Punjab Chief Secretary Contempt Notice : चंडीगढ़ के न्यायिक गलियारों से इस वक्त की सबसे बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने राज्य के मुख्य सचिव (चीफ सेक्रेटरी) के. ए. पी. सिन्हा के खिलाफ बेहद सख्त रुख अपनाते हुए उन्हें क्रिमिनल कंटेम्प्ट (आपराधिक अवमानना) का नोटिस जारी कर दिया है। कर्मचारियों और पेंशनर्स के महंगाई भत्ते (DA) के भुगतान से जुड़े एक मामले में अदालत को कथित तौर पर झूठे तथ्य और आंकड़े सौंपने के मामले में यह कार्रवाई की गई है। इस आदेश के बाद से प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हड़कंप मच गया है।
सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री की रिपोर्ट से हुआ बड़ा खुलासा
यह पूरा विवाद तब उजागर हुआ जब हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री से पंजाब सरकार की अपील के मौजूदा स्टेटस को लेकर आधिकारिक रिपोर्ट मंगवाई। मुख्य न्यायाधीश अश्विनी कुमार मिश्रा और जस्टिस रोहित कपूर की बेंच ने सुनवाई के दौरान साफ कहा कि सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री की रिपोर्ट से यह पूरी तरह स्पष्ट हो गया है कि बीते दिन अदालत में सरासर झूठा बयान दिया गया था। कोर्ट ने इस बात पर कड़ी नाराजगी जताई कि जिम्मेदार पदों पर बैठे अधिकारी अदालत के समक्ष तथ्यात्मक रूप से गलत जानकारियां पेश कर रहे हैं।
कोर्ट के साथ ‘लुका-छिपी’ का खेल खेलने का आरोप
सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने पिछली तारीखों का हवाला देते हुए पंजाब सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल उठाए थे। अदालत ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा था कि आखिर पंजाब सरकार अदालत के साथ लुका-छिपी का खेल क्यों खेल रही है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने वाकई एक सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी (स्पेशल लीव पिटीशन) दाखिल कर दी होती, तो अब तक उस पर सुनवाई हो चुकी होती। बेंच का मानना था कि सरकार कानूनी मदद और प्रक्रियाओं के नाम पर केवल समय बर्बाद करने (टाइम पास) की कोशिश कर रही है, जबकि अदालत पहले ही सरकार को अपील के लिए पर्याप्त मौके दे चुकी है।
हलफनामे में दिए गए दावों की खुली पोल
ज्ञात हो कि इससे पहले मुख्य सचिव की ओर से एक हलफनामा (एफिडेविट) दाखिल किया गया था, जिसमें यह दावा किया गया था कि सुप्रीम कोर्ट में दायर अपील की कमियों और डिफैक्ट्स को दूर कर लिया गया है और मामला आगे बढ़ रहा है। हालांकि, अदालत ने तभी चेतावनी दी थी कि यदि सरकार के ये दावे झूठे साबित हुए, तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। अब सुप्रीम कोर्ट से रिपोर्ट आने के बाद वे दावे पूरी तरह खारिज हो गए हैं।
शुक्रवार को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के निर्देश
हाई कोर्ट ने मुख्य सचिव के. ए. पी. सिन्हा को नोटिस जारी कर यह जवाब तलब किया है कि अदालत को “जानबूझकर गुमराह करने” के आरोप में क्यों न उनके खिलाफ क्रिमिनल कंटेम्प्ट की कार्रवाई शुरू की जाए। अदालत के निर्देशानुसार, उन्हें आगामी शुक्रवार को होने वाली अगली सुनवाई के दौरान व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होने का आदेश दिया गया है। गौरतलब है कि इससे पहले हाई कोर्ट ने पंजाब सरकार को कर्मचारियों और पेंशनर्स के बकाया महंगाई भत्ते का भुगतान पंद्रह दिनों के भीतर करने का सख्त निर्देश दिया था, जिसके खिलाफ सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन अब यह मामला प्रशासनिक और कानूनी खींचतान का बड़ा मुद्दा बन गया है।

