीवी फुटेज आया सामने:
“गली में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में साफ दिख रहा है कि किस तरह आरोपी कपड़े से मुंह ढककर आता है और ओखली से सिर पर सीधे हमले शुरू कर देता है। चीख-पुकार सुनकर जब तक लोग घरों से बाहर आए, आरोपी फरार हो चुका था।”
मोबाइल चोरी का वो विवाद, जो बन गया काल
पुलिस की प्रारंभिक जांच और परिजनों से पूछताछ में जो कहानी सामने आई है, वह बेहद चौंकाने वाली है। करीब दो महीने पहले दोनों परिवारों के बीच एक मोबाइल फोन चोरी होने को लेकर तीखी बहसबाजी हुई थी। उस वक्त तो मामला शांत हो गया, लेकिन 18 साल का अभिषेक इस बात को लेकर अपने चाचा से गहरी रंजिश पाल बैठा।
इसी बदले की आग में उसने इस खौफनाक वारदात की पूरी प्लानिंग की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पानीपत के सामान्य अस्पताल के शव गृह में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। आरोपी अभिषेक के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
