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Panchkula Bomb Test: पंचकूला में गूंजा हाई कैलिबर बम का धमाका, वायु सेना के अफसरों के सामने परीक्षण सफल

AAmandeep Singh
Panchkula Bomb Test: पंचकूला में गूंजा हाई कैलिबर बम का धमाका, वायु सेना के अफसरों के सामने परीक्षण सफल
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पंचकूला। देश की सैन्य ताकत को और अधिक धार देने के सिलसिले में रविवार को हरियाणा के पंचकूला से एक बड़ी और अहम खबर सामने आई। रामगढ़ स्थित रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) की बेहद संवेदनशील इकाई ‘टर्मिनल बैलिस्टिक्स अनुसंधान प्रयोगशाला’ (TBRL) में एक आधुनिक ‘हाई कैलिबर बम’ का परीक्षण किया गया। भारतीय वायु सेना के आला अफसरों की सीधी मौजूदगी और कड़े प्रोटोकॉल के बीच हुआ यह ट्रायल पूरी तरह सटीक और कामयाब रहा। हालांकि, इस महाविस्फोट की तीव्रता को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस महकमे को पहले ही पूरी तरह हाई अलर्ट पर रखना पड़ा था।

डेढ़ किलोमीटर तक छर्रे गिरने की थी आशंका, अभेद्य बना सुरक्षा घेरा

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सैन्य वैज्ञानिकों और तकनीकी टीम को इस बात का पहले से अंदाजा था कि जब यह हाई कैलिबर बम फटेगा, तो इसके अवशेष और घातक टुकड़े (स्प्लिंटर्स) करीब 1.5 किलोमीटर के दायरे में कहीं भी गिर सकते हैं। इसी संभावित खतरे को भांपते हुए टीबीआरएल प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन ने कोई जोखिम नहीं लिया। रेंज के चारों तरफ करीब 2 किलोमीटर के पूरे इलाके को ‘सेंसिटिव जोन’ घोषित कर दिया गया था। इसके साथ ही, सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए वीरान रास्तों और सीमाई इलाकों पर पुलिस का कड़ा पहरा बिठाया गया।

भानू और बिल्ला गांवों में थमी रहीं सांसें, घरों में रहने की थी हिदायत

इस परीक्षण का सबसे ज्यादा असर टीबीआरएल रेंज से सटे भानू और बिल्ला गांवों में देखने को मिला। प्रशासनिक अधिकारियों ने मुनादी और नोटिस के जरिए इन दोनों गांवों के बाशिंदों को पहले ही विशेष रूप से सतर्क कर दिया था। धमाके के निर्धारित समय के दौरान लोगों से घरों के भीतर रहने और सुरक्षा एडवाइजरी का पूरी तरह पालन करने को कहा गया था। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां बैकअप पर थीं, जबकि पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त टीमें खुद पल-पल की स्थिति पर नजर बनाए हुए थीं।

मानकों पर खरा उतरा परीक्षण, नहीं हुई कोई अप्रिय घटना

टीबीआरएल के आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, जैसे ही काउंटडाउन खत्म हुआ और बम को ट्रिगर किया गया, वैसे ही वैज्ञानिकों को बिल्कुल वही डेटा और परिणाम मिले जिसकी वे उम्मीद कर रहे थे। अधिकारियों ने तसल्ली जाहिर करते हुए कहा कि यह परीक्षण पूरी तरह सफल रहा है और इसे तयशुदा अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों के दायरे में ही अंजाम दिया गया है। गनीमत यह रही कि इतने बड़े और संवेदनशील ट्रायल के दौरान क्षेत्र से किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना या नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली, जिसके बाद प्रशासन और स्थानीय ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।

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