Rajasthan Weather: राजस्थान में 2 जुलाई से बदलेगा मौसम, 24 जिलों में बारिश और अंधड़ का अलर्ट
राजस्थान में आज 24 जिलों में बारिश और अंधड़ का अलर्ट
Rajasthan Weather: राजस्थान में लंबे इंतजार के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून की एंट्री अब बेहद करीब पहुंच गई है। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार अगले 48 घंटे के भीतर मानसून राज्य के पूर्वी हिस्सों में प्रवेश कर सकता है। इस बार मानसून सामान्य समय से करीब आठ दिन की देरी से पहुंच रहा है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले 13 वर्षों में यह तीसरा अवसर होगा जब मानसून जुलाई महीने में राजस्थान में प्रवेश करेगा। इसके साथ ही राज्य के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना है। वहीं मौसम विभाग ने बुधवार के लिए भी 24 जिलों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। अगले तीन दिनों तक कई क्षेत्रों में अंधड़, धूलभरी हवाएं और गरज-चमक के साथ बारिश देखने को मिल सकती है।
पूर्वी राजस्थान से होगी मानसून की एंट्री, कई संभागों में बढ़ेगी बारिश
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार मानसून 2 या 3 जुलाई को राजस्थान के पूर्वी हिस्सों से प्रवेश कर सकता है। इसके प्रभाव से सबसे पहले उदयपुर, कोटा, भरतपुर और जयपुर संभाग के कई जिलों में मौसम का मिजाज बदलेगा। इन क्षेत्रों में 2 जुलाई से ही बादल छाने, गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग का अनुमान है कि मानसून की सक्रियता धीरे-धीरे पूरे राज्य में बढ़ेगी और 6 जुलाई तक अधिकांश जिलों में बारिश का दौर शुरू हो सकता है। हालांकि बारिश का वितरण सभी क्षेत्रों में समान रहने की संभावना नहीं है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है, जबकि कई इलाकों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की जा सकती है।
कोटा और उदयपुर संभाग में भारी बारिश की संभावना
मानसून के शुरुआती असर का सबसे अधिक प्रभाव दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने कोटा और उदयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई है। इन क्षेत्रों में लगातार बादल छाने, तेज बारिश और बिजली गिरने जैसी गतिविधियां भी देखने को मिल सकती हैं। बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति भी बन सकती है। ऐसे में प्रशासन को आवश्यक तैयारियां रखने और लोगों को मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है। किसानों के लिए भी यह बारिश खरीफ फसलों की बुवाई के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
24 जिलों में बारिश और अंधड़ का अलर्ट, तीन दिन तक चलेगी तेज हवाएं
मानसून आने से पहले भी राजस्थान का मौसम पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है। मौसम विभाग ने राज्य के 24 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। कई जिलों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। विशेष रूप से बीकानेर संभाग के श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और बीकानेर जिलों में 2 से 4 जुलाई के बीच अंधड़ आने की चेतावनी दी गई है। इस दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे या उससे अधिक रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। धूलभरी आंधी के साथ दृश्यता कम होने की संभावना भी जताई गई है, जिससे हाईवे और ग्रामीण मार्गों पर वाहन चालकों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
जोधपुर, फलोदी और जालोर में भी बदल सकता है मौसम
मौसम विभाग के अनुसार बीकानेर संभाग के अलावा जोधपुर, फलोदी और जालोर के कुछ इलाकों में भी अगले कुछ दिनों के दौरान हल्की बारिश दर्ज हो सकती है। हालांकि इन क्षेत्रों में व्यापक बारिश की संभावना कम है, लेकिन तेज हवाओं और स्थानीय बादलों की गतिविधियों के कारण मौसम में बदलाव महसूस किया जाएगा। विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी राजस्थान में मानसून की सक्रियता पूर्वी हिस्सों की तुलना में कुछ देर से बढ़ सकती है। इसलिए इन क्षेत्रों में शुरुआती दौर में छिटपुट बारिश ही देखने को मिल सकती है।
तेज धूप और उमस के बीच तापमान में आई हल्की गिरावट
पिछले 24 घंटों के दौरान कोटा, उदयपुर और भरतपुर संभाग के कुछ हिस्सों को छोड़कर अधिकांश राजस्थान में मौसम शुष्क बना रहा। बीकानेर, जोधपुर, जयपुर और अजमेर संभाग के अधिकांश जिलों में दिनभर तेज धूप और उमस का असर देखने को मिला। हालांकि कई स्थानों पर तेज हवाएं चलने से अधिकतम तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की गई। इससे लोगों को भीषण गर्मी से कुछ राहत जरूर मिली, लेकिन उमस के कारण असहज मौसम बना रहा।
कोटा संभाग में दर्ज हुई सबसे अधिक बारिश
मंगलवार को राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। कोटा जिले के मंडाना क्षेत्र में सबसे अधिक 30 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा पीपल्दा में 9 मिलीमीटर, झालावाड़ के बाकनी में 13 मिलीमीटर, धौलपुर के बसेड़ी में 12 मिलीमीटर और बारां के किशनगंज में 14 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इन क्षेत्रों में बारिश के बाद तापमान में गिरावट देखने को मिली और मौसम सुहावना हो गया। मौसम विभाग का मानना है कि मानसून के आगे बढ़ने के साथ इन इलाकों में वर्षा की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं।
जुलाई में सामान्य से कम बारिश की आशंका क्यों अहम है?
मानसून के आगमन की संभावना के बावजूद मौसम विशेषज्ञों ने जुलाई महीने में सामान्य से कम बारिश होने का अनुमान जताया है। जुलाई राजस्थान के लिए सबसे महत्वपूर्ण वर्षा वाला महीना माना जाता है क्योंकि इसी दौरान खरीफ फसलों की बुवाई बड़े पैमाने पर होती है और जलाशयों में पानी का स्तर बढ़ता है। यदि पूरे महीने बारिश सामान्य से कम रहती है तो इसका असर खेती, पेयजल आपूर्ति और भूजल स्तर पर पड़ सकता है। हालांकि मौसम विभाग लगातार मानसून की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है और आने वाले दिनों में पूर्वानुमान के अनुसार अपडेट जारी करता रहेगा।
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