Punjab Power Crisis : पंजाब के आम लोगों और उद्योग जगत को पिछले तीन दिनों से भारी बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है। भीषण कटों के बीच सूबे की स्थिति लगातार चिंताजनक बनी हुई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य के बिजली मंत्री तरणप्रीत सिंह सौंद ने एक वीडियो बयान जारी कर स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि पूरे देश में गहराए कोयले के संकट के कारण पंजाब सरकार को मजबूरी में घरेलू और औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली कट लगाने पड़ रहे हैं।
प्राइवेट पावर प्लांटों में ठप्प पड़ता उत्पादन
बिजली मंत्री ने बताया कि देश भर में लगभग 63 गीगावाट क्षमता के थर्मल पावर प्लांट कोयले की कमी से सीधी मार झेल रहे हैं। पंजाब के दो बड़े निजी पावर प्लांट- राजपुरा स्थित नाभा पावर लिमिटेड और मानसा का तलवंडी साबो प्लांट पूरी तरह केंद्र की कोयला सप्लाई पर निर्भर हैं। केंद्र से पर्याप्त कोयला न मिलने के कारण ये प्लांट महज 3 से 4 दिन के स्टॉक पर टिके हैं और मजबूरी में आधी क्षमता पर ही बिजली पैदा कर रहे हैं। हालांकि, सरकारी प्रबंधन वाले थर्मल प्लांटों में स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है और उनके पास करीब 10 दिनों का स्टॉक मौजूद है।
उत्पादन घटा, केंद्र सरकार से जवाब तलब
राष्ट्रीय स्तर पर उपजे इस संकट के कारण पंजाब में कुल बिजली उत्पादन में 1,500 मेगावाट की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। इस गंभीर स्थिति पर बिजली मंत्री तरणप्रीत सिंह सौंद ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने मांग की है कि केंद्र इस मसले पर अपनी चुप्पी तोड़े और देश को बताए कि कोयले की यह नेशनल शॉर्टेज आखिर कब तक दूर होगी। उन्होंने केंद्र से तुरंत ठोस कदम उठाने की अपील की है ताकि पंजाब के आम नागरिकों और फैक्ट्रियों को बिना रुकावट बिजली मिलना शुरू हो सके।
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