Breaking News
Magha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं कियाMagha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं किया

Panchkula Cyber Fraud: ऑनलाइन सीमेंट मंगाना पड़ा महंगा, पंचकूला के साइट मैनेजर से ₹2.43 लाख की ठगी

AAmandeep Singh
Panchkula Cyber Fraud: ऑनलाइन सीमेंट मंगाना पड़ा महंगा, पंचकूला के साइट मैनेजर से ₹2.43 लाख की ठगी
शेयर करें
AI Quick Summary

Want to save time? Let our AI read the article and give you 3 quick bullet points.

Listen to this article
AUDIO VERSION

पंचकूला। डिजिटल इंडिया के इस दौर में जहां एक क्लिक पर हर सुविधा घर बैठे मिल रही है, वहीं साइबर अपराधी भी इसी तकनीक को अपना सबसे बड़ा हथियार बना रहे हैं। ताजा मामला पंचकूला का है, जहां पिंजौर की धर्मपुर कॉलोनी के रहने वाले 48 वर्षीय रजनीश शर्मा ठगी का शिकार हो गए। रजनीश ‘सोलिटेयर फार्मेसिया प्राइवेट लिमिटेड’ में बतौर साइट मैनेजर काम करते हैं। इन दिनों पंचकूला के सेक्टर-20 में उनकी कंपनी के तीन शोरूमों का निर्माण कार्य चल रहा था, जिसके लिए उन्हें भारी मात्रा में सीमेंट की जरूरत थी। इसी जरूरत को पूरा करने के लिए उन्होंने इंटरनेट पर अल्ट्राटेक सीमेंट कंपनी के आधिकारिक चैनल से ऑनलाइन संपर्क साधने की कोशिश की, जो बाद में उनके लिए गले की फांस बन गई।

सुमित सिंह बनकर आया फोन, कोटक महिंद्रा बैंक का थमाया खाता

विज्ञापन

ऑनलाइन इंक्वायरी ड्रॉप करने के कुछ ही देर बाद रजनीश के मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने अपना नाम सुमित सिंह बताया और खुद को कंपनी का अधिकृत सीमेंट सप्लायर घोषित कर दिया। रजनीश को रत्ती भर भी शक न हो, इसलिए शातिर ठग ने व्हाट्सएप पर 640 बैग सीमेंट का बकायदा एक प्रॉफार्मा इनवॉइस (बिल) और कंपनी के जाली लेटरहेड पर कोटेशन भेज दी। इसके साथ ही उसने भुगतान के लिए कोटक महिंद्रा बैंक की भिवानी शाखा का एक अकाउंट नंबर सांझा किया और जल्द से जल्द पैसे ट्रांसफर करने को कहा ताकि माल समय पर साइट पर डिलीवर हो सके।

एनईएफटी (NEFT) से भेजी रकम, फिर शुरू हुआ डिमांड का सिलसिला

सप्लायर के झांसे में आकर रजनीश ने अपनी कंपनी के एचडीएफसी (HDFC) बैंक खाते से ₹2.43 लाख की राशि एनईएफटी के जरिए आरोपियों द्वारा बताए गए भिवानी के खाते में ट्रांसफर कर दी। खेल यहीं खत्म नहीं हुआ; रकम खाते में आते ही आरोपी की नीयत और बढ़ गई। उसने रजनीश को दोबारा फोन घुमाया और कहा कि गाड़ी का पूरा लोड (चालान) तैयार नहीं हो पा रहा है, इसलिए उन्हें 200 बैग सीमेंट का ऑर्डर और बढ़ाना होगा। जालसाज की बातों में आकर पीड़ित ने ₹58,000 की एक और किस्त उसके खाते में जमा करवा दी।

जब टैक्स और सिक्योरिटी के नाम पर मांगे पैसे, तब खुली आंखें

अगले दिन जब निर्माण स्थल पर सीमेंट से लदा ट्रक नहीं पहुंचा, तो रजनीश ने सप्लायर सुमित को फोन किया। इस बार आरोपी ने नया पैंतरा चलते हुए कहा कि गाड़ी रास्ते में है, लेकिन टैक्स और सिक्योरिटी क्लीयरेंस के नाम पर ₹1.10 लाख और जमा कराने होंगे। बार-बार पैसों की मांग होने पर रजनीश के कान खड़े हुए और उन्हें धोखाधड़ी का अहसास हो गया। उन्होंने और पैसे देने से साफ इनकार करते हुए अपनी पुरानी रकम वापस मांगी। आरोपियों ने पकड़े जाने के डर से शाम तक पैसे रिफंड करने का झूठा भरोसा दिया और फिर अपना मोबाइल फोन बंद कर लिया।

साइबर थाने में मुकदमा दर्ज, खातों को फ्रीज कराने की कवायद

अपने स्तर पर ठगी का अहसास होने के बाद पीड़ित मैनेजर ने बिना वक्त गंवाए तुरंत भारत सरकार की साइबर हेल्पलाइन ‘1930’ पर कॉल कर मामले की शिकायत दर्ज कराई। प्राथमिक जांच और तकनीकी विश्लेषण के बाद पंचकूला के सेक्टर-20 स्थित साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(2), 318(4) और 61(2) के तहत धोखाधड़ी और साजिश का आपराधिक मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अब उस बैंक खाते की डिटेल निकाल रही है जिसमें पैसे ट्रांसफर हुए थे, ताकि समय रहते रकम को फ्रीज कराया जा सके और आरोपियों के मोबाइल टावर लोकेशन के जरिए उन तक पहुंचा जा सके।

विज्ञापन

पंचकूला की और ख़बरें

ताज़ा ख़बरें सीधे अपने ईमेल पर

जगमार्ग न्यूज़ की बड़ी ख़बरें रोज़ अपने इनबॉक्स में पाएं। मुफ़्त, कभी भी अनसब्सक्राइब करें।