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राहुल की 'घुड़की' पर सियासी घमासान: सुखबीर बादल और रवनीत बिट्टू ने कांग्रेस की आंतरिक बेबसी को बनाया हथियार

JJagmarg Desk
राहुल की 'घुड़की' पर सियासी घमासान: सुखबीर बादल और रवनीत बिट्टू ने कांग्रेस की आंतरिक बेबसी को बनाया हथियार
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बरनाला: कांग्रेस की बरनाला रैली के बाद पंजाब की सियासत में जुबानी जंग तेज हो गई है। राहुल गांधी द्वारा मंच से अपनी ही पार्टी के नेताओं को दी गई चेतावनी को विपक्ष ने कांग्रेस की आंतरिक बेबसी का सार्वजनिक प्रदर्शन करार दिया है।

शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल और केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने राहुल गांधी के इस दौरे पर तीखे निशाने साधते हुए दावा किया कि यह रैली पंजाब के ज्वलंत मुद्दों के लिए नहीं, बल्कि डूबती हुई कांग्रेस को बचाने की एक नाकाम कोशिश मात्र थी।

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कांग्रेस आज टूटने की कगार पर खड़ी है- सुखबीर सिंह बादल 

शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने राहुल गांधी के इस दौरे को पंजाब के हितों से पूरी तरह रहित बताया। उनका कहना है कि राहुल गांधी के पास पंजाब या यहाँ के लोगों के लिए कोई सकारात्मक एजेंडा नहीं था।

बादल ने दावा किया कि राहुल गांधी पंजाब सिर्फ इसलिए आए थे क्योंकि उन्हें अच्छी तरह पता है कि पंजाब कांग्रेस के नेता एक-दूसरे की जड़ें काटने में लगे हुए हैं। उन्होंने राहुल की चेतावनी को ‘डराने’ की राजनीति बताते हुए कहा कि कांग्रेस आज टूटने की कगार पर खड़ी है और यह दौरा सिर्फ पार्टी के भीतर मची कलह को दबाने तक ही सीमित रहा।

रैली में सिर्फ पार्टी के ही कार्यकर्ता, आम जनता या मजदूर नहीं- रवनीत सिंह बिट्टू 

दूसरी ओर, केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने राहुल गांधी पर वरिष्ठ नेताओं की बेइज्जती करने का आरोप लगाया। बिट्टू ने तंज कसते हुए सवाल किया कि यदि राहुल गांधी को अपने ही नेताओं को सार्वजनिक रूप से फटकार लगानी थी और उन्हें सुधारने की बातें करनी थीं, तो इसके लिए पंजाब में इतना बड़ा खर्च करके रैली करने की क्या जरूरत थी?

उन्होंने सुझाव दिया कि ऐसे काम के लिए नेताओं को दिल्ली ही बुला लेना चाहिए था। बिट्टू ने राहुल गांधी की उस टिप्पणी पर भी प्रहार किया जिसमें उन्होंने कहा था कि कांग्रेसी नेता खिलाड़ियों की लिस्ट में नहीं हैं। बिट्टू के अनुसार, इस बयान ने पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की राजनीतिक अहमियत को शून्य कर दिया है।

रैली की जमीनी हकीकत पर सवाल उठाते हुए बिट्टू ने यह भी दावा किया कि जिस मनरेगा और मजदूर वर्ग की बात कांग्रेस कर रही है, वे रैली में कहीं नजर नहीं आए। उनके अनुसार रैली में सिर्फ पार्टी के ही कार्यकर्ता मौजूद थे, आम जनता या मजदूर नहीं।

में, विपक्षी दलों ने एकजुट होकर कहा कि राहुल गांधी के भाषण ने खुद यह साबित कर दिया है कि पंजाब कांग्रेस गुटों में बुरी तरह बंटी हुई है। विरोधियों का मानना है कि कांग्रेस की असली लड़ाई किसी विपक्षी दल से नहीं, बल्कि अपने ही नेताओं के बीच चल रहे ‘कुर्सी युद्ध’ से है, जिसका परिणाम आने वाले समय में पार्टी के और अधिक पतन के रूप में सामने आएगा।

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