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डिजिटल सुरक्षा पर एनएसएस का जागरूकता अभियान, साइबर खतरों से सतर्क रहने का संदेश

VVinita Kohli
डिजिटल सुरक्षा पर एनएसएस का जागरूकता अभियान, साइबर खतरों से सतर्क रहने का संदेश
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चंडीगढ़: डिजिटल सुरक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में अहम पहल करते हुए राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई ने के सहयोग से डीएवी कॉलेज परिसर में साइबर अपराध जागरूकता अभियान आयोजित किया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों और शिक्षकों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर डिजिटल युग की चुनौतियों को समझा। मुख्य अतिथि के रूप में साइबर क्राइम के डीएसपी ए. वेंकटेश उपस्थित रहे। उनके साथ साइबर विशेषज्ञ करण सोनी ने भी छात्रों को संबोधित किया। वक्ताओं ने ऑनलाइन धोखाधड़ी, पहचान की चोरी, फिशिंग, डाटा उल्लंघन और डिजिटल शोषण जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध अब केवल तकनीकी मुद्दा नहीं, बल्कि सामाजिक वास्तविकता बन चुका है, इसलिए हर नागरिक को जागरूक और सतर्क रहना होगा।

कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. मोना नारंग ने अपने संबोधन में कहा कि शैक्षणिक संस्थानों की जिम्मेदारी है कि वे विद्यार्थियों को सिर्फ किताबों तक सीमित न रखें, बल्कि उन्हें सुरक्षित और जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बनने की समझ भी दें। उन्होंने जोर देकर कहा कि जागरूकता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है। अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों को सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार, नैतिक डिजिटल आचरण और साइबर अपराधों के कानूनी परिणामों से अवगत कराना था। एनएसएस कार्यक्रम अधिकारियों डॉ. मनमिंदर सिंह आनंद, डॉ. राघव खन्ना, डॉ. योग्याता और डॉ. कश्मा के समन्वय में आयोजित इस कार्यक्रम को स्वयंसेवकों ने अनुशासन और समर्पण के साथ सफल बनाया। समापन पर विद्यार्थियों को संदेश दिया गया कि वे सजग, जागरूक और जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बनें—क्योंकि डिजिटल युग में जागरूकता ही सुरक्षा की पहली पंक्ति है।

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