NIA Raid Jalandhar : राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने पंजाब के जालंधर में एक बार फिर बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। शहर के पॉश इलाके गढ़ा के न्यू हरदयाल नगर में शनिवार देर शाम एनआईए की टीम ने अचानक दबिश दी। इस गोपनीय कार्रवाई से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
स्थानीय थाना-7 की पुलिस के मुताबिक, एनआईए की टीम ने यहां दो अलग-अलग घरों पर पहुंचकर साल 2021 के एक पुराने मामले से जुड़े कानूनी नोटिस सर्व किए हैं। हालांकि केंद्रीय एजेंसी से जुड़ा मामला होने के कारण स्थानीय पुलिस इस पर खुलकर कुछ भी बोलने से बचती नजर आई।
तीन घंटे तक चली मैराथन जांच, कई दस्तावेज बरामद
विश्वसनीय सूत्रों के हवाले से यह बात सामने आई है कि एनआईए की यह रेड बेहद खूफिया तरीके से प्लान की गई थी। टीम के अधिकारी जब न्यू हरदयाल नगर के इन मकानों में दाखिल हुए, तो वे करीब तीन घंटे तक वहीं डटे रहे। इस दौरान घर की बारीकी से तलाशी ली गई और कुछ अहम दस्तावेज भी टीम अपने साथ ले गई है। मीडिया की पैनी नजरों से बचने के लिए छापेमारी के दौरान आसपास भारी पुलिस बल तैनात करने की चर्चाएं भी गर्म रहीं, ताकि कोई बाहरी व्यक्ति अंदर की गतिविधियों तक न पहुंच सके।
पूर्व जत्थेदार जसबीर रोडे के परिवार से जुड़े हैं तार
जांच के दायरे में आए ये घर किसी और के नहीं, बल्कि पूर्व जत्थेदार जसबीर सिंह रोडे के परिवार से जुड़े बताए जा रहे हैं। गौरतलब है कि जसबीर सिंह रोडे के भाई लखबीर सिंह रोडे का नाम लंबे समय से देशविरोधी गतिविधियों में आता रहा है, जो फिलहाल पाकिस्तान में बैठकर इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन की कमान संभाल रहा है।
इससे पहले भी अगस्त 2021 में एनआईए ने इसी ठिकाने पर रेड की थी। उस दौरान लखबीर सिंह के बेटे गुरमुख सिंह रोडे के पास से भारी मात्रा में टिफिन बम और ग्रेनेड बरामद हुए थे, जिन्हें पंजाब के अलग-अलग हिस्सों में दहशत फैलाने के लिए भेजा गया था।
पंजाब में बम मिलने की पुरानी कड़ियों को जोड़ रही एजेंसी
एनआईए की यह ताजा कार्रवाई पिछले कुछ वर्षों के दौरान पंजाब के विभिन्न इलाकों में मिले विस्फटकों और बमों की पहेली को सुलझाने से जुड़ी हुई है। करीब 5 साल पहले अमृतसर-जालंधर जीटी रोड पर हंबोवाल अंडरपास के पास भी एक संदिग्ध बम मिला था, जिसकी जांच की आंच कई संदिग्ध चेहरों तक पहुंची थी।
जालंधर के इन मकानों में हुई रेड यह साबित करती है कि केंद्रीय एजेंसियां उस आतंकी मॉड्यूल की जड़ों को खंगालने में जुटी हैं, जिसके जरिए पंजाब के अमन-चैन को बिगाड़ने की साजिश रची गई थी। बहरहाल, इस कार्रवाई के बाद से एक बार फिर सियासी और प्रशासनिक गलियारों में सुगबुगाहट तेज हो गई है।

