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Punjab News: पंजाब में महाहड़ताल के बीच CM मान का सख्त रुख, कर्मचारियों से कहा- पहले हड़ताल खत्म करो, फिर बात सुनेंगे

VVinita Kohli
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Punjab News: पंजाब में महाहड़ताल के बीच CM मान का सख्त रुख, कर्मचारियों से कहा- पहले हड़ताल खत्म करो, फिर बात सुनेंगे

पंजाब में महाहड़ताल के बीच CM मान का सख्त रुख

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Punjab News: पंजाब में सरकारी कर्मचारियों की महाहड़ताल के बीच मुख्यमंत्री भगवंत मान और कर्मचारी संगठनों के बीच प्रस्तावित बैठक को लेकर गतिरोध पैदा हो गया है। 7 लाख से अधिक सरकारी मुलाजिम और पेंशनर DA समेत 8 मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं और आज जालंधर के PAP में मुख्यमंत्री के साथ बैठक होनी थी।

सूत्रों के मुताबिक, कर्मचारी संगठन बैठक के लिए PAP पहुंचे, लेकिन मुख्यमंत्री ने उन्हें बाहर इंतजार करने को कहा। CM मान ने कथित तौर पर स्पष्ट किया कि हड़ताल और बातचीत दोनों चीजें एक साथ नहीं चल सकतीं और पहले कर्मचारियों को हड़ताल खत्म करनी होगी।

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सरकारी दफ्तर और OPD सेवाएं प्रभावित

महाहड़ताल का असर पंजाब के सरकारी कामकाज पर साफ दिखाई दे रहा है। कर्मचारियों ने अपने-अपने विभागों के प्रमुखों से सामूहिक छुट्टी ली है और पूरे दिन हड़ताल पर रहने का ऐलान किया है।

सरकारी दफ्तरों के अलावा अस्पतालों और डिस्पेंसरियों की OPD सेवाएं भी प्रभावित हैं। मोहाली सिविल अस्पताल में दवाई लेने पहुंचे एक व्यक्ति ने बताया कि गार्ड ने उसे हड़ताल का हवाला देते हुए बाहर कर दिया और अगले दिन आने को कहा।

पठानकोट में नगर निगम दफ्तर और सिविल अस्पताल में भी ताले लटके मिले। सरकारी सेवाओं के लिए पहुंचे लोगों को कर्मचारियों की अनुपस्थिति के कारण परेशानी का सामना करना पड़ा।

 

अफसरों के ड्राइवर भी हड़ताल में शामिल

महाहड़ताल में अधिकारियों की कार चलाने वाले ड्राइवर भी शामिल हैं। इसके कारण कई अधिकारियों को दफ्तर पहुंचने में परेशानी हुई।
लुधियाना के DC भी सुबह साढ़े 9 बजे तक अपने कार्यालय नहीं पहुंचे थे। वहीं जालंधर में शाहकोट से 86 वर्षीय रिटायर्ड टीचर रणधीर कौर भी कर्मचारी संगठनों के धरने में शामिल होने पहुंचीं।

 

बसें चल रहीं, कई सरकारी स्कूल भी खुले

महाहड़ताल के बावजूद पंजाब में सार्वजनिक परिवहन पूरी तरह बंद नहीं हुआ है। पंजाब रोडवेज, पनबस और PRTC की बसें चल रही हैं।
सांझा मुलाजिम मंच पंजाब ने पहले सरकारी बसों के ड्राइवर-कंडक्टरों के हड़ताल में शामिल होने का ऐलान किया था। बुधवार को वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के साथ बैठक के बाद रक्षाबंधन का हवाला देते हुए ड्राइवर-कंडक्टरों ने हड़ताल में शामिल नहीं होने का फैसला किया।

इसके चलते बस सेवा जारी है। वहीं पंजाब के कई हिस्सों में सरकारी स्कूल भी खुले हुए हैं, जिससे विद्यार्थियों और बस सेवा पर निर्भर यात्रियों को फिलहाल राहत मिली हुई है।

 

चीमा बोले- कर्मचारियों को आम लोगों को परेशान नहीं करना चाहिए

वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान जालंधर में व्यस्त थे, इसलिए कर्मचारी संगठनों के साथ बैठक जालंधर में ही शिफ्ट की गई है।
चीमा ने कहा कि कर्मचारी आज अपनी हड़ताल वापस ले लेंगे। उन्होंने कहा कि कर्मचारी पंजाब के लोगों की भलाई के लिए हैं और उन्हें आम जनता को परेशान नहीं करना चाहिए।
वित्त मंत्री ने कहा कि लोग टैक्स के रूप में पैसा देते हैं, इसलिए उन्हें किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। अब कर्मचारी संगठनों और सरकार के बीच बातचीत किस शर्त पर शुरू होती है, यह मुख्यमंत्री के रुख और हड़ताल वापस लेने के फैसले पर निर्भर करेगा।

 

8 मांगों को लेकर कर्मचारी संगठनों का प्रदर्शन

कर्मचारी और पेंशनर DA समेत 8 मांगों को लेकर महाहड़ताल कर रहे हैं। सामूहिक छुट्टी के जरिए कर्मचारी संगठनों ने सरकार पर अपनी मांगों को लेकर दबाव बनाया है।
वहीं सरकार का रुख है कि आम लोगों को सरकारी सेवाओं के लिए परेशान नहीं होना चाहिए। जालंधर में मुख्यमंत्री और कर्मचारी संगठनों के बीच बातचीत शुरू होती है या नहीं, इस पर अब पूरे पंजाब की नजर है।

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