Priya Ghanghas Bhiwani:भिवानी की बेटी प्रिया घनघस का एशियन गेम्स में जलवा, बॉक्सिंग में जीता ब्रॉन्ज मेडल
भिवानी की बेटी प्रिया घनघस का एशियन गेम्स में जलवा, बॉक्सिंग में जीता ब्रॉन्ज मेडल
Priya Ghanghas Bhiwani: जापान में आयोजित हो रहे एशियन गेम्स के रिंग से हरियाणा के लिए एक और गौरवान्वित करने वाली खबर आई है। (Bhiwani Boxer Priya Ghanghas) भिवानी जिले के छोटे से गांव धनाना की बेटी प्रिया घनघस ने महिला मुक्केबाजी के 60 किलोग्राम भारवर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक (ब्रॉन्ज मेडल) अपने नाम कर लिया है।
प्रिया ने क्वार्टर फाइनल तक के शुरुआती दोनों मुकाबले 5-0 के एकतरफा अंतर से जीतकर पहले ही भारत के लिए मेडल पक्का कर लिया था। वह सेमीफाइनल में पदक का रंग बदलकर गोल्ड या सिल्वर करने के इरादे से उतरी थीं, जहां उनका मुकाबला चीन की खतरनाक मुक्केबाज यांग चंग्यू से हुआ। कड़े और संघर्षपूर्ण मुकाबले के बाद प्रिया को कांस्य पदक से ही संतोष करना पड़ा।
कुश्ती की चाहत से बॉक्सिंग रिंग तक का सफर, ऐसे बनीं रिंग की ‘धाकड़’
प्रिया घनघस का अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का सफर बेहद दिलचस्प और प्रेरणादायक रहा है। साल 2016 में खेल की दुनिया में कदम रखने वाली प्रिया का पहला प्यार असल में कुश्ती था। (Dhanana Village Bhiwani) वह मैट पर दांव-पेच आजमाना चाहती थीं, लेकिन भिवानी और आसपास के इलाके में कुश्ती की बेहतर एकेडमी न होने के कारण उन्हें मजबूरी में बॉक्सिंग का रुख करना पड़ा।
प्रिया ने अपनी शुरुआती ट्रेनिंग चरखी दादरी से शुरू की और इसके बाद साल 2022 में भिवानी की मशहूर मुक्केबाजी नर्सरी में एडमिशन लेकर अपनी धार तेज की। खेल के साथ-साथ पढ़ाई में भी अव्वल रहने वाली प्रिया ने कोरोना के मुश्किल दौर में 10वीं पास की और फिर 12वीं की परीक्षा में 83 फीसदी अंक हासिल कर यह साबित किया कि इरादे मजबूत हों तो कोई भी लक्ष्य नामुमकिन नहीं।
कॉमनवेल्थ में जमाया था सोने पर कब्जा, अब एशियन गेम्स में लहराया तिरंगा
प्रिया घनघस भारतीय मुक्केबाजी का वह उभरता हुआ सितारा हैं जो लगातार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश का परचम लहरा रही हैं। (India Boxing Asian Games) एशियन गेम्स से ठीक पहले, अगस्त 2026 में ग्लास्गो (स्कॉटलैंड) में आयोजित हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में प्रिया ने 60 किलोग्राम भारवर्ग में ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीता था। उस वक्त उन्होंने फाइनल में कनाडा की मैरी-बाथोल अल-अहमादीह को 4-1 से शिकस्त दी थी।
अब जापान के एशियन गेम्स में कांस्य पदक हासिल कर प्रिया ने एक बार फिर हरियाणा की खेल परंपरा का लोहा मनवाया है। उनकी इस कामयाबी के बाद धनाना गांव और पूरे भिवानी जिले में जश्न का माहौल है तथा परिजनों को बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।
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