Yamunanagar news: यमुनानगर में सरकारी संपत्तियों पर बरसों से कुंडली मारकर बैठे भू-माफिया और अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ प्रशासन ने अब कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। दादूपुर पुल के समीप सिंचाई विभाग की एक टीम भारी पुलिस बल और जेसीबी मशीनों के साथ पहुंची और सड़क किनारे अवैध रूप से स्थापित करीब 15 खोखों को ताश के पत्तों की तरह ढहा दिया।
विभाग की इस सख्त कार्रवाई के दौरान पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। जैसे ही ‘पीला पंजा’ चलना शुरू हुआ, कई छोटे दुकानदार अपने सामान को बचाने की जद्दोजहद करते नजर आए, तो कुछ ने प्रशासनिक टीम के सामने इस कार्रवाई का पुरजोर विरोध किया।
30 साल पुराना आशियाना उजड़ने का दावा; पाई-पाई को मोहताज हुए गरीब रेहड़ी-पटरी वाले
इस प्रशासनिक कार्रवाई ने उन गरीब परिवारों के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा कर दिया है, जो कई दशकों से इस पटरी पर आश्रित थे। रोष जता रहे स्थानीय दुकानदारों का कहना था कि वे पिछले करीब 30 वर्षों से इसी जगह पर अपने छोटे-मोटे खोखे लगाकर ईमानदारी से अपने परिवार का पेट पाल रहे थे। बिना किसी ठोस वैकल्पिक व्यवस्था के अचानक किए गए इस डिमोलिशन से उन्हें गहरा वित्तीय आघात लगा है। दुकानदारों के मुताबिक, इस कार्रवाई के कारण प्रत्येक खोखा संचालक को करीब 30-30 हजार रुपये का सीधा नुकसान उठाना पड़ा है, जिसकी भरपाई कर पाना उनके लिए फिलहाल मुमकिन नहीं है।
2024 से थमाए जा रहे थे नोटिस, मुनादी के बाद भी नहीं जागे कब्जाधारी: एसडीओ
दूसरी ओर, इस पूरी कार्रवाई को नियमानुसार ठहराते हुए सिंचाई विभाग के एसडीओ अजय कटारिया ने दो टूक शब्दों में कहा कि विभाग ने कोई भी कदम रातों-रात या दुर्भावना से प्रेरित होकर नहीं उठाया है। उन्होंने दस्तावेजों का हवाला देते हुए बताया कि विभाग वर्ष 2024 से ही इन अवैध कब्जाधारियों को लगातार लिखित नोटिस जारी कर सरकारी जमीन खाली करने की हिदायत दे रहा था।
विभाग की संवेदनशीलता यहीं खत्म नहीं हुई; अधिकारी के मुताबिक, महज चार दिन पहले भी पूरे अमले ने इलाके में बकायदा लाउडस्पीकर से मुनादी करवाकर लोगों को स्वयं अपना सामान हटा लेने की आखिरी चेतावनी दी थी। इसके बावजूद जब किसी ने जगह खाली नहीं की, तब जाकर कानूनन यह कार्रवाई अमल में लाई गई।
पक्की दुकानों पर भी मंडराया संकट; विभाग ने दिया 15 दिन का आखिरी अल्टीमेटम
सिंचाई विभाग ने यह भी साफ कर दिया है कि यह अभियान महज छोटे खोखे-रेहड़ियों तक ही सीमित नहीं रहने वाला है। एसडीओ अजय कटारिया ने स्पष्ट लहजे में चेतावनी दी कि दादूपुर पुल के आसपास विभाग की बेशकीमती जमीन पर जिन रसूखदारों ने पक्की दुकानें और व्यावसायिक ढांचे खड़े कर लिए हैं, उन्हें भी 15 दिनों का अंतिम नोटिस तामील करा दिया गया है।
यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर इन पक्के अतिक्रमणों को स्वेच्छा से नहीं हटाया गया, तो पखवाड़े भर बाद वहां भी इससे कहीं अधिक आक्रामक तरीके से बुलडोजर चलाया जाएगा। इस सख्त संदेश के बाद से ही क्षेत्र के रसूखदार कब्जाधारियों में भी हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।

