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PoK में पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड हमजा बुरहान की हत्या, मुजफ्फराबाद में आतंकी पर ताबड़तोड़ फायरिंग

VVinita Kohli
PoK में पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड हमजा बुरहान की हत्या, मुजफ्फराबाद में आतंकी पर ताबड़तोड़ फायरिंग
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पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में पुलवामा आतंकी हमले से जुड़े आतंकी हमजा बुरहान की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मुजफ्फराबाद स्थित AIMS कॉलेज के बाहर अज्ञात हमलावरों ने उस पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हमजा बुरहान को भारत सरकार ने वर्ष 2022 में गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) के तहत आतंकवादी घोषित किया था। जांच एजेंसियों के अनुसार वह पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड्स में शामिल था और कई आतंकी गतिविधियों से जुड़ा हुआ था। हमजा का नाम युवाओं को आतंकी संगठनों में भर्ती कराने और पाकिस्तान से फंडिंग नेटवर्क चलाने में भी सामने आया था।

मुजफ्फराबाद में हुई फायरिंग

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जानकारी के अनुसार हमजा बुरहान पर हमला पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के मुजफ्फराबाद शहर में हुआ। AIMS कॉलेज के बाहर अज्ञात हमलावरों ने उस पर कई राउंड फायरिंग की। गोली लगने के बाद वह मौके पर ही गिर पड़ा और उसकी मौत हो गई। 

स्थानीय स्तर पर इस घटना को लेकर सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। हालांकि अब तक हमलावरों की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई और जांच एजेंसियां पूरे मामले की पड़ताल में जुटी हैं।

पुलवामा का रहने वाला था हमजा

सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक अर्जुमंद गुलजार डार उर्फ हमजा बुरहान उर्फ डॉक्टर जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के रत्नीपोरा इलाके का रहने वाला था। वह अल बद्र आतंकी संगठन से जुड़ा हुआ था। भारत सरकार पहले ही अल बद्र को आतंकवादी संगठन घोषित कर चुकी है।

बताया गया कि हमजा कानूनी तरीके से पाकिस्तान गया था। वहां पहुंचने के बाद उसने अल बद्र संगठन जॉइन किया और धीरे-धीरे संगठन का सक्रिय आतंकी और कमांडर बन गया। जांच एजेंसियों का आरोप है कि वह पाकिस्तान में बैठकर युवाओं को आतंकी संगठनों में शामिल होने के लिए उकसाता था और इसके लिए आर्थिक मदद भी उपलब्ध कराता था।

आतंकी भर्ती और हमलों में भी शामिल रहा

भारतीय जांच एजेंसियों के अनुसार हमजा बुरहान कई आतंकी गतिविधियों में शामिल रहा। उस पर वर्ष 2020 में CRPF जवानों पर हुए ग्रेनेड हमलों में भूमिका निभाने के आरोप भी लगे थे। इसके अलावा वह सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से युवाओं को आतंकी संगठनों में भर्ती कराने का काम करता था।

भारत सरकार ने 2022 में उसे UAPA के तहत आतंकवादी घोषित किया था। सुरक्षा एजेंसियों का मानना था कि वह पाकिस्तान और PoK में रहकर आतंकवादी नेटवर्क को सक्रिय बनाए हुए था और जम्मू-कश्मीर में हिंसक गतिविधियों को बढ़ावा दे रहा था।

बुरहान वानी और जाकिर मूसा का करीबी

रिपोर्ट्स के मुताबिक हमजा बुरहान लंबे समय से पाकिस्तान और PoK में सक्रिय था। वह कुख्यात आतंकी अबू दुजाना, अबू कासिम, बुरहान वानी और जाकिर मूसा का करीबी सहयोगी माना जाता था। सुरक्षा एजेंसियों ने उसे कई आतंकी मॉड्यूल से जुड़ा हुआ बताया था।

बुरहान वानी वर्ष 2016 में जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मारा गया था। उसकी मौत के बाद घाटी में लंबे समय तक हिंसा और विरोध प्रदर्शन हुए थे। इसके बाद जाकिर मूसा हिजबुल मुजाहिदीन का कमांडर बना था, जिसे वर्ष 2019 में पुलवामा जिले के त्राल इलाके में सुरक्षाबलों ने मार गिराया था।

पुलवामा हमले से जुड़ा था नाम

14 फरवरी 2019 को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में CRPF के काफिले पर आत्मघाती हमला हुआ था। श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर लेथपोरा इलाके में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी आदिल अहमद डार ने विस्फोटकों से भरी SUV को बसों से टकरा दिया था।

इस हमले में 40 CRPF जवान शहीद हो गए थे। जांच एजेंसियों की जांच में सामने आया था कि हमले के पीछे पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठनों की साजिश थी। बाद में NIA ने अपनी चार्जशीट में जैश-ए-मोहम्मद और उसके सरगना मसूद अजहर को हमले का मुख्य साजिशकर्ता बताया था। हमजा बुरहान का नाम भी इस हमले से जुड़े नेटवर्क में सामने आया था।

सुरक्षा एजेंसियों की नजर में था सक्रिय आतंकी

भारतीय एजेंसियां लंबे समय से हमजा बुरहान की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थीं। उसे सीमा पार आतंकी ढांचे को मजबूत करने वाले सक्रिय चेहरों में गिना जाता था। एजेंसियों के अनुसार वह ऑनलाइन प्रचार, भर्ती और फंडिंग नेटवर्क के जरिए आतंकवादी संगठनों को मदद पहुंचाता था। उसकी मौत को आतंकवाद से जुड़े नेटवर्क के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। हालांकि सुरक्षा एजेंसियां इस घटना के बाद भी सीमा पार सक्रिय आतंकी संगठनों की गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

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