यूरोप के बुल्गारिया में कुदरत का एक ऐसा हैरान कर देने वाला नजारा मौजूद है, जिसे देखकर विज्ञान और आस्था दोनों के केंद्र आपस में मिलते नजर आते हैं। राजधानी सोफिया से करीब दो घंटे की दूरी पर स्थित लुकोवित क्षेत्र के कार्लुकोवो गांव में एक रहस्यमयी गुफा है। इसे आधिकारिक तौर पर ‘प्रोहोदना गुफा’ कहा जाता है, लेकिन दुनिया इसे ‘Eyes of God’ यानी ‘भगवान की आंखें’ के नाम से ज्यादा जानती है। इस गुफा की छत पर बने दो विशालकाय गोलाकार छेद पहली नजर में किसी को भी हैरत में डाल देते हैं, क्योंकि इनकी बनावट बिल्कुल इंसानी आंखों जैसी है।
हजारों साल के प्राकृतिक कटाव का परिणाम
भूवैज्ञानिकों के मुताबिक, यह पूरा इलाका बुल्गारिया के सबसे बड़े कार्स्ट (Karst) क्षेत्रों में गिना जाता है। कार्स्ट दरअसल वे चट्टानी हिस्से होते हैं जहां चूना पत्थर बहुतायत में मिलता है। हजारों सालों तक पानी की मार और हवा के थपेड़ों से ये चट्टानें धीरे-धीरे घुलती गईं और इसी प्राकृतिक कटाव ने गुफा के भीतर इस जादुई आकृति को जन्म दिया। दिन के वक्त जब सूरज की किरणें इन दोनों छेदों से छनकर गुफा के फर्श पर पड़ती हैं, तो पूरा केबिन सुनहरी रोशनी से जगमगा उठता है। ऐसा लगता है मानो आसमान खुद खिड़की खोलकर धरती के भीतर झांक रहा हो।
जब गुफा की छत से बहते हैं ‘भगवान के आंसू’
इस गुफा की खूबसूरती का असली रंग बारिश के मौसम में देखने को मिलता है। जब आसमान में काले बादल छाते हैं और तेज बारिश होती है, तो इन आंखों जैसे छेदों से पानी की बूंदें लगातार नीचे गिरती हैं। चट्टानों की ढलान से बहकर आता यह पानी नीचे खड़े व्यक्ति को ऐसा आभास कराता है मानो उन विशाल आंखों से आंसू बह रहे हों। यही वजह है कि सैलानी और स्थानीय लोग इस नजारे को ‘भगवान के आंसू’ का नाम देते हैं। आधी रात को जब चांद की रोशनी इन छेदों के ठीक ऊपर आती है, तब गुफा के अंदर का सन्नाटा और रहस्यमयी माहौल बेहद अलौकिक हो जाता है।
आदिमानव का बसेरा और हॉलीवुड का आकर्षण
इतिहास और विज्ञान के नजरिए से देखें तो यह गुफा पृथ्वी के सबसे नए भूवैज्ञानिक काल ‘क्वाटरनरी काल’ से ताल्लुक रखती है—यह वही दौर है जब धरती पर मानव सभ्यता का विकास शुरू हुआ था। लगभग 880 फीट लंबी इस सुरंगनुमा गुफा में पुरातत्वविदों को प्राचीन इंसानों के रहने के अवशेष और कुछ संकेत भी मिले हैं। अपनी इसी भव्यता के कारण यह जगह केवल पर्यटकों ही नहीं, बल्कि फिल्म निर्माताओं के लिए भी पसंदीदा स्पॉट रही है। साल 1988 में आई मशहूर बुल्गारियन फिल्म ‘टाइम ऑफ वायलेंस’ (Time of Violence) के कई अहम सीन इसी गुफा के भीतर फिल्माए गए थे।
एडवेंचर के शौकीनों के लिए जन्नत
प्रोहोदना गुफा का मुख्य प्रवेश द्वार बेहद विशाल है, जिसकी ऊंचाई लगभग 148 फीट है। इतनी बड़ी ओपनिंग होने के कारण यह जगह एडवेंचर स्पोर्ट्स के शौकीनों के लिए सेंटर ऑफ अट्रैक्शन बन चुकी है। यहां देश-विदेश से आने वाले लोग बंजी जंपिंग, केविंग और रॉक क्लाइम्बिंग जैसी रोमांचक गतिविधियों का लुत्फ उठाते हैं। जब कोई बंजी जंपर इस विशाल ऊंचाई से नीचे की ओर छलांग लगाता है, तो गुफा के अंदर का विहंगम दृश्य उसे एक अलग ही काल्पनिक दुनिया की सैर करा देता है।

