September 25, 2026

गडकरी बोले- ट्रांसपोर्ट से 40% एयर पॉल्यूशन, MP में 351 बसों से शुरू हुई नई परिवहन सेवा

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गडकरी बोले- ट्रांसपोर्ट से 40% एयर पॉल्यूशन, MP में 351 बसों से शुरू हुई नई परिवहन सेवा

MP में 21 साल बाद सरकारी बस सेवा शुरू

Nitin Gadkari speech: मध्यप्रदेश में 21 साल बाद सरकारी बस सेवा फिर शुरू हो गई है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को भोपाल के भेल दशहरा मैदान से 351 बसों के साथ मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की शुरुआत की। भोपाल और इंदौर समेत प्रदेश के 7 शहरों में इंटरसिटी और इंट्रासिटी बसें चलेंगी, जिनमें 180 इलेक्ट्रिक बसें शामिल हैं। सरकार ने पहले साल 1,500 बसें चलाने का लक्ष्य रखा है। वर्ष 2031 तक सरकारी बसों का बेड़ा बढ़ाकर 15 हजार करने की योजना है। इससे शहरों के बीच सफर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों को भी सार्वजनिक परिवहन से जोड़ने की योजना है।

कार्यक्रम में नितिन गडकरी ने कहा कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बेहतर बनाना सरकार के विजन का हिस्सा है। उन्होंने ट्रांसपोर्ट सुधार के लिए बनाए गए 5 एजेंडे का जिक्र किया, जिसमें क्लीन ट्रांसपोर्ट को पहला एजेंडा बताया। गडकरी ने कहा कि देश के एयर पॉल्यूशन में करीब 40 प्रतिशत हिस्सेदारी ट्रांसपोर्ट सेक्टर की है। उन्होंने कहा, “प्रदूषण के लिए मैं जिम्मेदार हूं। MP में प्रदूषण के लिए CM मोहन जिम्मेदार हैं।” गडकरी ने बसों की गुणवत्ता को लेकर भी कार्यक्रम में मौजूद ऑल इंडिया बस एंड कार कन्फेडरेशन के प्रेसिडेंट प्रसन्ना पटवर्धन को सख्त लहजे में चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि बसों के स्टैंडर्ड में अभी सुधार की जरूरत है और कंपनियों को गुणवत्ता बेहतर करनी होगी।

गडकरी ने प्रसन्ना पटवर्धन से कहा कि अभी भी बसें तय मानकों के मुताबिक नहीं बनी हैं। उन्होंने कंपनियों से बसों की गुणवत्ता सुधारने को कहा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “नहीं तो जैसे कॉन्ट्रैक्टर्स को रगड़ने का काम करता हूं, वैसे आपके क्षत्रपों को रगड़ूंगा।” गडकरी का यह बयान नई बस सेवा के साथ बसों की गुणवत्ता और सार्वजनिक परिवहन के मानकों पर भी सरकार के जोर को दिखाता है। नई सेवा में सुरक्षा और रियल टाइम मॉनिटरिंग जैसी सुविधाएं शामिल की गई हैं।

 

 

21 साल बाद सरकारी बस सेवा की वापसी

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान राज्य परिवहन की बस सेवा बंद हो गई थी और 21 साल का समय काफी लंबा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में 5 लाख किलोमीटर से ज्यादा सड़कें बन चुकी हैं और अब बसों के जरिए गांवों को भी जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री ने 75 प्रतिशत ग्राम पंचायतों तक कनेक्टिविटी पहुंचाने का लक्ष्य बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री ई-बस और मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की शुरुआत का जिक्र करते हुए राहुल गांधी पर भी राजनीतिक टिप्पणी की। मोहन यादव ने BRTS के जंगले हटाने और यूनियन कार्बाइड के कचरे के निष्पादन का भी जिक्र किया। ये दोनों मुद्दे भोपाल से जुड़े रहे हैं और राज्य सरकार की ओर से इन्हें सार्वजनिक सुविधाओं और शहर की व्यवस्था से जुड़े कार्यों के रूप में प्रस्तुत किया गया।

मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत सभी बसों का संचालन भोपाल से होगा। यात्रियों के लिए किराया ₹2 प्रति किलोमीटर तय किया गया है और बस सेवा निजी ऑपरेटरों के साथ PPP मॉडल पर संचालित होगी। सरकार ने बस संचालन में विज्ञापन और कार्गो से अतिरिक्त आय की व्यवस्था भी रखी है। बसों में सुरक्षा सुविधाओं के साथ रियल टाइम मॉनिटरिंग की व्यवस्था होगी, जिससे संचालन और यात्रियों की सुरक्षा पर नजर रखी जा सकेगी। 351 बसों में इंदौर को 145, भोपाल को 106, जबलपुर को 67, रीवा को 18, देवास को 10, कटनी को 3 और भिंड को 2 बसें मिली हैं। इन शहरों में जरूरत के अनुसार इंटरसिटी और इंट्रासिटी दोनों तरह की सेवाएं संचालित होंगी।

 

 

180 इलेक्ट्रिक बसें, आधुनिक तकनीक से लैस

नई बस सेवा में 180 इलेक्ट्रिक बसें शामिल हैं। ईजी ग्रीन मोबिलिटी की 12 मीटर इलेक्ट्रिक बसों में प्रीमियम सीटिंग, एयर वेंट, पर्याप्त लेगरूम और सुविधाजनक एंट्री जैसी सुविधाएं दी गई हैं। इन बसों में 423.9 kWh की LFP बैटरी लगाई गई है। ब्रेकिंग और ड्राइविंग सुरक्षा के लिए EBS-ESC सिस्टम, आरामदायक सफर के लिए ECAS एयर सस्पेंशन और स्टीयरिंग के लिए EHPS तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।

परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने सरकारी बस सेवा की वापसी को परिवहन क्षेत्र के लिए मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि 21 साल पहले बंद हुई सेवा फिर शुरू हो रही है और बस मालिकों के हितों से टकराव नहीं होगा। कांग्रेस के ‘खटारा बसों की शुरुआत’ वाले बयान पर परिवहन मंत्री ने कहा कि यह बस मालिकों का अपमान है। सरकार का कहना है कि नई सेवा में आधुनिक बसों के साथ सुरक्षा और तकनीकी सुविधाओं पर भी ध्यान दिया गया है। PWD मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि पहले सरकारी बसों का मतलब मजबूरी में यात्रा करने से लगाया जाता था। अब शुरू की गई बस सेवा को उन्होंने प्रदेश में कनेक्टिविटी बढ़ाने की पहल बताया और कहा कि वे खुद भी इन बसों में सफर कर चुके हैं।

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