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Guru Arjan Dev Shaheedi Purv Nilokheri: नीलोखेड़ी गुरुद्वारा साहिब में गुरु अर्जन देव जी का शहीदी पर्व, ठंडे-मीठे पानी की छबील लगाकर राहगीरों की सेवा

GGaganpreet Kaur
नीलोखेड़ी गुरुद्वारा साहिब में गुरु अर्जन देव जी का शहीदी पर्व, ठंडे-मीठे पानी की छबील लगाकर राहगीरों की सेवा
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नीलोखेड़ी (महाबीर मैहला)। कुरुक्षेत्र के नजदीकी कस्बे नीलोखेड़ी में पंचम पातशाही श्री गुरु अर्जन देव जी के शहीदी दिवस पर धार्मिक आस्था का अनूठा माहौल देखने को मिला। स्थानीय श्री गुरु सिंह सभा गुरुद्वारे में आयोजित इस समागम में तड़के से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़नी शुरू हो गई थी। पूरा गुरुद्वारा परिसर ‘जो बोले सो निहाल’ के जयकारों और गुरुबाणी के पवित्र शबदों से गुंजायमान रहा। इस पावन दिहाड़े पर दो दिन पहले रखे गए श्री अखंड पाठ साहिब का पूरी मर्यादा के साथ भोग लगाया गया, जिसके बाद देश और दुनिया में अमन-चैन व सर्वबत के भले की अरदास की गई।

स्त्री सत्संग ने किया पाठ, कथावाचक ने समझाया शहादत का दर्शन

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धार्मिक दीवान की शुरुआत स्त्री सत्संग सभा द्वारा सुखमणि साहिब के सामूहिक पाठ के साथ हुई। इसके बाद कुरुक्षेत्र से विशेष रूप से पधारे सुप्रसिद्ध कथावाचक ज्ञानी गुरदास सिंह ने संगत के बीच गुरु साहिब के जीवन दर्शन को रखा। उन्होंने बेहद भावुक शब्दों में बताया कि किस तरह गुरु अर्जन देव जी ने सत्य, मानवता और धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए जहांगीर के शासनकाल में हंसते-हंसते गर्म तवे पर बैठकर अपनी शहादत दी, लेकिन सी तक नहीं की। उन्होंने कहा कि गुरु साहिब की शिक्षाएं और उनका त्याग आज के भटके हुए समाज को सही रास्ता दिखाने के लिए सबसे बड़ा प्रेरणास्रोत हैं।

कीर्तन की स्वर लहरियों से भावविभोर हुई संगत

कथा के उपरांत गुरुद्वारा साहिब के हेड ग्रंथी भाई जोगिंदर सिंह और उनके साथी कीर्तनी जत्थे ने अपनी मधुर आवाज में वैराग्यमयी कीर्तन प्रस्तुत किया। रागियों ने जब गुरु साहिब की महिमा और उनके उपदेशों को सुरों में पिरोया, तो पंडाल में बैठे श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। दोपहर तक चले इस दीवान में संगत ने बड़े ही शांतचित्त होकर गुरु इतिहास का श्रवण किया।

तपती धूप में राहगीरों को पिलाया मीठा जल, कड़ा प्रसाद का अटूट लंगर

इस शहीदी पर्व की सबसे खास बात रही गुरुद्वारे के बाहर लगी मीठे पानी की छबील। जून की इस झुलसाने वाली गर्मी में सेवादारों ने सड़क से गुजरने वाले हर राहगीर, बस यात्रियों और वाहन चालकों को रोक-रोककर पूरी श्रद्धा के साथ ठंडा और मीठा पानी पिलाया। इसके साथ ही संगत के बीच छोले और कड़ा प्रसाद का वितरण भी लगातार जारी रहा। सेवा और सिमरन का यह सिलसिला देर शाम तक चलता रहा।

समाज के प्रबुद्ध लोग रहे मौजूद

इस पूरे आयोजन को सफल बनाने में गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के पदाधिकारियों ने अहम भूमिका निभाई। समागम के दौरान मुख्य रूप से श्री गुरु सिंह सभा के प्रधान हरप्रीत सिंह, उप-प्रधान हरदमन सिंह, सचिव सुखविंदर सिंह, कैशियर सुरेंद्र सिंह, जसबीर सिंह ऑटो, अरविंद सिंह सग्गू, अशोक सिंह हांडा, सुखदेव सिंह भट्टी और जितेंद्र सिंह सहित इलाके की सिख संगत और कई अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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