Breaking News
Magha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं कियाMagha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं किया

Punjab News: पंजाब में बेअदबी मामलों पर अब होगी सख्त कार्रवाई, 90 दिन में जांच पूरी करना अनिवार्य, नई SOP लागू

VVinita Kohli
Punjab News: पंजाब में बेअदबी मामलों पर अब होगी सख्त कार्रवाई, 90 दिन में जांच पूरी करना अनिवार्य, नई SOP लागू
शेयर करें
AI Quick Summary

Want to save time? Let our AI read the article and give you 3 quick bullet points.

Listen to this article
AUDIO VERSION

चंडीगढ़: पंजाब में बेअदबी जैसे संवेदनशील मामलों की जांच को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए पंजाब पुलिस ने नई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) लागू की है। यह SOP पंजाब ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (PBI) द्वारा तैयार की गई है और पूरे राज्य में लागू होगी। इसके तहत जांच में फॉरेंसिक सटीकता, डिजिटल साक्ष्यों की सुरक्षा और समयबद्ध कानूनी प्रक्रिया को प्राथमिकता दी गई है। नई व्यवस्था के अनुसार, सूचना मिलते ही SHO और जांच अधिकारी को तुरंत घटनास्थल पर पहुंचना होगा और जांच प्रक्रिया में देरी नहीं की जाएगी।

घटनास्थल पर तुरंत कार्रवाई अनिवार्य

विज्ञापन

नई SOP के अनुसार, किसी भी बेअदबी मामले की सूचना मिलते ही संबंधित थाना प्रभारी (SHO) और जांच अधिकारी (IO) को बिना देरी किए मौके पर पहुंचना अनिवार्य है। पुलिस को घटनास्थल पर पहुंचते ही साक्ष्यों को सुरक्षित रखने के लिए दो स्तर का घेरा बनाना होगा। आंतरिक घेरा साक्ष्यों की सुरक्षा के लिए और बाहरी घेरा भीड़ नियंत्रण के लिए बनाया जाएगा। इससे जांच प्रभावित नहीं होगी और किसी भी तरह की छेड़छाड़ रोकी जा सकेगी।

धार्मिक मर्यादा का विशेष ध्यान

SOP में स्पष्ट किया गया है कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के ‘अंगों’ या अन्य धार्मिक प्रतीकों को केवल अधिकृत धार्मिक प्रतिनिधियों की उपस्थिति में ही छुआ जाएगा। इस दौरान पूरी धार्मिक मर्यादा का पालन किया जाएगा। किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनादर से बचने के लिए पुलिस को विशेष दिशा-निर्देश दिए गए हैं। यह कदम धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।

फॉरेंसिक और डिजिटल जांच पर जोर

हर घटनास्थल की हाई-रिजॉल्यूशन फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी और मैपिंग अनिवार्य की गई है। फॉरेंसिक टीमों को तुरंत मौके पर बुलाया जाएगा ताकि वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाए जा सकें। इसके अलावा सोशल मीडिया, डीपफेक वीडियो और भ्रामक पोस्ट की जांच के लिए AI आधारित टूल्स का इस्तेमाल किया जाएगा। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर फैलने वाली अफवाहों और गलत सूचनाओं को भी जांच के दायरे में लाया गया है।

साजिश और फंडिंग की भी जांच

पुलिस अब केवल आरोपी व्यक्ति तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि मामले के पीछे की साजिश और मास्टरमाइंड तक पहुंचेगी। SOP में यह भी शामिल किया गया है कि बिटकॉइन या अन्य क्रिप्टोकरेंसी के जरिए होने वाली संभावित फंडिंग की जांच की जाएगी। इससे संगठित साजिशों और बाहरी हस्तक्षेप को उजागर करने में मदद मिलेगी।

समयबद्ध जांच और मेडिकल मूल्यांकन

नई SOP के तहत बेअदबी मामलों की जांच 60 से 90 दिनों के भीतर पूरी करना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके बाद चालान अदालत में पेश करना होगा। यदि आरोपी मानसिक रूप से अस्थिर प्रतीत होता है, तो उसकी जांच के लिए फॉरेंसिक मनोवैज्ञानिकों का एक मेडिकल बोर्ड गठित किया जाएगा। इन मामलों की निगरानी सीधे SSP या पुलिस कमिश्नर स्तर के अधिकारी करेंगे।

कड़े दंड का प्रावधान

पंजाब सरकार के बेअदबी कानून के तहत दोषी पाए जाने पर कम से कम 10 साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान है। इसके साथ ही 5 लाख से 25 लाख रुपये तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है। इस कानून के तहत दर्ज मामलों को गैर-जमानती रखा गया है। सरकार ने 13 अप्रैल को इस प्रस्ताव को पेश किया था, जिसे राज्यपाल की मंजूरी मिल चुकी है।

विज्ञापन

चंडीगढ़ की और ख़बरें

ताज़ा ख़बरें सीधे अपने ईमेल पर

जगमार्ग न्यूज़ की बड़ी ख़बरें रोज़ अपने इनबॉक्स में पाएं। मुफ़्त, कभी भी अनसब्सक्राइब करें।