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Guru Brahmanand Girls College: अंजनथली कन्या महाविद्यालय की बेटियों ने संभाली कमान, पर्यावरण दिवस पर निकाली जोरदार जागरूकता रैली

GGaganpreet Kaur
अंजनथली कन्या महाविद्यालय की बेटियों ने संभाली कमान, पर्यावरण दिवस पर निकाली जोरदार जागरूकता रैली
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नीलोखेड़ी (महाबीर मैहला)। आज जब पूरी दुनिया ग्लोबल वार्मिंग और मौसम के बदलते मिजाज से परेशान है, तब पर्यावरण को बचाने की सबसे मजबूत गूंज युवाओं और खास तौर पर बेटियों की तरफ से सुनाई दे रही है। नीलोखेड़ी के अंजनथली गांव में स्थित गुरु ब्रह्मानंद कन्या महाविद्यालय में विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। कॉलेज की एनएसएस यूनिट ने इस दिन को महज एक औपचारिक आयोजन तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे एक सामाजिक चेतना के उत्सव में बदल दिया। हाथों में तख्तियां और जुबां पर पर्यावरण की रक्षा के नारे लिए जब कॉलेज की बेटियां सड़कों पर उतरीं, तो पूरा इलाका उनके इस जज्बे को सराहने से खुद को रोक नहीं पाया।

परिसर में हरियाली की नींव, प्राध्यापिका ने भेंट किए 11 पौधे

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कार्यक्रम की शुरुआत कॉलेज के प्राचार्य आचार्य डॉ. बलबीर सिंह और एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. पिंकी कादियान की देखरेख में हुई। सबसे पहले छात्राओं ने कॉलेज कैंपस के विभिन्न हिस्सों में फलदार और छायादार पौधे रोपे। इस मुहिम को और खूबसूरत बनाया शहीद ऊधम सिंह गवर्नमेंट कॉलेज से आईं एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. मीरा कश्यप ने, जिन्होंने पर्यावरण के प्रति अपनी कटिबद्धता दिखाते हुए कॉलेज को 11 फलदार पौधे उपहार स्वरूप दिए। पौधे सौंपते हुए उन्होंने कहा कि आज लगाया गया एक छोटा सा पौधा आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ हवा और सेहतमंद कल देने का सबसे बड़ा जरिया है।

“वृक्ष ही इस धरती के फेफड़े हैं”— डॉ. बलबीर सिंह

छात्राओं और स्टाफ को संबोधित करते हुए प्राचार्य डॉ. बलबीर सिंह ने बेहद तार्किक और गंभीर बात कही। उन्होंने कहा, “जैसे हमारे शरीर को सांस लेने के लिए फेफड़ों की जरूरत होती है, ठीक वैसे ही ये पेड़ हमारी पृथ्वी के फेफड़े हैं। इनके बिना मानव जीवन की कल्पना ही बेमानी है।” उन्होंने हर नागरिक से अपने जीवन के किसी भी खास दिन पर एक पौधा लगाने की अपील की। वहीं डॉ. पिंकी कादियान ने स्वयंसेविकाओं को सीख दी कि पौधारोपण करना सिर्फ फोटो खिंचवाने या एक दिन की रस्म निभाने का काम नहीं है; हमारी असली नैतिक जिम्मेदारी तो तब शुरू होती है जब हम उस नन्हे पौधे को एक मजबूत दरख्त बनने तक सींचते हैं।

नारों की गूंज से जगाया समाज, लिया प्लास्टिक मुक्ति का संकल्प

पौधारोपण के बाद कॉलेज से एक विशाल जागरूकता रैली रवाना हुई। ग्रामीण अंचल की गलियों से गुजरते हुए छात्राओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को आगे बढ़ाया। “पेड़ लगाओ-पर्यावरण बचाओ”, “प्लास्टिक हटाओ-प्रकृति बचाओ” और “जल है तो कल है” जैसे नारों के जरिए बेटियों ने ग्रामीणों को पॉलीथीन का इस्तेमाल बंद करने और पानी की एक-एक बूंद सहेजने के लिए प्रेरित किया।

इस पूरे अभियान में कॉलेज के शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक स्टाफ ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस मौके पर डॉ. उषा रानी, डॉ. आरती भटनागर, अंजू बाला, डॉ. सुलोचना, कोमल दीनदयाल, डिम्पल पांचाल, दलवीर कौर समेत पूरा स्टाफ मौजूद रहा, जिन्होंने कार्यक्रम के अंत में प्रकृति को प्रदूषण मुक्त बनाने की सामूहिक शपथ ली।

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