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Punjab News: विधानसभा स्पीकर संधवां ने बेअदबी कानून को लेकर रखा पक्ष, बोले- गुरु पंथ की भावनाओं को ध्यान में रखकर लिया गया फैसला

VVinita Kohli
Punjab News: विधानसभा स्पीकर संधवां ने बेअदबी कानून को लेकर रखा पक्ष, बोले- गुरु पंथ की भावनाओं को ध्यान में रखकर लिया गया फैसला
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अमृतसर: पंजाब में बेअदबी विरोधी कानून को लेकर जारी विवाद के बीच विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां शुक्रवार को अमृतसर स्थित श्री अकाल तख्त साहिब सचिवालय पहुंचे। यहां उन्होंने जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज से मुलाकात कर अपना पक्ष रखा। AAP सरकार द्वारा लाए गए नए कानून को लेकर जत्थेदार ने उन्हें तलब किया था। बैठक के बाद संधवां ने मीडिया से बातचीत में कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब सिख पंथ की सर्वोच्च संस्था है और वह जत्थेदार के बुलावे पर अपना स्पष्टीकरण देने पहुंचे थे।

कुलतार सिंह संधवां ने कहा कि मीरी-पीरी के मालिक श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी द्वारा स्थापित श्री अकाल तख्त साहिब सिख समुदाय की सर्वोच्च संस्था है। उन्होंने कहा कि जत्थेदार साहिब ने उन्हें बातचीत के लिए बुलाया था और उन्होंने पूरी श्रद्धा के साथ अपना पक्ष उनके सामने रखा। उन्होंने यह भी कहा कि बैठक के दौरान कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई, लेकिन वह बातचीत का पूरा विवरण सार्वजनिक नहीं कर सकते। संधवां ने स्पष्ट किया कि सरकार और विधानसभा का उद्देश्य हमेशा पंथ और समाज की भावनाओं का सम्मान करना है।

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गुरु पंथ की भावनाओं को ध्यान में रखकर लिया गया फैसला

मीडिया से बातचीत में विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि बेअदबी के मामलों को लेकर समाज में गहरी संवेदनाएं हैं। इसी कारण सरकार ने जो भी कदम उठाया है, वह गुरु पंथ की चढ़दी कला और सिख भावनाओं को ध्यान में रखकर उठाया गया है। उन्होंने जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज को भरोसा दिलाया कि आगे भी कानून या संशोधन से जुड़ा कोई फैसला समाज और पंथ की भावनाओं के अनुरूप ही किया जाएगा। संधवां ने कहा कि सरकार किसी भी मुद्दे पर संवाद की प्रक्रिया को महत्व देती है और सभी पक्षों की राय को गंभीरता से सुनना चाहती है।

कुलतार सिंह संधवां ने बताया कि जागर ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार एक्ट में संशोधन से पहले सरकार ने व्यापक स्तर पर सुझाव मांगे थे। इसके लिए अखबारों में विज्ञापन प्रकाशित किए गए थे और संपर्क नंबर भी जारी किए गए थे ताकि संगत और आम लोग अपनी राय दे सकें। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती थी कि कानून बनाने से पहले समाज के हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित हो। इसी प्रक्रिया के तहत मिले सुझावों को ध्यान में रखकर आगे की कार्रवाई की गई। संधवां ने दावा किया कि सरकार ने पूरी पारदर्शिता के साथ यह प्रक्रिया अपनाई।

पंजाब में धार्मिक और राजनीतिक बहस तेज

बेअदबी कानून को लेकर पंजाब के धार्मिक और राजनीतिक हलकों में बहस लगातार तेज होती जा रही है। एक ओर राज्य सरकार का कहना है कि बेअदबी की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कानून जरूरी है, वहीं दूसरी ओर कई धार्मिक संगठनों का मानना है कि ऐसे मामलों में पंथक संस्थाओं की राय और मर्यादा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। अमृतसर में हुई इस मुलाकात के बाद राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। विपक्षी दल सरकार के रुख पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि AAP नेता इसे समाज की भावनाओं के अनुरूप कदम बता रहे हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है।

अकाल तख्त सचिवालय की बैठक पर टिकी रहीं नजरें 

शुक्रवार को श्री अकाल तख्त साहिब सचिवालय में हुई इस बैठक पर पूरे पंजाब की नजरें टिकी रहीं। धार्मिक संगठनों और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि लगातार इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते रहे। अमृतसर में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई थी और सचिवालय परिसर के बाहर मीडिया की बड़ी संख्या मौजूद रही। फिलहाल सरकार और धार्मिक संस्थाओं के बीच संवाद जारी है। अब यह देखना अहम होगा कि बेअदबी कानून को लेकर आगे क्या फैसला लिया जाता है और क्या सरकार इसमें किसी तरह का संशोधन या नया परामर्श करती है।

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