Good news for Haryana's athletes: अब स्पोर्ट्स ग्रेडेशन सर्टिफिकेट पाना हुआ आसान, नौकरियों में मिलेगा फायदाहरियाणा के खिलाड़ियों के लिए खुशखबरी

Good news for Haryana’s athletes: हरियाणा की सैनी सरकार ने सूबे के खेल कोटे और खिलाड़ियों के भविष्य को लेकर एक दूरगामी फैसला लिया है। खेल एवं युवा मामले विभाग की ओर से जारी ताजा गजट अधिसूचना के अनुसार, राज्य सरकार ने अपनी स्पोर्ट्स ग्रेडेशन नीति में बड़ा संशोधन करते हुए ‘हरियाणा ओलंपिक गेम्स’ को आधिकारिक तौर पर मान्यता दे दी है।

सरकार का यह कदम खेल मैदानों से लेकर सरकारी दफ्तरों तक में एक बड़ा बदलाव लाने वाला है, क्योंकि अब इन खेलों में पसीना बहाने वाले खिलाड़ियों के प्रदर्शन को भी स्पोर्ट्स ग्रेडेशन सर्टिफिकेट (Sports Gradation Certificate) के लिए वैध माना जाएगा। विशेष बात यह है कि यह नया नियम 1 नवंबर 2025 की पिछली तारीख से प्रभावी कर दिया गया है।

नौकरियों और खेल कोटे का खुलेगा रास्ता, हर साल 5 हजार युवाओं को सीधा लाभ

खिलाड़ियों के लिए स्पोर्ट्स ग्रेडेशन सर्टिफिकेट महक एक कागज का टुकड़ा नहीं, बल्कि उनका भविष्य तय करने वाला सबसे अहम दस्तावेज है। इसी सर्टिफिकेट के दम पर राज्य के युवाओं को सरकारी नौकरियों में खेल कोटा, पुलिस व अन्य विभागों की सीधी भर्तियों में प्राथमिकता और विभिन्न सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिलता है।

अब तक हरियाणा ओलंपिक गेम्स के प्रदर्शन को इस सूची से बाहर रखा गया था, जिससे सैकड़ों प्रतिभावान खिलाड़ी पात्रता से वंचित रह जाते थे। इस नीतिगत बदलाव के बाद अब हर साल सूबे के करीब पांच हजार एथलीटों को सीधा फायदा पहुंचेगा और उनके रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

इन प्रतियोगिताओं को मिला आधिकारिक दर्जा, केवल मान्यता प्राप्त खेल ही होंगे शामिल

संशोधित नीति के तहत सरकार ने वर्ष 2018 की गाइडलाइन में बदलाव कर ‘श्रेणी-13’ जोड़ी है। अब हरियाणा ओलंपिक संघ द्वारा आयोजित हरियाणा स्टेट गेम्स, स्टेट चैंपियनशिप, हरियाणा स्टेट वूमेन स्पोर्ट्स, खेल महाकुंभ और ग्रामीण एवं पंचायत खेलों में मेडल जीतने या हिस्सा लेने वालों को ग्रेडेशन का हक मिलेगा।

हालांकि, सरकार ने यह साफ कर दिया है कि यह नियम केवल उन्हीं खेलों पर लागू होगा जो अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक चार्टर, भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) या वैश्विक खेल निकायों से मान्यता प्राप्त हैं। बिना मान्यता वाले पारंपरिक या स्थानीय खेलों को इस कोटे में जगह नहीं दी जाएगी।

जसविंदर सिंह ‘मीनू’ बेनीवाल के प्रयासों को सफलता, खेल संस्कृति को मिलेगी नई ताकत

खेल गलियारों में इस फैसले को हरियाणा ओलंपिक संघ के अध्यक्ष कैप्टन जसविंदर सिंह ‘मीनू’ बेनीवाल के लंबे संघर्ष और प्रयासों की बड़ी जीत के रूप में देखा जा रहा है। संघ काफी समय से मांग कर रहा था कि राज्य स्तरीय बहु-खेल प्रतियोगिताओं को भी वह दर्जा मिले जो दूसरी बड़ी लीग्स को हासिल है।

फैसले के बाद मीनू बेनीवाल ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और खेल मंत्री गौरव गौतम का आभार जताते हुए कहा कि इससे जिला और राज्य स्तर पर प्रतिस्पर्धा और कड़ी होगी। खेल विशेषज्ञों का भी मानना है कि इस प्रोत्साहन से जमीनी स्तर पर छिपी हुई खेल प्रतिभाएं समय रहते सामने आ सकेंगी।