पंचकूला-यमुनानगर हाईवे पर हादसा, ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से 8 मजदूर घायल: 3 की हालत गंभीर; स्थानीय बोले- डिवाइडर पर लाइटें नहीं
पंचकूला में हाईवे पर ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटी
Panchkula Road Accident: पंचकूला-यमुनानगर नेशनल हाईवे पर बुधवार रात एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। रिहौड़ गांव के पास खाद से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली अचानक बेकाबू होकर सड़क पर पलट गई। हादसे के समय ट्रॉली पर 8 मजदूर सवार थे। हादसे में सभी मजदूर घायल हो गए। इनमें 3 मजदूरों को गंभीर चोटें आई हैं, जबकि 5 मजदूरों को हल्की चोटें लगी हैं। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने घायलों को संभाला और घटना की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। बताया गया है कि ट्रैक्टर-ट्रॉली मौली स्थित एक पोल्ट्री फार्म से खाद लेकर पंजाब के हरिपुर हिंदुआ गांव जा रही थी। रात करीब 9 बजे टांगरी नदी का पुल पार करने के बाद रिहौड़ गांव के पास ट्रैक्टर-ट्रॉली बेकाबू होकर पलट गई।
जानकारी के मुताबिक, ट्रैक्टर-ट्रॉली जब टांगरी नदी का पुल पार कर आगे बढ़ी तो रिहौड़ गांव के पास यह हादसा हुआ। ट्रॉली में खाद के साथ मजदूर भी सवार थे। अचानक ट्रॉली पलटने से मजदूर सड़क पर गिर गए और उन्हें चोटें आईं। हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया और घायलों को अस्पताल पहुंचाने की कार्रवाई की। गंभीर रूप से घायल मजदूरों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने हादसे में शामिल ट्रैक्टर-ट्रॉली को अपने कब्जे में लेकर सड़क से हटवाया। ट्रॉली को हाईवे से हटाने का काम इसलिए भी जरूरी था, ताकि हादसे के बाद सड़क पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित न हो और दूसरे वाहन किसी परेशानी में न फंसें। फिलहाल पुलिस हादसे के वास्तविक कारणों की जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि ट्रैक्टर-ट्रॉली किस वजह से बेकाबू हुई और पलटने से पहले उसकी रफ्तार कितनी थी।
दो दिन पहले भी इसी इलाके में पलटी थी बस
स्थानीय लोगों के मुताबिक, रिहौड़ और आसपास का यह हाईवे हिस्सा पिछले कुछ समय से हादसों को लेकर चिंता का विषय बना हुआ है। दो दिन पहले भी इसी इलाके में एक बस पलट गई थी। उस हादसे में भी कुछ लोग घायल हुए थे। बस के सड़क से हटाए जाने के दौरान दो कारों की भी टक्कर हो गई थी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि एक कार के एयरबैग खुल गए थे। हालांकि, उस हादसे में किसी व्यक्ति के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने नहीं आई थी। अब दो दिन के भीतर उसी क्षेत्र में ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने की घटना के बाद स्थानीय लोगों ने सड़क की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि रात के समय इस मार्ग पर वाहन चलाने वालों को खास तौर पर परेशानी होती है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि रिहौड़ से मौली चौकी तक नेशनल हाईवे के डिवाइडर के बीच पर्याप्त स्ट्रीट लाइटें नहीं लगी हैं। रात के समय सड़क के इस हिस्से में कई जगह अंधेरा रहता है। लोगों के मुताबिक, अंधेरे में वाहन चालकों को सड़क की स्थिति और डिवाइडर का सही अंदाजा लगाने में परेशानी होती है। हाईवे पर वाहनों की रफ्तार अधिक होने के कारण ऐसी स्थिति हादसे का खतरा बढ़ा सकती है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि रिहौड़ से मौली चौकी तक डिवाइडर के बीच पर्याप्त स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएं। उनका कहना है कि रात के समय सड़क पर रोशनी की बेहतर व्यवस्था होने से वाहन चालकों को सड़क और डिवाइडर साफ दिखाई देंगे और हादसों का खतरा कम करने में मदद मिल सकती है। फिलहाल पुलिस बुधवार रात हुए हादसे की जांच कर रही है। हादसे में घायल मजदूरों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस की जांच के बाद ही ट्रैक्टर-ट्रॉली के पलटने की सही वजह सामने आएगी।
