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Pradyumna Chaturthi 2026: बिजनेस और करियर की बाधाएं होंगी दूर, नोट कर लें आज का शुभ मुहूर्त

AAmandeep Singh
Pradyumna Chaturthi 2026: बिजनेस और करियर की बाधाएं होंगी दूर, नोट कर लें आज का शुभ मुहूर्त
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धर्म। सनातन परंपरा में प्रथम पूज्य और विघ्नहर्ता भगवान श्रीगणेश की आराधना के लिए ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि यानी प्रद्युम्न चतुर्थी का विशेष महत्व है। आज 18 जून 2026 को देश भर में श्रद्धालु बप्पा की भक्ति में लीन हैं। वैसे तो हर महीने की चतुर्थी तिथि गणपति को ही समर्पित होती है, लेकिन आज के दिन का धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व कहीं अधिक बढ़ जाता है। माना जाता है कि जो लोग लंबे समय से करियर, व्यापार या पारिवारिक मोर्चे पर असफलताओं और बाधाओं का सामना कर रहे हैं, उनके लिए आज का दिन एक नई उम्मीद लेकर आया है।

पुष्य नक्षत्र और अभिजीत मुहूर्त का महासंयोग, सिद्ध होंगे सारे कार्य

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इस साल प्रद्युम्न चतुर्थी पर ग्रहों और नक्षत्रों की स्थिति बेहद कल्याणकारी बनी हुई है। ज्योतिष शास्त्र के विद्वानों के मुताबिक, आज सुबह 11 बजकर 34 मिनट तक पुष्य नक्षत्र का प्रभाव रहा। पुष्य नक्षत्र को सभी नक्षत्रों का राजा माना जाता है और इस अवधि में किया गया कोई भी शुभ कार्य या संकल्प कभी निष्फल नहीं जाता। इसके साथ ही, दोपहर 11 बजकर 33 मिनट से लेकर 12 बजकर 27 मिनट तक ‘अभिजीत मुहूर्त’ की खिड़की खुली रहेगी। इस विशेष कालखंड में भगवान गणेश का पूजन, मंत्र जाप या किसी नए व्यवसाय की शुरुआत करने से समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है।

कैसे करें बप्पा को प्रसन्न? जानिए बेहद सरल और प्रभावी पूजा विधि

आज के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान आदि से निवृत्त होने के बाद व्रत का संकल्प लें। घर के मंदिर की साफ-सफाई कर गंगाजल से शुद्धिकरण करें। एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करें। इसके बाद बप्पा को रोली, चंदन, अक्षत और सबसे प्रिय लाल पुष्प व दूर्वा (घास) अर्पित करें। पूजा के दौरान ‘ॐ गं गणपतये नमः’ का निरंतर जाप करते रहना चाहिए। श्रद्धा भाव के साथ गणपति अथर्वशीर्ष या गणेश चालीसा का पाठ करें। भगवान को मोदक और बेसन के लड्डुओं का भोग लगाएं। आरती के बाद अपनी भूल-चूक के लिए क्षमा मांगें और प्रसाद वितरित करें।

व्यापार और शिक्षा के क्षेत्र में सफलता का महामंत्र

प्रद्युम्न चतुर्थी का पर्व सिर्फ धार्मिक कर्मकांड तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानसिक शांति और आत्मिक शुद्धता का भी अवसर है। विद्यार्थी वर्ग आज के दिन विशेष रूप से गणेश गायत्री मंत्र का जाप करते हैं, जिससे एकाग्रता और बुद्धि का विकास होता है। वहीं व्यापारी और नौकरीपेशा लोग अपने दफ्तरों या प्रतिष्ठानों में बप्पा की विशेष अर्चना कर आर्थिक तंगी से मुक्ति की प्रार्थना कर रहे हैं। शास्त्रों के अनुसार, आज के दिन पूजा संपन्न होने के बाद अपनी सामर्थ्य के अनुसार जरूरतमंदों को अन्न या वस्त्र का दान करना पुण्य फल को कई गुना बढ़ा देता है।

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