Punjab Weather Update: पंजाब और चंडीगढ़ में बारिश के कारण मौसम बदल गया है। कई इलाकों में बुधवार रात से रुक-रुककर बारिश हो रही है, जबकि तरनतारन जिले के पट्टी में रात के समय ओले भी गिरे। मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के पूर्वानुमान के मुताबिक, गुरुवार यानी 15 अक्टूबर को पंजाब के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान गरज-चमक, आंधी, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की आशंका है।
मौसम विभाग ने तेज हवाओं को लेकर भी चेतावनी जारी की है। हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है और कुछ स्थानों पर झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। खराब मौसम के कारण जहां निचले इलाकों में जलभराव हो सकता है, वहीं पेड़ों, बिजली की तारों और खेतों में खड़ी फसलों को भी नुकसान पहुंचने का खतरा है।
9 जिलों में ओलावृष्टि का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, पंजाब के पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर, नवांशहर, लुधियाना, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर, पटियाला और मोहाली में ओलावृष्टि की संभावना है। इन जिलों में कई स्थानों पर बारिश भी हो सकती है। ओले गिरने और तेज हवाएं चलने से खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका बनी हुई है। इसके अलावा अमृतसर, कपूरथला, जालंधर और संगरूर में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। इन इलाकों में मौसम अचानक बिगड़ने की संभावना को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
पंजाब के तरनतारन, फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, मोगा, बठिंडा, बरनाला और मानसा में भी कहीं-कहीं बारिश होने का अनुमान है। इस तरह बारिश का असर राज्य के कई हिस्सों में देखने को मिल सकता है। जिन इलाकों में कम समय में ज्यादा बारिश होगी, वहां सड़कों और निचले क्षेत्रों में पानी जमा होने की समस्या पैदा हो सकती है। तेज हवाओं के कारण पेड़ों की शाखाएं टूटने, बिजली की तारों को नुकसान पहुंचने और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका भी है। किसानों के लिए ओलावृष्टि चिंता का विषय बन सकती है। मौसम विभाग ने किसानों को तेज हवाओं और ओलों से फसलों को संभावित नुकसान से बचाने के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी है।
पश्चिमी विक्षोभ के कारण बदला मौसम
पंजाब और चंडीगढ़ में मौसम बदलने की मुख्य वजह उत्तरी पाकिस्तान और उससे सटे जम्मू-कश्मीर के आसपास सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ है। इसके साथ ही उत्तरी हरियाणा के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इन मौसमी परिस्थितियों के कारण पंजाब में 14 और 15 अक्टूबर को व्यापक स्तर पर बारिश होने का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग के अनुसार, 16 अक्टूबर से बारिश और अन्य मौसमी गतिविधियों में कमी आ सकती है। हालांकि, इससे पहले गुरुवार को कई जिलों में भारी बारिश, आंधी और ओलावृष्टि का खतरा बना हुआ है। ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचना चाहिए।
बारिश के बीच पंजाब में बिजली की मांग 6,231 मेगावाट दर्ज की गई। राज्य के अपने बिजलीघरों से 4,142 मेगावाट बिजली मिल रही थी, जबकि केंद्रीय हिस्से और अन्य स्रोतों से 2,081 मेगावाट बिजली ली जा रही थी। राज्य में बिजली की तय आपूर्ति 2,270 मेगावाट थी, जबकि वास्तविक आपूर्ति इससे 189 मेगावाट कम रही। बिजली की आवृत्ति 50.05 हर्ट्ज दर्ज की गई। खराब मौसम के दौरान बिजली आपूर्ति की स्थिति पर भी नजर रखना जरूरी होगा, क्योंकि तेज हवाओं और बारिश से कुछ क्षेत्रों में बिजली लाइनों पर असर पड़ सकता है।
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