Rajasthan News: राजस्थान के बालोतरा जिले के मोकलसर गांव में गुरुवार दोपहर एक दर्दनाक हादसे में 65 वर्षीय दिव्यांग बुजुर्ग गोविंदराम की जिंदा जलने से मौत हो गई। हादसा करीब दोपहर 12:30 बजे हुआ। उस समय गोविंदराम अपनी झोपड़ी में अकेले थे। उनके शरीर के दाहिने हिस्से का एक हाथ और पैर काम नहीं करता था, जिसके कारण आग लगने के बाद वह समय रहते घर से बाहर नहीं निकल सके। बताया गया कि गोविंदराम के घर से अचानक आग की लपटें उठती दिखाई दीं। आसपास मौजूद ग्रामीणों की नजर जब आग पर पड़ी तो वे तुरंत मौके की तरफ दौड़े। देखते ही देखते आग ने झोपड़ी को अपनी चपेट में ले लिया था। ग्रामीणों ने अपने स्तर पर आग बुझाने की कोशिश शुरू की। इसके लिए पानी के टैंकर बुलाए गए और कई लोगों ने मिलकर आग पर काबू पाने का प्रयास किया। करीब 25 मिनट की मशक्कत के बाद आग बुझाई जा सकी, लेकिन तब तक अंदर मौजूद गोविंदराम की मौत हो चुकी थी। आग इतनी तेजी से फैली कि झोपड़ी में रखा घरेलू सामान भी जलकर खाक हो गया। आग बुझने के बाद ग्रामीणों ने बुजुर्ग को बाहर निकाला, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
तीन बेटे काम के लिए गए थे बालोतरा, घर में अकेले रह गए थे गोविंदराम
सिवाना थाना अधिकारी चंद्र सिंह ने बताया कि घटना के समय गोविंदराम घर में अकेले थे। पुलिस के अनुसार, गोविंदराम के चार बेटे हैं। इनमें से एक बेटा सोहनलाल जेल में है, जबकि तीन बेटे देवाराम, किशन और दिनेश काम के लिए बालोतरा गए हुए थे। जिस समय आग लगी, परिवार के तीनों बेटे घर पर मौजूद नहीं थे। ग्रामीणों ने आग देखकर उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन दिव्यांग होने के कारण बुजुर्ग के लिए घर से बाहर निकलना मुश्किल था। हादसे की जानकारी मिलने के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंची। आग बुझाए जाने के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर सिवाना उप जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवा दिया है। पुलिस अब हादसे से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। आग किस वजह से लगी, यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस ने आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है।
आग लगने की वजह अभी साफ नहीं, पुलिस जांच में जुटी
इस हादसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि झोपड़ी में आग आखिर किस वजह से लगी। फिलहाल पुलिस को आग लगने का कारण पता नहीं चला है। पुलिस घटना की परिस्थितियों की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आग कैसे शुरू हुई और इतनी तेजी से पूरे घर में कैसे फैल गई। आग में गोविंदराम की मौत के साथ घर का घरेलू सामान भी जल गया। ग्रामीणों ने समय रहते आग बुझाने की कोशिश की और करीब 25 मिनट में लपटों पर काबू पा लिया, लेकिन आग लगने और ग्रामीणों के पहुंचने के बीच का समय बुजुर्ग के लिए बेहद भारी साबित हुआ। पुलिस ने शव को अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवा दिया है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच पूरी होने और आवश्यक प्रक्रिया के बाद की जाएगी। फिलहाल पुलिस आग लगने के वास्तविक कारण का पता लगाने में जुटी है।

