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Punjab News: सूबे में कई सरकारी मेडिकल कॉलेजों में नर्सिंग स्टाफ की हड़ताल, सरकार ने लागू किया एस्मा

VVinita Kohli
Punjab News: सूबे में कई सरकारी मेडिकल कॉलेजों में नर्सिंग स्टाफ की हड़ताल, सरकार ने लागू किया एस्मा
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चंडीगढ़: पंजाब के मोहाली सहित अमृतसर और पटियाला के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में नर्सिंग स्टाफ की हड़ताल ने स्वास्थ्य सेवाओं पर असर डालना शुरू कर दिया है। करीब 1500 नर्सिंग कर्मचारी 26 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। इस स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने ‘द ईस्ट पंजाब एसेंशियल सर्विसेज (मेंटेनेंस) एक्ट, 1947’ यानी एस्मा लागू कर दिया है और हड़ताल पर गए कर्मचारियों को तुरंत ड्यूटी पर लौटने के निर्देश दिए हैं। हालांकि नर्सिंग स्टाफ ने इन आदेशों को मानने से इनकार कर दिया है और अपने आंदोलन को जारी रखने की घोषणा की है।

क्यों शुरू हुई हड़ताल

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नर्सिंग स्टाफ लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर सरकार के सामने आवाज उठा रहा था। यूनाइटेड नर्सेज एसोसिएशन ऑफ पंजाब के नेतृत्व में यह हड़ताल शुरू की गई है। कर्मचारियों की मुख्य मांग 4600 ग्रेड-पे को बहाल करने की है, जिसे वर्ष 2021 में घटाकर 2800 कर दिया गया था। इस फैसले के बाद से नर्सिंग कर्मचारियों की सैलरी में कमी आई है, जिससे उनमें असंतोष बना हुआ है।

कई वर्षों से जारी है मांग

एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष रमनजीत सिंह गिल ने बताया कि यह हड़ताल अचानक नहीं है। पिछले 5-6 वर्षों से नर्सिंग स्टाफ अपनी मांगों को लेकर लगातार प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि कई बार सरकार के साथ बैठकें भी हुईं, जिनमें उनकी मांगों को सही माना गया, लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया।

सरकार की सख्ती और एस्मा लागू

हड़ताल के चलते स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहे असर को देखते हुए मेडिकल शिक्षा विभाग के प्रिंसिपल सचिव ने एस्मा लागू कर दिया। इस कानून के तहत आवश्यक सेवाओं में काम करने वाले कर्मचारियों को हड़ताल करने से रोका जाता है। सरकार ने साफ निर्देश दिए हैं कि सभी नर्सिंग कर्मचारी तुरंत अपनी ड्यूटी जॉइन करें, ताकि मरीजों को परेशानी न हो।

कर्मचारियों का विरोध जारी

सरकार के आदेशों के बावजूद नर्सिंग स्टाफ अपने फैसले पर कायम है। अमृतसर, पटियाला और मोहाली के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में कर्मचारी धरने पर बैठे हुए हैं। उन्होंने साफ कहा है कि जब तक उनकी मुख्य मांग पूरी नहीं होती, तब तक वे काम पर वापस नहीं लौटेंगे।

आंदोलन तेज करने की चेतावनी

नर्सिंग एसोसिएशन ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही 4600 ग्रेड-पे बहाल नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। कर्मचारियों का कहना है कि वे अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं और किसी भी दबाव में झुकने वाले नहीं हैं। इस बीच, राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं पर इस हड़ताल का असर लगातार बढ़ता जा रहा है।

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