Breaking News
Magha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं कियाMagha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं किया

Panchkula MC Scam: पंचकूला निगम घोटाला: 30 करोड़ की आरोपी स्वाति तोमर ने किया सरेंडर, 20 मिनट में हुआ था पैसों का खेल

AAmandeep Singh
पंचकूला निगम घोटाला: 30 करोड़ की आरोपी स्वाति तोमर ने किया सरेंडर, 20 मिनट में हुआ था पैसों का खेल
शेयर करें
AI Quick Summary

Want to save time? Let our AI read the article and give you 3 quick bullet points.

Listen to this article
AUDIO VERSION

पंचकूला।  हरियाणा के पंचकूला नगर निगम में हुए 160 करोड़ रुपये के भारी-भरकम गबन मामले की जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। मामले की एक अहम कड़ी मानी जा रही स्वाति तोमर ने सोमवार को पंचकूला के सेक्टर-23 स्थित एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) के दफ्तर में सरेंडर कर दिया। स्वाति पर आरोप है कि घोटाले की एक बड़ी रकम को ठिकाने लगाने के लिए उसके बैंक खाते का इस्तेमाल किया गया था। लंबे समय से जांच एजेंसियों की रडार पर चल रही स्वाति आखिरकार अपने वकील नीरज के साथ विजिलेंस टीम के समक्ष पेश हुई।

20 मिनट में साफ हो गए 35 करोड़ रुपये

विज्ञापन

स्वाति के वकील नीरज ने मीडिया से बातचीत में एक चौंकाने वाला दावा किया है। उन्होंने कहा कि स्वाति के खाते में लगभग 30 से 35 करोड़ रुपये आए तो जरूर थे, लेकिन वह पैसा महज 20 मिनट से ज्यादा वहां नहीं रुका। वकील के अनुसार, मुख्य साजिशकर्ताओं ने स्वाति को विश्वास में लिया और उसे बताया कि यह सारा पैसा ‘व्हाइट मनी’ है। उसे सब-कॉन्ट्रैक्टर बनाने का लालच दिया गया और धोखे से उससे ब्लैंक चेक साइन करवा लिए गए। बचाव पक्ष का तर्क है कि स्वाति कहीं अंडरग्राउंड नहीं थी, बल्कि कानूनी सलाह लेने के बाद उसने खुद जांच में सहयोग करने का फैसला किया है।

ब्लैंक चेक और ‘सब-कॉन्ट्रैक्टर’ की थ्योरी

जांच एजेंसियों के मुताबिक, नगर निगम के फंड में सेंधमारी कर करोड़ों रुपये निजी बैंक खातों में ट्रांसफर किए गए थे। स्वाति तोमर का खाता इसी चेन का एक हिस्सा था। हालांकि, स्वाति के पक्ष का कहना है कि उसे इस बड़ी साजिश की भनक तक नहीं थी और उसे केवल एक मोहरे की तरह इस्तेमाल किया गया। विजिलेंस अब स्वाति से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि वे ब्लैंक चेक किसने लिए थे और पैसा उसके खाते से निकलकर किन-किन प्रभावशाली लोगों तक पहुंचा।

घोटाले की जड़ें और गिरफ्तारी का सिलसिला

नगर निगम के इस 160 करोड़ के घोटाले ने पूरे हरियाणा प्रशासनिक महकमे में हलचल मचा दी है। इस मामले में अब तक चार लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। एसीबी अधिकारियों का मानना है कि स्वाति तोमर से होने वाली पूछताछ में कुछ बड़े सफेदपोशों और निगम अधिकारियों के नाम सामने आ सकते हैं। फिलहाल, स्वाति को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ की जा रही है ताकि ट्रांजैक्शन की पूरी ट्रेल (रास्ता) साफ हो सके।

विज्ञापन

पंचकूला की और ख़बरें

ताज़ा ख़बरें सीधे अपने ईमेल पर

जगमार्ग न्यूज़ की बड़ी ख़बरें रोज़ अपने इनबॉक्स में पाएं। मुफ़्त, कभी भी अनसब्सक्राइब करें।