Punjab Weather: पंजाब और चंडीगढ़ में बारिश के बाद मौसम ठंडा हो गया है। अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में तापमान में आई गिरावट से सुबह और शाम के मौसम में सर्दी का अहसास होने लगा है। पंजाब के औसत अधिकतम तापमान में 4.8 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है और यह सामान्य से 8.6 डिग्री नीचे पहुंच गया है। फरीदकोट में अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि संगरूर में 37.5 MM बारिश हुई।
मौसम विभाग ने 12 से 15 अक्टूबर तक पंजाब और आसपास के इलाकों में बारिश की संभावना जताई है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक, बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। ऐसे में लोगों को मौसम की चेतावनी पर ध्यान देने और खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत है।
पंजाब के 18 जिलों में बारिश की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार, पंजाब के पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, होशियारपुर, नवांशहर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर, पटियाला, मोहाली, फिरोजपुर, फरीदकोट, मोगा, बरनाला और संगरूर में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर, नवांशहर, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर, पटियाला और मोहाली में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की आशंका है। 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने पर खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचना चाहिए। बारिश के कारण सड़कों पर फिसलन बढ़ सकती है और तेज हवाओं से वाहन चालकों को परेशानी हो सकती है। किसानों और खुले में काम करने वाले लोगों को भी मौसम की स्थिति के अनुसार अपनी गतिविधियों की योजना बनानी चाहिए।
मौसम विभाग के मुताबिक, हिमाचल प्रदेश के आसपास पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। इसके साथ हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों में ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण भी मौसम को प्रभावित कर रहा है। इन मौसमी प्रणालियों के कारण पंजाब और चंडीगढ़ में बारिश तथा गरज-चमक की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर-पश्चिम भारत के मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। पंजाब में अधिकतम तापमान में आई गिरावट के कारण दिन में पड़ने वाली गर्मी से राहत मिली है। आने वाले दिनों में बारिश की स्थिति के अनुसार तापमान में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। चंडीगढ़ समेत पंजाब के शहरी इलाकों में बारिश के दौरान दोपहिया वाहन चालकों को खास सावधानी बरतनी चाहिए। तेज हवाओं और बिजली गिरने की चेतावनी वाले क्षेत्रों में मौसम साफ होने तक खुले स्थानों पर रुकने से बचना बेहतर होगा।
पंजाब में बिजली की मांग घटी, खपत 5,902 मेगावाट पर आई
बारिश और तापमान में गिरावट के बीच पंजाब में बिजली की मांग घटकर 5,902 मेगावाट रह गई। राज्य में बिजली उत्पादन 4,484 मेगावाट दर्ज किया गया, जबकि दूसरे राज्यों से 1,414 मेगावाट बिजली ली गई। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, तय मात्रा से 80 मेगावाट अधिक बिजली ली गई। तापमान गिरने से कूलर और एयर कंडीशनर जैसे उपकरणों के इस्तेमाल में कमी आ सकती है। इससे बिजली की खपत पर भी असर पड़ता है। हालांकि, मौजूदा आंकड़ों से यह स्पष्ट नहीं है कि बिजली की मांग में कितनी कमी केवल मौसम बदलने के कारण आई। फिलहाल पंजाब और चंडीगढ़ में लोगों को बारिश से गर्मी से राहत मिली है, लेकिन बिजली गिरने और तेज हवाओं की आशंका के चलते सतर्क रहना जरूरी है। मौसम विभाग ने 12 से 15 अक्टूबर तक बारिश की संभावना जताई है, इसलिए अगले कुछ दिनों तक मौसम में बदलाव जारी रह सकता है। हरियाणा में बदलेगा मौसम का मिजाज, इन जिलों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट

