Punjab Asian Hockey Champions Trophy : पंजाब आने वाले दिनों में खेल के बड़े मंच पर एक नया इतिहास लिखने जा रहा है। खेल प्रेमियों के लिए यह किसी बड़े उत्सव से कम नहीं है क्योंकि जालंधर का ऐतिहासिक बर्लटन पार्क स्टेडियम अब एक अंतरराष्ट्रीय मुकाबले की मेजबानी के लिए पूरी तरह तैयार हो रहा है। इसी तैयारी का जायजा लेने खुद मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान मैदान पर उतरे और हर छोटी-बड़ी व्यवस्था को अपनी नजरों से परखा।
चंडीगढ़ में उच्च स्तर पर हुई मैराथन बैठकों के बाद मुख्यमंत्री सीधे जालंधर पहुंचे। उन्होंने स्टेडियम के कोपनों, नई फ्लडलाइट्स, स्कोरबोर्ड और चल रहे रेनोवेशन के कामों का बारीक निरीक्षण किया। उनका साफ कहना था कि पंजाब की धरती हमेशा से महान खिलाड़ियों की जननी रही है, इसलिए इस टूर्नामेंट की मेजबानी में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वैश्विक मानकों के अनुरूप हर व्यवस्था का होना जरूरी है ताकि दुनिया भर से आने वाले मेहमान पंजाब की मेहमानवाजी का बेहतरीन अनुभव लेकर लौट सकें।
सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन पर विशेष फोकस
अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजनों में सबसे बड़ी चुनौती भीड़ को संभालना और सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखना होता है। मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों को साफ निर्देश दिए हैं कि खेल प्रेमियों को स्टेडियम के अंदर आने और बाहर जाने में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। ट्रैफिक मैनेजमेंट से लेकर पार्किंग और पुलिस बल की तैनाती तक, हर मोर्चे पर मुस्तैदी बरतने को कहा गया है। मैच देखने आने वाले दर्शकों और परिवारों की सुरक्षा सरकार की सबसे पहली प्राथमिकता है।
विदेशी मेहमानों के लिए खास इंतजाम
मैदान पर उतरने वाले खिलाड़ियों और विदेशी अधिकारियों के लिए भी विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन करते हुए टीमों के लिए विशेष बसों की व्यवस्था की गई है ताकि उन्हें होटल से स्टेडियम तक आने-जाने में कोई दिक्कत न हो। विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल बिठाने पर जोर दिया गया है ताकि लॉजिस्टिक्स से जुड़ी किसी भी समस्या का तुरंत समाधान निकाला जा सके।
खेल संस्कृति को मिलेगा नया आयाम
इस आयोजन के जरिए पंजाब सरकार राज्य की पुरानी खेल विरासत को एक बार फिर से वैश्विक पटल पर चमकाने की कोशिश में जुटी है। स्थानीय नेताओं, कैबिनेट मंत्रियों और खेल संघों के पदाधिकारियों की मौजूदगी ने इस दौरे को और महत्वपूर्ण बना दिया। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई है कि इस टूर्नामेंट के सफल आयोजन से न सिर्फ पंजाब का नाम अंतरराष्ट्रीय खेल नक्शे पर और मजबूत होगा, बल्कि राज्य के युवा भी हॉकी के प्रति और अधिक आकर्षित होंगे।

