महाराष्ट्र। महाराष्ट्र के सबसे हाई-टेक शहरों में शुमार पुणे से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने देश के आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के दावों की हवा निकाल दी है। शहर के लोगों को ट्रैफिक जाम के नरक से मुक्ति दिलाने के वादे के साथ शुरू हुई पुणे मेट्रो मानसून की पहली ही बौछार में हांफती नजर आई।
सोशल मीडिया पर पुणे मेट्रो का एक वीडियो इस समय तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे देखकर हर कोई हैरान है। करोड़ों की लागत से तैयार चमचमाती मेट्रो ट्रेन की छत से पानी इस तरह टपक रहा है मानो ट्रेन के भीतर ही कोई झरना चल रहा हो। बोगी के फर्श पर पानी का तालाब बन गया और यात्रियों को भीगने से बचने के लिए ट्रेन के अंदर ही छतरी ताननी पड़ गई।
पहली ही बारिश में खुली पोल, करोड़ों के प्रोजेक्ट की निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल
पुणे के सार्वजनिक परिवहन को मजबूत और विश्वस्तरीय बनाने के लिए इस मेट्रो परियोजना पर पानी की तरह पैसा बहाया गया है। लेकिन वायरल वीडियो ने साफ कर दिया है कि ठेकेदारों और इंजीनियरिंग विंग ने काम में कितनी लापरवाही बरती है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि जिस मेट्रो को रोजाना हजारों यात्रियों के सुरक्षित और आरामदायक सफर के लिए डिजाइन किया गया है, उसकी छत सामान्य बारिश का पानी भी नहीं रोक पा रही है। इस घटना के बाद मेट्रो बोगियों के निर्माण और उनकी फिटनेस जांच करने वाली एजेंसियों के कामकाज पर भी तीखे सवाल उठने लगे हैं।
भविष्य की सुरक्षा को लेकर सहमे यात्री, मेंटेनेंस को लेकर फूटा गुस्सा
इस दयनीय स्थिति को लेकर सोशल मीडिया से लेकर मेट्रो स्टेशनों तक यात्रियों का गुस्सा साफ देखा जा सकता है। इंटरनेट यूजर्स मेट्रो प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए पूछ रहे हैं कि जब बिल्कुल नए और आधुनिक डिब्बों का यह हाल है, तो आने वाले समय में जब ये पुराने होंगे तब यात्रियों की सुरक्षा की गारंटी कौन लेगा? लोगों का आरोप है कि नियमित रखरखाव और मानसून पूर्व तैयारियों (प्री-मानसून चेकिंग) के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की गई है, जिसका खामियाजा अब आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।

