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Panchkula Accident: पंचकूला में दर्दनाक हादसा, ड्यूटी पर जा रही महिलाओं की इनोवा खाई में गिरी, युवती की मौत

AAmandeep Singh
Panchkula Accident: पंचकूला में दर्दनाक हादसा, ड्यूटी पर जा रही महिलाओं की इनोवा खाई में गिरी, युवती की मौत
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पंचकूला। हरियाणा के पंचकूला जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। पिंजौर के पहाड़ी इलाके में सोमवार सुबह कामगार महिलाओं से भरी एक तेज रफ्तार इनोवा गाड़ी अनियंत्रित होकर करीब 20 फीट गहरी खाई में जा गिरी। इस भीषण हादसे में गाड़ी के भीतर बैठी एक युवती की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि वाहन चालक समेत सात अन्य महिलाएं गंभीर रूप से जख्मी हो गईं। चीख-पुकार सुनकर मौके पर पहुंचे स्थानीय लोगों और राहगीरों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और घायलों को खाई से बाहर निकालकर नजदीकी अस्पताल पहुंचाया।

बांस के पेड़ों ने रोका रास्ता, वरना हो सकता था और भी भयानक मंजर

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घायलों और चश्मदीदों के मुताबिक, यह हादसा पिंजौर के नौल्टा गांव के पास एक तीखे मोड़ पर हुआ। हिमाचल प्रदेश के परवाणु (कांबली एरिया) में स्थित ‘स्किन कांति’ नामक एक साबुन निर्माता कंपनी में काम करने वाली ये महिलाएं रोज की तरह सुबह अपनी शिफ्ट के लिए निकली थीं।

कंपनी द्वारा मुहैया कराई गई इनोवा गाड़ी जैसे ही नौल्टा के पास पहुंची, ढलान और मोड़ के कारण ड्राइवर अहमद वाहन पर से अपना नियंत्रण खो बैठा। गाड़ी सीधे सड़क से उतरकर खाई में समा गई। गनीमत यह रही कि करीब 20 फीट नीचे जाकर गाड़ी वहां उगे बांस के घने पेड़ों के बीच फंस गई। अगर पेड़ न होते और गाड़ी सीधे पथरीली खाई में नीचे चली जाती, तो शायद एक भी जान नहीं बच पाती।

जीजा के घर रहकर एक महीने पहले ही शुरू की थी नौकरी, पीछे की सीट टूटने से सिर में लगी चोट

इस हादसे ने मांधना ठठर गांव के एक परिवार की खुशियां छीन लीं। हादसे में जान गंवाने वाली युवती की पहचान ऊषा के रूप में हुई है। ऊषा अपनी बहन की ससुराल केदारपुर गांव में आई हुई थी और उसने महज एक महीने पहले ही इस साबुन कंपनी में नौकरी ज्वाइन की थी।

काम पर आने-जाने की सहूलियत के लिहाज से वह केदारपुर में ही रुक रही थी। ऊषा के जीजा धर्मबीर ने रोते हुए बताया कि वह गाड़ी में सबसे पीछे की सीट पर बैठी थी। जैसे ही गाड़ी खाई में गिरी, पीछे की सीटें उखड़कर सीधे आगे की तरफ आ गईं, जिससे ऊषा का सिर गाड़ी के बॉडी पार्ट से बेहद बुरी तरह टकरा गया और अंदरूनी चोट आने की वजह से उसने दम तोड़ दिया।

घायल महिला ने बयां किया आंखों देखा खौफ: “एक-दूसरे के ऊपर गिर गए थे हम”

हादसे में जीवित बची और केदारपुर की रहने वाली घायल सुषमा ने अस्पताल के बेड से उस खौफनाक मंजर को बयां किया। सुषमा ने बताया, “हम 3-4 गांवों की महिलाएं रोज इसी गाड़ी से परवाणु जाते हैं। सुबह सब कुछ ठीक था, लेकिन अचानक मोड़ पर ड्राइवर गाड़ी संभाल नहीं पाया। पलक झपकते ही हम खाई में थे।

गाड़ी के भीतर का नजारा ऐसा था कि सारी सीटें टूट गईं और हम सब एक-दूसरे के ऊपर जा गिरे। अगर वो पेड़ नहीं होते, तो आज हममें से कोई भी जिंदा नहीं बचता।” फिलहाल पुलिस ने इस मामले में लापरवाही से वाहन चलाने का केस दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी है, और घायलों का इलाज जारी है।

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