पंजाब। पंजाब में स्थानीय सरकार चुनने के लिए हुए महामुकाबले के फैसले की घड़ी आ चुकी है। 26 मई को सूबे के 105 नगरीय निकायों के लिए डाले गए वोटों की गिनती आज सुबह 8 बजे से पूरे मुस्तैदी के साथ शुरू हो गई है। पंजाब राज्य चुनाव आयोग के मुताबिक, दोपहर 12 बजे तक सूबे की अधिकांश सीटों की तस्वीर पूरी तरह साफ होने की उम्मीद है। गौर करने वाली बात यह है कि इस बार चुनाव में ईवीएम (EVM) की जगह बैलेट पेपर का इस्तेमाल किया गया था, जिसे लेकर हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक सियासी खींचतान देखने को मिली थी। बैलेट बॉक्स से निकलने वाली ये पर्चियां तय करेंगी कि शहरों की सत्ता की चाबी किसके हाथ जाएगी।
115 केंद्रों पर कड़ा पहरा, सीसीटीवी से निगरानी
मतगणना के महाअभियान को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पंजाब पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के अभेद्य इंतजाम किए हैं। पूरे राज्य में कुल 115 काउंटिंग सेंटर बनाए गए हैं, जहां स्ट्रांग रूम के बाहर भारी सुरक्षा बल तैनात है। काउंटिंग हॉल के भीतर होने वाली हर हलचल पर पैनी नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरों का जाल बिछाया गया है। सभी सेंटरों के बाहर सुबह से ही विभिन्न राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों और उनके समर्थकों की भारी भीड़ जुटने लगी है।
मोहाली-बठिंडा समेत 8 नगर निगमों पर टिकी नजरें
इस चुनाव में मुख्य रूप से 8 बड़े नगर निगमों की साख दांव पर लगी है। इनमें मोहाली (एसएएस नगर), बठिंडा, अबोहर, बरनाला, कपूरथला, मोगा, बटाला और पठानकोट शामिल हैं। इन हाई-प्रोफाइल सीटों पर मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुवाई वाली आम आदमी पार्टी, अमरिंदर सिंह राजा वारिंग की कांग्रेस, सुनील जाखड़ की बीजेपी और सुखबीर सिंह बादल के अकाली दल ने अपनी पूरी ताकत झोंक रखी है। विधानसभा चुनाव से पहले शहरों के मूड को भांपने के लिए यह चुनाव बेहद अहम है, क्योंकि इसका सीधा असर सूबे की आगामी जमीनी राजनीति पर पड़ेगा।
घर बैठे ऑनलाइन देख सकेंगे हर वार्ड का रिजल्ट
आम जनता और वोटरों की उत्सुकता को देखते हुए राज्य चुनाव आयोग ने इस बार बड़ा कदम उठाया है। चुनाव आयुक्त राजकमल चौधरी ने बताया कि नतीजों को पारदर्शी तरीके से तुरंत पहुंचाने के लिए आधिकारिक पोर्टल sec.punjab.gov.in पर लाइव काउंटिंग का विशेष टैब एक्टिव किया गया है। इस डिजिटल व्यवस्था के जरिए कोई भी व्यक्ति अपने मोबाइल पर घर बैठे अपने विशेष जिले, तहसील और वार्ड के विजेता उम्मीदवार की सूची और वोटों का अंतर लाइव ट्रैक कर सकता है।
आम आदमी पार्टी और विपक्ष के बीच सीधा लिटमस टेस्ट
दिसंबर 2024 में हुए पांच बड़े निगमों के चुनाव में आम आदमी पार्टी ने एकतरफा बढ़त बनाई थी, लेकिन इस बार स्थितियां बदली हुई हैं। मोहाली जैसे शहरों में बैलेट पेपर की गोपनीयता और काउंटरफॉइल के सीरियल नंबर को लेकर पूर्व डिप्टी मेयर कुलजीत सिंह बेदी जैसे विपक्षी नेताओं ने जमकर बवाल काटा है और चुनाव रद्द करने तक की मांग की है। ऐसे में आज आने वाले नतीजे न सिर्फ पंजाब के शहरी विकास का खाका तय करेंगे, बल्कि यह भी बताएंगे कि राज्य सरकार की नीतियों से पंजाब का शहरी मध्यमवर्ग कितना संतुष्ट है।

