Rail Ticket Rules: रोजाना ऑफिस, कॉलेज या काम के सिलसिले में ट्रेन से आने-जाने वाले यात्रियों को अब टिकट काउंटर पर लंबी लाइनों में लगने की जरूरत नहीं पड़ेगी। भारतीय रेलवे ने दैनिक यात्रियों (RailOne App UTS Season Ticket) की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म में बड़ा बदलाव किया है। रेलवे ने RailOne ऐप पर ‘शेयरेबल UTS सीजन टिकट’ सुविधा की शुरुआत की है। इस व्यवस्था के तहत यात्री न केवल अपना, बल्कि अपने परिवार के अन्य सदस्यों का सीजन टिकट भी एक ही मोबाइल से बुक कर सकेंगे।
रेलवे द्वारा 2 सितंबर 2026 से लागू की गई इस व्यवस्था से लाखों यात्रियों का समय बचेगा और स्टेशन काउंटरों पर उमड़ने वाली भीड़ में भी कमी आएगी।
उम्र के तय नियम: 18 वर्ष का व्यक्ति बुक कर सकेगा दूसरों के टिकट
नई व्यवस्था के तहत RailOne ऐप पर रजिस्टर्ड कोई भी यात्री अपने खुद के अलावा अधिकतम 5 अन्य पात्र यात्रियों के सीजन टिकट बुक करने का अधिकार रखेगा। यानी एक ही रजिस्टर्ड अकाउंट से कुल 6 सीजन टिकट आसानी से बनाए जा सकेंगे। हालांकि, रेलवे ने इसके लिए आयु सीमा तय की है। टिकट बुक करने वाले मुख्य उपयोगकर्ता (Book Season Ticket Mobile) की उम्र कम से कम 18 वर्ष होनी अनिवार्य है, जबकि जिन अन्य यात्रियों के लिए टिकट बुक किया जा रहा है, उनकी आयु कम से कम 5 वर्ष होनी चाहिए।
कब से मान्य होगा टिकट? जानिए वैलिडिटी के नियम
सीजन टिकट की वैधता को लेकर रेलवे ने स्थिति पूरी तरह साफ कर दी है। अगर कोई यात्री अपने खुद के नाम पर सीजन टिकट बुक करता है, तो जियो-फेंसिंग (Geo-fencing) सत्यापन पूरा होते ही वह उसी दिन से यात्रा के लिए मान्य होगा। इसके उलट, यदि आप परिवार के किसी अन्य सदस्य या परिचित के लिए टिकट बुक करते हैं, तो वह टिकट बुकिंग की तारीख के अगले दिन से प्रभावी होगा। ऐसे में यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना बनाते समय इस नियम का विशेष ध्यान रखना होगा।
फोटो और QR कोड से होगी जांच, साथ रखनी होगी प्रिंटेड कॉपी या PDF
टीटीई (TTE) द्वारा टिकट जांच की प्रक्रिया को भी पारदर्शी बनाया गया है। हर सीजन टिकट पर यात्री की फोटो और एक यूनिक QR कोड अंकित रहेगा, जिसे स्कैन करके रेल कर्मचारी पहचान की पुष्टि करेंगे। सफर के दौरान यात्रियों के पास सीजन टिकट की स्पष्ट प्रिंटेड कॉपी या अपने मोबाइल में उसकी ओरिजिनल PDF फाइल का होना अनिवार्य है।
रेलवे ने स्पष्ट किया है कि केवल बुकिंग रसीद, पेमेंट इनवॉइस या (Indian Railways UTS App Rules) पेपर टिकट की फोटो दिखाने पर यात्रा की अनुमति नहीं मिलेगी। इसके अलावा टिकट पर मौजूद QR कोड का साफ और पढ़ने योग्य होना जरूरी है; कोड धुंधला होने या स्कैन न हो पाने की स्थिति में यात्री को बिना टिकट माना जा सकता है और नियमानुसार जुर्माना लगाया जा सकता है।
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