नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने साफ कहा कि देश में एकीकृत KYC सिस्टम की अब सख्त जरूरत है। उन्होंने बताया कि ‘वन नेशन, वन KYC’ लागू होने से लोगों को बैंक, बीमा, म्यूचुअल फंड और शेयर बाजार जैसी सेवाओं के लिए बार-बार KYC नहीं करना पड़ेगा। इससे आम निवेशकों और ग्राहकों का समय और मेहनत दोनों बचेंगे।
SEBI को सौंपी गई अहम जिम्मेदारी
वित्त मंत्री ने इस पहल का नेतृत्व भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड को देने की बात कही। उन्होंने कहा कि SEBI के पास मजबूत डिजिटल सिस्टम, निवेशकों का बड़ा आधार और भरोसेमंद ढांचा है, जिससे यह काम तेजी से आगे बढ़ाया जा सकता है। यह बयान SEBI के 38वें स्थापना दिवस कार्यक्रम में दिया गया।
बार-बार KYC से आम लोगों की बढ़ी दिक्कत
अभी हालात ऐसे हैं कि अगर कोई व्यक्ति बैंक खाता खोलता है, म्यूचुअल फंड में निवेश करता है या बीमा लेता है, तो हर बार अलग KYC प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती है। इससे खासकर छोटे शहरों और NCR के आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों को ज्यादा परेशानी होती है, जहां डिजिटल सुविधाएं हर जगह समान नहीं हैं।
सरकार पहले से इस दिशा में काम कर रही है, लेकिन सभी नियामक संस्थाओं के बीच तालमेल की कमी के कारण यह सिस्टम पूरी तरह लागू नहीं हो सका है।
डिजिटल और सुरक्षित सिस्टम पर जोर
वित्त मंत्री ने कहा कि नया KYC सिस्टम पूरी तरह डिजिटल, सुरक्षित और पोर्टेबल होना चाहिए। इसका मतलब यह होगा कि एक बार किया गया KYC हर प्लेटफॉर्म पर मान्य होगा। इससे निवेशकों को बेहतर अनुभव मिलेगा और वित्तीय सेवाओं तक पहुंच आसान हो जाएगी।
सभी संस्थाओं को साथ आने की जरूरत
सरकार का मानना है कि ‘वन नेशन, वन KYC’ को सफल बनाने के लिए सभी नियामक संस्थाओं और वित्तीय संगठनों को मिलकर काम करना होगा। वित्त मंत्री ने संकेत दिया कि अब इस दिशा में तेजी से कदम उठाए जाएंगे, ताकि लोगों को अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर बार-बार KYC करने की परेशानी खत्म हो सके।

