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MLA Satpal Jamba Pundri: पूंडरी विधायक सतपाल जांबा का दावा: योग्यता के दम पर अकेले डीग गांव के 600 युवाओं को मिली सरकारी नौकरी

GGaganpreet Kaur
पूंडरी विधायक सतपाल जांबा का दावा: योग्यता के दम पर अकेले डीग गांव के 600 युवाओं को मिली सरकारी नौकरी
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ढांड (नरेश ढांडा) हरियाणा के ग्रामीण अंचलों में सरकार और जनता के बीच की दूरी को पाटने के लिए चलाए जा रहे विशेष प्रवास कार्यक्रमों की कड़ी में ढांड के गांव आहूं में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। केंद्र सरकार के कार्यकाल के 12 गौरवशाली वर्ष पूरे होने के मौके पर आयोजित इस एक दिवसीय कार्यक्रम में पूंडरी के विधायक सतपाल जांबा मुख्य वक्ता के रूप में पहुंचे। गांव की दाबड़ा पट्टी चौपाल में कदम रखते ही ग्राम पंचायत और मौजिज ग्रामीणों ने फूल-मालाओं और पुष्पगुच्छ के साथ विधायक का पारंपरिक तरीके से नागरिक अभिनंदन किया। इसके बाद विधायक ने दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह की औपचारिक शुरुआत की।

ग्रामीणों के भारी हुजूम को संबोधित करते हुए विधायक सतपाल जांबा ने कहा कि यह प्रवास कार्यक्रम केवल एक राजनीतिक औपचारिकता नहीं है, बल्कि इसका असली मकसद सीधे जनता के बीच बैठकर उनकी समस्याओं को सुनना और सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मूलमंत्र ने देश में गवर्नेंस की परिभाषा बदल दी है। आज हर उस पात्र व्यक्ति तक लाभ पहुंच रहा है, जो कभी दफ्तरों के चक्कर काटकर थक जाता था।

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आंकड़ों की जुबानी विकास की कहानी: जनधन से लेकर ‘जगमग गांव’ तक

विधायक ने मंच से सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं के जमीनी आंकड़े भी जनता के सामने रखे। स्वास्थ्य के क्षेत्र में क्रांति का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि जिले में अब तक 6 लाख 63 हजार 168 आयुष्मान कार्ड जनरेट किए जा चुके हैं, जिससे हजारों गरीब परिवारों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए कर्ज के जाल में नहीं फंसना पड़ता। इसके अलावा, प्रधानमंत्री आवास योजना और जनधन बैंक खातों के त्रिशूल ने ग्रामीण भारत की तकदीर बदली है। डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) प्रणाली लागू होने से अब सरकार का पैसा सीधे लाभार्थी के खाते में टपकता है, जिससे बीच के बिचौलिए और कमीशनखोरी का धंधा पूरी तरह चौपट हो गया है।

किसानों के मुद्दे पर बात करते हुए पूंडरी विधायक ने कहा कि ‘म्हारा गांव-जगमग गांव’ योजना के आने से अब गांवों में शहरों की तर्ज पर 24 घंटे बिजली मिल रही है, जिससे बच्चों की पढ़ाई और छोटे घरेलू उद्योग सुचारू रूप से चल रहे हैं। कृषि क्षेत्र के लिए पर्याप्त बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने हरियाणा सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि सूबे में किसानों को सुरक्षा देने के लिए 24 फसलों को एमएसपी पर खरीदा जा रहा है, जो पूरे देश में एक मिसाल है। नौकरियों में भाई-भतीजावाद के खात्मे का दावा करते हुए जांबा ने कहा कि अब बिना खर्ची और बिना पर्ची के सिर्फ मेरिट पर युवाओं का चयन हो रहा है। उन्होंने मंच से उदाहरण दिया कि किस तरह पारदर्शी प्रक्रिया के चलते अकेले गांव डीग के करीब 600 प्रतिभावान युवाओं ने सरकारी विभागों में अपनी जगह बनाई है।

केमिकल छोड़ प्राकृतिक खेती अपनाने और स्वास्थ्य के लिए योग की अपील

भाषण के अंतिम चरण में विधायक सतपाल जांबा ने एक गंभीर चिंता की ओर ग्रामीणों का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने अंधाधुंध रासायनिक उर्वरकों (खाद) और जहरीले कीटनाशकों के प्रयोग पर चिंता जताते हुए किसानों से ‘प्राकृतिक खेती’ (नैचुरल फार्मिंग) की ओर लौटने का पुरजोर आह्वान किया। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर हमें अपनी आने वाली पीढ़ियों की सेहत और धरती मां की उपजाऊ शक्ति को बचाना है, तो हमें रसायनों का मोह छोड़ना ही होगा। सरकार भी प्राकृतिक खेती को अपनाने वाले किसानों को हर संभव मदद और आर्थिक प्रोत्साहन दे रही है। इसके साथ ही उन्होंने ग्रामीणों को रोजमर्रा की जिंदगी में योग को शामिल करने की सलाह दी।

कार्यक्रम के अंत में आहूं गांव के सरपंच धीर सिंह ने गांव की सामूहिक मांगों, गलियों, नालियों और विकास कार्यों से जुड़ा एक मांग पत्र विधायक के सामने पेश किया। विधायक ने सभी जायज मांगों पर तुरंत प्रशासनिक और सकारात्मक कार्रवाई शुरू करवाने का भरोसा दिया। विदाई की वेला में ग्राम पंचायत की तरफ से मुख्य अतिथि सतपाल जांबा और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को शॉल व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।

इस मौके पर शुगर मिल के एमडी कृष्ण कुमार, डीआईपीआरओ नसीब सिंह सैनी, आईसीए राहुल शर्मा, जिला परिषद सदस्य जितेंद्र टाया, इंस्पेक्टर फतेह सिंह, डॉ. बलवंत, सुखबीर मैहला, केहर सिंह, कर्म सिंह सहित इलाके के कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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