Post Office Saving Account: आज के डिजिटल युग में भले ही तमाम बैंक और फिनटेक ऐप्स आ गए हों, लेकिन आज भी देश के दूर-दराज के गाँवों से लेकर शहरों तक बड़ी संख्या में आम लोग सुरक्षित निवेश और छोटी बचतों के लिए पोस्ट ऑफिस पर ही भरोसा जताते हैं। यहाँ पैसे जमा करने और जरूरत पड़ने पर निकालने की प्रक्रिया बेहद आसान है। हालांकि, कई बार लोग उत्साह में आकर खाता तो खुलवा लेते हैं, लेकिन डाकघर के कुछ बुनियादी और बेहद जरूरी वित्तीय नियमों से अनजान रहते हैं। यदि आपके पास भी पोस्ट ऑफिस में बचत खाता है, तो यह खबर आपके लिए बेहद काम की है। जरा सी लापरवाही आपकी गाढ़ी कमाई पर भारी पड़ सकती है।
खाते में 500 रुपये रखना क्यों है जरूरी?
इंडिया पोस्ट के आधिकारिक नियमों के अनुसार, पोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट में खाताधारक को हर वक्त कम से कम 500 रुपये का न्यूनतम बैलेंस (Minimum Balance) बनाए रखना अनिवार्य होता है। खाता खुलवाते वक्त भी आपको शुरुआती राशि के तौर पर इतनी ही रकम जमा करनी होती है। इसके बाद जब भी आप एटीएम या काउंटर से पैसे निकालें, तो इस बात का खास ख्याल रखें कि निकासी के बाद भी खाते में निर्धारित 500 रुपये की राशि सुरक्षित बची रहे।
बैलेंस कम होने पर कटेगा चार्ज, शून्य होते ही बंद होगा खाता
सबसे बड़ा और अहम नियम यह है कि यदि किसी खाताधारक के सेविंग अकाउंट में वित्त वर्ष के अंत तक 500 रुपये का न्यूनतम बैलेंस नहीं रहता है, तो डाकघर प्रशासन द्वारा उसके खाते से 50 रुपये की ‘अकाउंट मेंटेनेंस फीस’ काट ली जाती है। सबसे खतरनाक स्थिति तब बनती है जब इस फीस के कटने के बाद खाते में बचा हुआ शेष बैलेंस पूरी तरह शून्य हो जाता है। ऐसी स्थिति में पोस्ट ऑफिस के नियमों के तहत वह खाता अपने आप बंद (Auto Closed) हो जाता है। इसलिए, वित्तीय वर्ष समाप्त होने से पहले अपने खाते की स्थिति की जाँच करना बेहद जरूरी है।
जानिए जमा, निकासी और ब्याज से जुड़े अन्य नियम
डाकघर बचत खाते से जुड़े अन्य प्रावधानों की बात करें तो इसमें न्यूनतम 50 रुपये की राशि निकाली जा सकती है, बशर्ते निकासी के बाद खाते में 500 रुपये का बैलेंस बरकरार रहे। इस खाते में पैसे जमा करने की कोई अधिकतम सीमा तय नहीं है, यानी आप जितनी चाहें उतनी बचत कर सकते हैं। फिलहाल इस सेविंग अकाउंट पर सरकार की ओर से निवेशकों को सालाना 4 प्रतिशत की दर से ब्याज दिया जा रहा है।
खाता खुलवाने के नियमों के तहत देश का कोई भी बालिग नागरिक अपने नाम से सिंगल अकाउंट या फिर अधिकतम तीन वयस्क मिलकर ज्वाइंट (संयुक्त) खाता खुलवा सकते हैं। इसके अलावा, नाबालिग बच्चों के नाम पर उनके अभिभावक खाता संचालित कर सकते हैं, जबकि 10 वर्ष या उससे अधिक आयु के बच्चे अपने खुद के नाम से भी खाता ऑपरेट करने के हकदार होते हैं। हालांकि, एक व्यक्ति अपने नाम से केवल एक ही सिंगल सेविंग अकाउंट रख सकता है।
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