Jind Highway Jam: हरियाणा के जींद जिले में धान की सरकारी खरीद न होने से सब्र खो चुके किसानों का गुस्सा सोमवार को सड़कों पर फूट पड़ा। धान की बिक्री में आ रही दिक्कतों से नाराज किसानों ने एकत्र होकर जींद-पटियाला हाईवे पर जाम लगा दिया।
अचानक लगे इस जाम की वजह से हाईवे पर दोनों तरफ गाड़ियों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं और आम राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। (Jind Patiala highway jam) किसानों का आरोप है कि मंडियों में बैठी खरीद एजेंसियां धान में नमी ज्यादा होने की आड़ लेकर फसल खरीदने से कतरा रही हैं, जिससे किसानों की उपज खुले आसमान तले सड़ने को मजबूर है।
मंडियों में टालमटोल से नाराज किसानों का प्रदर्शन, पुलिस प्रशासन के हाथ-पांव फूले
प्रदर्शन कर रहे किसानों ने प्रशासनिक दावों की पोल खोलते हुए कहा कि वे कई दिनों से मंडियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है।
नमी के नाम पर उन्हें टहलाया जा रहा है और कुछ जगहों पर आढ़तियों द्वारा अनियमितताओं की बातें भी सामने आ रही हैं। जाम की खबर मिलते ही उचाना थाना पुलिस दल-बल के साथ मौके पर पहुंची और किसानों को समझाने का प्रयास किया। हालांकि, किसान अपनी मांगों पर अड़े रहे और प्रशासनिक अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग करते रहे। बढ़ते जनाक्रोश को देखते हुए अधिकारियों को तुरंत मौके के लिए रवाना होना पड़ा।
एसडीएम सुमन यादव ने संभाला मोर्चा, रिश्वत मांगने वाले आढ़तियों के नाम पूछे
स्थिति बिगड़ती देख उचाना की एसडीएम सुमन यादव (Uchana SDM Suman Yadav) खुद हाईवे पर पहुंचीं और किसानों के साथ सीधा संवाद किया। किसानों की शिकायतें सुनने के बाद एसडीएम ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, “मैं पूरी जिम्मेदारी लेती हूं। अगर आपके धान में 17 प्रतिशत तक नमी है तो उसकी खरीद हर हाल में होगी।
अगर कोई भी आढ़ती या एजेंसी का नुमाइंदा मना करता है, तो सीधे मुझे बताएं।” (Jind mandi paddy purchase issue) इसके साथ ही एसडीएम ने किसानों से साफ लफ्जों में पूछा कि कौन सा आढ़ती उनसे पैसे मांग रहा है, वे उसका नाम बताएं ताकि तुरंत सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके। एसडीएम के इस कड़े और सीधे आश्वासन के बाद किसानों का गुस्सा शांत हुआ और उन्होंने जाम खत्म करने पर सहमति जताई।

