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शहरों के विकास में नागरिकों की जरूरतों को दें प्राथमिकता: चंडीगढ़ के प्रशासक

VVinita Kohli
शहरों के विकास में नागरिकों की जरूरतों को दें प्राथमिकता: चंडीगढ़ के प्रशासक
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चंडीगढ़: पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने शुक्रवार को भविष्य के शहरों को आकार देने में नागरिक-केंद्रित योजना के महत्व पर जोर दिया। सेक्टर-17 स्थित एक होटल में आयोजित ‘अर्बन इनोवेशन समिट’ को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि शहरी विकास का मुख्य उद्देश्य नागरिकों की भलाई, सुविधा और जीवन की समग्र गुणवत्ता को बेहतर बनाना होना चाहिए। इसके लिए संतुलित, टिकाऊ और समावेशी योजना बनाना बेहद जरूरी है। कटारिया ने कहा कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण के दौर में शहरों के विकास की योजना इस तरह बनाई जानी चाहिए, जिससे पर्यावरण संरक्षण, आधुनिक सुविधाएं और नागरिकों की जरूरतों के बीच संतुलन बना रहे। 

उन्होंने कहा कि भविष्य के शहर तभी सफल होंगे जब उनकी योजना लोगों की जरूरतों को केंद्र में रखकर तैयार की जाएगी। प्रशासक ने कहा कि अच्छी योजना के साथ विकसित किए गए शहर जीवंत, समावेशी और रहने के लिए बेहतर स्थान बन सकते हैं। ऐसे शहरों में लोगों को जरूरी सेवाएं, सामुदायिक सुविधाएं और स्वच्छ व स्वस्थ वातावरण आसानी से मिल सकता है। उन्होंने कहा कि भविष्य के शहरों के निर्माण में सही योजना, मजबूत बुनियादी ढांचा और टिकाऊ नीतियां बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इससे न केवल लोगों के लिए नए अवसर पैदा होते हैं, बल्कि उनकी रोजमर्रा की जिंदगी भी बेहतर बनती है। 

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प्रशासक ने शहरी प्रशासन में नवाचार और आपसी सहयोग की अहमियत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह समिट एक ऐसा मंच है जहां नीति निर्माता, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और शहरी योजनाकार एक साथ आकर विचार साझा करते हैं और स्मार्ट, टिकाऊ व समावेशी शहरों के विकास के लिए नए समाधान तलाशते हैं। कटारिया ने कहा कि आधुनिक शहरों के विकास में नागरिकों की खुशी, सुविधा और बेहतर जीवन को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, ताकि विकास लोगों के हित में हो। उन्होंने कहा कि शहरों में ऐसी नागरिक सुविधाएं होनी चाहिए जो सभी के लिए आसानी से उपलब्ध हों। 

साथ ही सामुदायिक गतिविधियों के लिए बेहतर स्थान और लोगों के अनुकूल शहरी डिजाइन होना चाहिए, जिससे लोगों के बीच आपसी जुड़ाव बढ़े और शहर रहने के लिए अधिक बेहतर बनें। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रयासों से शहर न केवल निवासियों के लिए बेहतर बनते हैं, बल्कि पर्यटकों के लिए भी आकर्षक और स्वागत योग्य स्थान बन जाते हैं। यह समिट नगर निगम चंडीगढ़ और एलेट्स टेक्नोमीडिया के संयुक्त सहयोग से आयोजित किया गया। इसमें देशभर से आए 150 से अधिक प्रतिनिधियों और 30 से ज्यादा वक्ताओं ने भाग लिया, जिनमें नीति निर्माता, शहरी योजनाकार, तकनीकी विशेषज्ञ और प्रशासन से जुड़े अधिकारी शामिल थे। कार्यक्रम की शुरुआत नगर निगम की ओर से नागरिक जागरूकता और जनभागीदारी को लेकर नुक्कड़ नाटक से हुई। 

इसके बाद दीप प्रज्वलन और राष्ट्रीय गीत के साथ कार्यक्रम आगे बढ़ा। प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए नगर निगम आयुक्त अमित कुमार ने कहा कि आज के समय में शहर आर्थिक विकास और नवाचार के प्रमुख केंद्र बन चुके हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2030 तक भारत की शहरी आबादी लगभग 60 करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद है और देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में करीब 70 प्रतिशत योगदान शहरों से आएगा। उन्होंने यह भी कहा कि नगर निगम चंडीगढ़ नागरिक सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए डिजिटल तकनीकों को तेजी से अपना रहा है। स्मार्ट पार्किंग सिस्टम का पहला चरण लागू किया जा चुका है, जबकि दूसरा चरण जल्द शुरू किया जाएगा।

अपने संबोधन में मेयर सौरभ जोशी ने कहा कि जब भारत विकसित देश बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, तो शहरों को भी स्मार्ट, हरित और अधिक समावेशी बनाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि भविष्य के शहर ऐसे होने चाहिए जो नागरिकों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बनाए जाएं, पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार हों और तकनीक से सशक्त हों। मेयर ने यह भी कहा कि टिकाऊ और बेहतर शहरी व्यवस्था बनाने के लिए सरकार, उद्योग जगत और नागरिकों के बीच सहयोग बहुत जरूरी है। इससे शहरों का विकास संतुलित और स्थायी तरीके से किया जा सकता है।

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