Breaking News
Magha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं कियाMagha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं किया

Potato vs Cucumber for Eyes: थकी आंखों को तुरंत मिलेगी ठंडक, बस समस्या के हिसाब से ऐसे करें आलू और खीरे का इस्तेमाल

GGaganpreet Kaur
थकी आंखों को तुरंत मिलेगी ठंडक, बस समस्या के हिसाब से ऐसे करें आलू और खीरे का इस्तेमाल
शेयर करें
AI Quick Summary

Want to save time? Let our AI read the article and give you 3 quick bullet points.

Listen to this article
AUDIO VERSION

कंप्यूटर, स्मार्टफोन का बढ़ता इस्तेमाल और असंतुलित जीवनशैली आजकल एक नई शारीरिक समस्या को जन्म दे रही है, जिसका सीधा असर हमारी आंखों पर दिखता है। देर रात तक जागने और स्क्रीन से निकलने वाली नीली रोशनी के कारण आंखों के नीचे काले घेरे यानी डार्क सर्कल्स और सूजन (पफीनेस) की शिकायत अब हर दूसरे व्यक्ति को है। इस समस्या से निजात पाने के लिए लोग महंगे कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स के बजाय रसोई में मौजूद दो चीज़ों—आलू और खीरे पर सबसे ज़्यादा भरोसा करते हैं। लेकिन अक्सर लोग इस उलझन में रहते हैं कि इन दोनों में से आंखों की सेहत और खूबसूरती के लिए कौन सा विकल्प ज्यादा बेहतर और असरदार है।

त्वचा विशेषज्ञों और घरेलू नुस्खों के जानकारों की मानें तो आलू और खीरा दोनों ही आंखों के लिए फायदेमंद हैं, लेकिन दोनों के काम करने का तरीका और उनके गुण बिल्कुल अलग हैं। अगर आप इन दोनों का इस्तेमाल बिना सोचे-समझे कर रहे हैं, तो मुमकिन है कि आपको वह नतीजा न मिले जिसकी आप उम्मीद कर रहे हैं। इसलिए अपनी समस्या के हिसाब से सही चीज़ का चुनाव करना बेहद ज़रूरी है।

विज्ञापन

थकी आंखों के लिए रामबाण है खीरे की ठंडक

लंबे समय तक लैपटॉप पर काम करने या नींद अधूरी रहने के कारण जब आंखों में भारीपन, जलन या सूखापन महसूस होने लगे, तो खीरा सबसे बेहतरीन मददगार साबित होता है। खीरे के भीतर पानी की मात्रा बहुत ज़्यादा होती है, जो त्वचा को तुरंत हाइड्रेट करती है। फ्रिज में रखे ठंडे खीरे की स्लाइस को जब आंखों पर रखा जाता है, तो इससे रक्त वाहिकाएं (ब्लड वेसल्स) सिकुड़ती हैं, जिससे आंखों की सूजन पल भर में कम हो जाती है। यह आंखों को एक थेरेपी की तरह सुकून देता है और तुरंत ताजगी का अहसास कराता है।

डार्क सर्कल्स के जिद्दी दागों पर वार करता है आलू

दूसरी तरफ, अगर आपकी मुख्य समस्या आंखों की थकान नहीं बल्कि उसके नीचे जम चुके काले घेरे हैं, तो यहां खीरे से ज्यादा आलू बाजी मार ले जाता है। आलू में प्राकृतिक रूप से ‘कैटोकोलेज’  नाम का एक एंजाइम और स्टार्च पाया जाता है, जो नेचुरल ब्लीचिंग एजेंट की तरह काम करता है। आलू का रस या उसकी स्लाइस को नियमित रूप से आंखों के नीचे लगाने से वहां की त्वचा की रंगत साफ होती है। यह पिगमेंटेशन को हल्का करता है, जिससे डार्क सर्कल्स धीरे-धीरे कम होने लगते हैं।

किसे चुनें और क्या दोनों को एक साथ इस्तेमाल कर सकते हैं?

विशेषज्ञों के मुताबिक, चुनाव पूरी तरह इस बात पर निर्भर करता है कि आपकी ज़रूरत क्या है। अगर आप दिनभर की दौड़भाग या स्क्रीन टाइम के बाद आंखों की जलन और पफीनेस से परेशान हैं, तो बिना सोचे खीरे का इस्तेमाल करें। वहीं, अगर आपका पूरा ध्यान डार्क सर्कल्स को साफ करने पर है, तो आलू के स्लाइस या उसके रस को तरजीह दें। अच्छी बात यह है कि इन दोनों का इस्तेमाल अलग-अलग समय पर एक ही रूटीन में भी किया जा सकता है। उदाहरण के लिए, सुबह के वक्त ताजगी के लिए खीरा और रात को सोने से पहले डार्क सर्कल्स के लिए आलू का इस्तेमाल किया जा सकता है।

हालांकि, इन नुस्खों को आजमाते समय एक बात हमेशा याद रखनी चाहिए कि आलू और खीरा केवल बाहरी तौर पर राहत पहुंचाने के साधन हैं। अगर आपकी डाइट सही नहीं है, शरीर में पानी की कमी है और आप सात से आठ घंटे की चैन की नींद नहीं ले रहे हैं, तो कोई भी घरेलू उपाय पूरी तरह असरदार नहीं होगा। आंखों की स्थाई खूबसूरती और सेहत के लिए स्क्रीन टाइम को नियंत्रित करना और स्वस्थ दिनचर्या अपनाना ही सबसे पक्का इलाज है।

विज्ञापन

जीवन शैली की और ख़बरें

ताज़ा ख़बरें सीधे अपने ईमेल पर

जगमार्ग न्यूज़ की बड़ी ख़बरें रोज़ अपने इनबॉक्स में पाएं। मुफ़्त, कभी भी अनसब्सक्राइब करें।