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Punjab News: मोगा के सरकारी नशा मुक्ति केंद्र से 30 मरीज ताला तोड़कर फरार, सिक्योरिटी गार्ड्स के साथ मारपीट भी की

VVinita Kohli
Punjab News: मोगा के सरकारी नशा मुक्ति केंद्र से 30 मरीज ताला तोड़कर फरार, सिक्योरिटी गार्ड्स के साथ मारपीट भी की
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मोगा: पंजाब के मोगा जिले में स्थित सरकारी नशा मुक्ति केंद्र से करीब 30 मरीजों के फरार होने की घटना ने प्रशासन और पुलिस की चिंता बढ़ा दी है। गांव जनेर में स्थित इस केंद्र में उस समय अफरातफरी मच गई जब उपचाराधीन मरीजों के एक समूह ने सुरक्षा व्यवस्था तोड़ते हुए मुख्य गेट का ताला तोड़ दिया और बाहर निकल गए। फरार होने से पहले मरीजों ने केंद्र के स्टाफ और सिक्योरिटी गार्ड्स के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट भी की। यह पूरी घटना केंद्र में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई है। घटना के बाद थाना कोट इसे खां की पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी गई।

स्टाफ और मरीजों के बीच बहस के बाद बढ़ा विवाद

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जानकारी के अनुसार, सरकारी नशा मुक्ति केंद्र में विवाद उस समय शुरू हुआ जब कुछ मरीजों और कर्मचारियों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया और कुछ युवक उग्र हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पहले मरीजों ने सिक्योरिटी गार्ड्स को धक्का देकर पीछे हटाया और फिर मुख्य गेट की ओर बढ़ गए। इसके बाद युवकों ने मुख्य गेट का ताला तोड़ दिया और समूह में केंद्र से बाहर निकल गए। घटना के दौरान केंद्र के कर्मचारियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन हालात अचानक बिगड़ने के कारण कई युवक भागने में सफल रहे। घटना के बाद केंद्र परिसर में मौजूद अन्य मरीजों और स्टाफ में भी डर का माहौल बन गया।

95 मरीजों में से 30 युवक फरार

सूत्रों के मुताबिक, मोगा के इस सरकारी नशा मुक्ति केंद्र में कुल 95 मरीज भर्ती थे। इनमें से करीब 30 युवक मौके का फायदा उठाकर फरार हो गए, जबकि बाकी मरीज केंद्र के अंदर ही मौजूद रहे। कुछ युवकों को कर्मचारियों और सिक्योरिटी स्टाफ ने मौके पर पकड़ लिया, लेकिन बड़ी संख्या में मरीज भागने में सफल रहे। सिक्योरिटी गार्ड्स ने पुलिस को बताया कि फरार होने वाले युवकों ने उनके साथ हाथापाई की थी। घटना के बाद केंद्र की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इतने बड़े सरकारी केंद्र में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम होने चाहिए थे ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

CCTV फुटेज के आधार पर जांच शुरू

घटना की सूचना मिलते ही थाना कोट इसे खां की पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने नशा मुक्ति केंद्र और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज अपने कब्जे में ले ली है। फुटेज के आधार पर फरार युवकों की पहचान और उनकी गतिविधियों की जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फरार मरीजों की तलाश के लिए आसपास के गांवों और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस ने केंद्र के कर्मचारियों और सिक्योरिटी गार्ड्स के बयान भी दर्ज कर लिए हैं। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

मोगा के सरकारी नशा मुक्ति केंद्र से इतनी बड़ी संख्या में मरीजों के फरार होने के बाद सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय प्रशासन अब यह जांच कर रहा है कि केंद्र में सुरक्षा में कहां चूक हुई। अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने भी घटना की रिपोर्ट मांगी है। प्रशासन यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि मरीजों के बीच विवाद की असली वजह क्या थी और स्थिति अचानक इतनी तनावपूर्ण कैसे हो गई। घटना के बाद केंद्र की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।

फरार मरीजों की तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस टीमों को आसपास के क्षेत्रों में अलर्ट कर दिया गया है ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही सभी फरार युवकों को पकड़ लिया जाएगा। पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि किसी को फरार मरीजों के बारे में कोई जानकारी मिले तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें। घटना के बाद मोगा और आसपास के इलाकों में सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।

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