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Punjab News: बैसाखी मनाने के लिए 10 दिना का वीजा मिला, अमृतसर से 2840 सिख श्रद्धालुओं का जत्था पाकिस्तान रवाना

VVinita Kohli
Punjab News: बैसाखी मनाने के लिए 10 दिना का वीजा मिला, अमृतसर से 2840 सिख श्रद्धालुओं का जत्था पाकिस्तान रवाना
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अमृतसर: बैसाखी के अवसर पर देशभर से करीब 2840 सिख श्रद्धालुओं का जत्था शुक्रवार को पंजाब के अटारी-वाघा सीमा मार्ग से पाकिस्तान के लिए रवाना हुआ। यह जत्था 14 अप्रैल को खालसा सृजना दिवस मनाने के साथ-साथ पाकिस्तान में स्थित ऐतिहासिक गुरुधामों के दर्शन करेगा। श्रद्धालुओं को 10 दिनों का वीजा जारी किया गया है और यह धार्मिक यात्रा 19 अप्रैल को समाप्त होगी। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के नेतृत्व में बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस यात्रा में शामिल हुए।

अटारी-वाघा सीमा से उत्साहपूर्ण विदाई

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अटारी-वाघा बॉर्डर पर श्रद्धालुओं को “बोले सो निहाल… सत श्री अकाल” के जयकारों के बीच रवाना किया गया। इस दौरान माहौल पूरी तरह धार्मिक उत्साह से भरा रहा। एसजीपीसी की ओर से 1763 श्रद्धालुओं का प्रमुख जत्था भेजा गया, जिसकी अगुवाई एसजीपीसी सदस्य सुरजीत सिंह तुगलवाल कर रहे हैं।

वीजा प्रक्रिया में 32 आवेदन रद्द

एसजीपीसी द्वारा 1795 श्रद्धालुओं के वीजा के लिए आवेदन भेजे गए थे। इनमें से 1763 लोगों को वीजा मिला, जबकि 32 आवेदन खारिज कर दिए गए। जिन श्रद्धालुओं को वीजा नहीं मिल पाया, उनमें निराशा देखने को मिली। अधिकारियों के अनुसार, यह यात्रा पूरी तरह तय कार्यक्रम के अनुसार 10 दिनों में संपन्न होगी।

विभिन्न कमेटियों से पहुंचे श्रद्धालु

इस यात्रा में केवल एसजीपीसी ही नहीं, बल्कि अन्य सिख संगठनों के श्रद्धालु भी शामिल हैं। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी से 409 और हरियाणा सिख गुरुद्वारा कमेटी से 255 श्रद्धालुओं को वीजा जारी किया गया है। इस प्रकार कुल संख्या 2840 तक पहुंची, जो हर साल होने वाली इस धार्मिक यात्रा का अहम हिस्सा है।

करतारपुर साहिब मार्ग खोलने की मांग

श्रद्धालुओं ने भारत और पाकिस्तान सरकार से अपील की कि अधिक से अधिक लोगों को वीजा दिया जाए ताकि ज्यादा श्रद्धालु इस पवित्र यात्रा में शामिल हो सकें। साथ ही करतारपुर साहिब कॉरिडोर को नियमित रूप से खोलने और पाकिस्तान द्वारा लगाए गए 20 डॉलर के शुल्क को समाप्त करने की भी मांग उठाई गई।

14 अप्रैल को मनाया जाएगा खालसा सृजना दिवस

एसजीपीसी के सचिव कुलवंत सिंह मन्नन ने बताया कि यह जत्था विशेष रूप से 14 अप्रैल को खालसा सृजना दिवस मनाने के लिए भेजा गया है। उन्होंने जानकारी दी कि कुल 1795 पासपोर्ट भेजे गए थे, जिनमें से 32 रद्द हुए और बाकी श्रद्धालु यात्रा पर जा रहे हैं। यह यात्रा सिख धर्म के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।

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