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राजस्थान के किसानों के लिए खाद पर अपडेट: DAP के 14 रैक रास्ते में, 14 अक्टूबर तक पहुंचने की उम्मीद

VVinita Kohli
Rajasthan Fertilizer Stock: राजस्थान के किसानों के लिए खाद पर अपडेट: DAP के 14 रैक रास्ते में, 14 अक्टूबर तक पहुंचने की उम्मीद

राजस्थान के किसानों के लिए खाद पर अपडेट

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Rajasthan Fertilizer Stock: राजस्थान में रबी सीजन की बुवाई के बीच खाद की उपलब्धता को लेकर कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने किसानों को आश्वस्त किया है कि प्रदेश में डीएपी और यूरिया की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। राज्य सरकार के अनुसार, खरीफ सीजन-2026 में दोनों प्रमुख उर्वरकों की मांग से अधिक आपूर्ति की गई थी। अब रबी सीजन में भी किसानों की जरूरत के मुताबिक समय पर खाद उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार के साथ समन्वय बनाकर व्यवस्थाएं की जा रही हैं। कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों को खाद की उपलब्धता को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है। फिलहाल राज्य में उपलब्ध स्टॉक और रास्ते में आ रही खाद की खेप के आधार पर आपूर्ति बनाए रखने की तैयारी है। विभाग ने वितरण व्यवस्था पर निगरानी बढ़ाने के साथ जमाखोरी, कालाबाजारी और खाद के अवैध इस्तेमाल के खिलाफ कार्रवाई भी तेज की है।

डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने बताया कि खरीफ सीजन-2026 में राजस्थान में डीएपी की मांग 5 लाख 10 हजार मीट्रिक टन थी, जबकि इसके मुकाबले 5 लाख 44 हजार 995 मीट्रिक टन डीएपी उपलब्ध कराया गया। इस तरह मांग से 34,995 मीट्रिक टन अधिक डीएपी की आपूर्ति हुई। यूरिया के मामले में भी मांग के मुकाबले ज्यादा खाद उपलब्ध कराई गई। खरीफ सीजन के दौरान 11 लाख मीट्रिक टन यूरिया की मांग थी, जबकि राज्य में 17 लाख 15 हजार 814 मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध कराया गया। सरकार का कहना है कि इस आपूर्ति से खरीफ सीजन में किसानों की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिली। रबी सीजन की शुरुआत में भी खाद की उपलब्धता बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है। कृषि मंत्री के अनुसार, वर्तमान में प्रदेश में 1 लाख 5 हजार 584 मीट्रिक टन डीएपी और 3 लाख 63 हजार 969 मीट्रिक टन यूरिया का स्टॉक उपलब्ध है।

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डीएपी के 14 रैक रास्ते में, 14 अक्टूबर तक पहुंचने की उम्मीद

कृषि विभाग के अनुसार, प्रदेश के लिए डीएपी के 14 रैक रवाना हो चुके हैं। इनमें करीब 35 हजार मीट्रिक टन खाद है। इनके 14 अक्टूबर 2026 तक किसानों के लिए उपलब्ध होने की संभावना जताई गई है। विभाग ने मौजूदा साप्ताहिक खपत के आधार पर स्टॉक की स्थिति भी बताई है। इसके अनुसार, राजस्थान में करीब 18 दिन के लिए डीएपी और 35 दिन के लिए यूरिया उपलब्ध है। केंद्र सरकार से लगातार आपूर्ति जारी रहने के आधार पर रबी सीजन के दौरान खाद की उपलब्धता बनाए रखने की योजना बनाई जा रही है। रबी सीजन में समय पर खाद मिलना किसानों के लिए अहम है, क्योंकि बुवाई और फसलों की शुरुआती बढ़वार के दौरान उर्वरकों की जरूरत पड़ती है। ऐसे में आपूर्ति और वितरण में देरी होने पर किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। सरकार ने कहा है कि उपलब्ध स्टॉक, नई खेप और जिलों में वितरण की निगरानी के जरिए किसानों तक खाद पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है।

 

11,770 खाद विक्रेताओं का निरीक्षण, 25 लोगों पर FIR

खाद की कालाबाजारी, जमाखोरी और अवैध डायवर्जन रोकने के लिए कृषि विभाग ने विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई की है। डॉ. मीणा के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026-27 में अब तक 11,770 उर्वरक विक्रेताओं का निरीक्षण किया गया और जांच के लिए 9,585 नमूने लिए गए। निरीक्षण के दौरान अनियमितताएं मिलने पर 1,238 फर्मों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। इसके अलावा 64 उर्वरक विक्रेताओं के खाद बेचने पर रोक लगाई गई। 128 फर्मों के उर्वरक प्राधिकार पत्र निलंबित या निरस्त किए गए, जबकि 25 व्यक्तियों के खिलाफ FIR दर्ज कराई गई। इस दौरान 11 गिरफ्तारियां भी हुई हैं। विभाग की कार्रवाई का उद्देश्य खाद की उपलब्धता को प्रभावित करने वाली गतिविधियों पर रोक लगाना है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसानों को खाद देने में किसी भी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण और कानूनी कार्रवाई के जरिए यह सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है कि खाद निर्धारित व्यवस्था के तहत किसानों तक पहुंचे।

 

सभी जिलों में कंट्रोल रूम, गुणवत्ता जांच के लिए विशेष अभियान

कृषि विभाग ने उर्वरकों की गुणवत्ता और वितरण व्यवस्था पर नजर रखने के लिए विशेष गुण नियंत्रण अभियान चलाया है। इसके तहत खाद विक्रेताओं के यहां औचक निरीक्षण किए जा रहे हैं। नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। प्रदेश के सभी जिलों में कंट्रोल रूम भी स्थापित किए गए हैं। इनके माध्यम से खाद की उपलब्धता, आपूर्ति और वितरण की लगातार निगरानी की जा रही है। विभाग का कहना है कि इस व्यवस्था से खाद की स्थिति पर नजर रखने और किसानों की जरूरत के अनुसार आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। कृषि मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि खाद वितरण में पारदर्शिता बनाए रखें और किसानों के हितों को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि उर्वरकों के साथ दूसरे कृषि उत्पाद जबरन खरीदने के लिए किसानों को बाध्य नहीं किया जाना चाहिए। इसी तरह खाद वितरण के दौरान कृषि विभाग के कर्मचारियों की मौजूदगी सुनिश्चित की जा रही है, ताकि टैगिंग और दूसरी अनियमितताओं पर रोक लगाई जा सके।

डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने स्पष्ट किया कि किसानों पर नैनो डीएपी और नैनो यूरिया खरीदने का कोई दबाव नहीं बनाया जा रहा है। किसान अपनी इच्छा और जरूरत के अनुसार इन उत्पादों को खरीदने और इस्तेमाल करने का फैसला कर सकते हैं। सरकार नैनो उर्वरकों के उपयोग को प्रोत्साहित कर रही है, लेकिन इनकी खरीद को अनिवार्य नहीं किया गया है। कृषि मंत्री ने अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि खाद के साथ किसी अन्य उत्पाद की जबरन टैगिंग न हो। राजस्थान सरकार के सामने अब रबी सीजन के दौरान खाद की लगातार आपूर्ति बनाए रखने और जिलेवार वितरण पर नजर रखने की चुनौती है। मौजूदा स्टॉक, रास्ते में आ रही डीएपी की खेप और केंद्र से जारी आपूर्ति के आधार पर किसानों की मांग पूरी करने की तैयारी की जा रही है।

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