पंजाब। पंजाब की स्थानीय सरकार के महामुकाबले में सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) ने विपक्षी खेमे को करारी शिकस्त देते हुए क्लीन स्वीप की तरफ कदम बढ़ा दिए हैं। सूबे के 115 काउंटिंग सेंटरों पर शुक्रवार सुबह 8 बजे जैसे ही बैलेट पेपर की गिनती शुरू हुई, शुरुआती रुझान नतीजों में तब्दील होने लगे। 104 नगरीय निकायों के कुल 1,977 वार्डों में से अब तक 309 सीटों के अंतिम परिणाम आ चुके हैं। इनमें से अकेले ‘आप’ के खाते में 158 सीटें जा चुकी हैं, जो कांग्रेस के मुकाबले लगभग पांच गुना अधिक हैं। इस बड़ी बढ़त ने साफ कर दिया है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की नीतियों पर शहरी मतदाताओं ने फिलहाल अपना भरोसा बरकरार रखा है।
लुधियाना में कांग्रेस-अकाली मुस्तैद, नहीं चली ‘आप’ की आंधी
पूरे सूबे में भले ही आम आदमी पार्टी एकतरफा जीत दर्ज कर रही हो, लेकिन औद्योगिक राजधानी लुधियाना की जमीन पर कहानी थोड़ी जुदा है। लुधियाना में विपक्षी दलों ने तगड़ी घेराबंदी करते हुए ‘आप’ के रथ को रोकने की पुरजोर कोशिश की है। यहाँ अब तक आए नतीजों में आम आदमी पार्टी 18 सीटें जीतने में कामयाब रही है, तो वहीं कांग्रेस ने भी अपनी ताकत दिखाते हुए 11 वार्डों पर कब्जा जमाया है। शिरोमणि अकाली दल (SAD) भी 6 सीटों के साथ रेस में बना हुआ है, जबकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के खाते में फिलहाल महज 1 सीट आई है।
बठिंडा और फतेहगढ़ साहिब में ‘आप’ का दबदबा, कांटे की टक्कर में जीते प्रत्याशी
मालवा और सरहिंद के सियासी गलियारों से भी ‘आप’ के हक में अच्छे संकेत मिल रहे हैं। बठिंडा में आम आदमी पार्टी 80 से ज्यादा वार्डों में लगातार बढ़त बनाए हुए है। बठिंडा की भाई रूपा नगर पंचायत में ‘आप’ के जसप्रीत सिंह ने वार्ड नंबर 1 से 199 वोटों और गुरसेवक सिंह ने वार्ड नंबर 2 से 130 वोटों के अंतर से शानदार जीत दर्ज की। वहीं वार्ड नंबर 4 में महज 9 वोटों के बेहद करीबी अंतर से ‘आप’ के जसवीर सिंह चुनाव जीतने में सफल रहे। उधर, फतेहगढ़ साहिब की सरहिंद नगर परिषद में घोषित 6 नतीजों में से 4 पर ‘आप’ ने कब्जा जमाया है, जबकि कांग्रेस को सिर्फ 2 सीटों से संतोष करना पड़ा है।
छोटे निकायों में निर्दलीयों का डंका, कपूरथला में कांग्रेस आगे
इस चुनाव का सबसे दिलचस्प पहलू छोटी नगर पंचायतों में निर्दलीय उम्मीदवारों का उभार है। मानसा जिले के बोहा नगर पंचायत के 13 वार्डों में से घोषित 4 नतीजों में 3 सीटों पर निर्दलीयों ने बाजी मारी है, जबकि ‘आप’ को सिर्फ 1 सीट मिली। बरेटा नगर पंचायत में भी 5 में से 4 वार्ड निर्दलीयों की झोली में गए हैं। दूसरी ओर, कपूरथला नगर निगम में कांग्रेस ने अपनी पारंपरिक साख बचाते हुए वार्ड नंबर 8 और 14 पर जीत हासिल की है, जबकि यहाँ ‘आप’ को केवल वार्ड नंबर 5 से ही संतोष करना पड़ा। इसके अलावा, बठिंडा के पास कोटशमीर नगर पंचायत में अकाली दल ने 3 वार्ड जीतकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है।
2027 के सेमीफाइनल में किसकी कितनी बची साख?
दोपहर होते-होते पंजाब की स्थानीय राजनीति की तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई है। कुल सीटों के लिहाज से बीजेपी अभी भी पंजाब के शहरी इलाकों में अपनी जमीन तलाशने के लिए संघर्ष कर रही है, जिसके खाते में अब तक केवल 5 सीटें आई हैं। अकाली दल 44 सीटों के साथ अपनी खोई हुई राजनीतिक जमीन को वापस पाने की जद्दोजहद में जुटा है। इन नतीजों को साल 2027 में होने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल माना जा रहा था। जिस तरह से आम आदमी पार्टी ने ग्रामीण इलाकों के बाद अब नगर निगमों और परिषदों में भी अपनी पकड़ मजबूत की है, उसने आगामी विधानसभा चुनाव के लिए विपक्ष की राह को बेहद पथरीला बना दिया है।

