RPSC SI री-एग्जाम पर बवाल: अभ्यर्थियों ने परीक्षा रद्द करने की मांग की, बोले- सिलेबस से बाहर था पेपर
अभ्यर्थियों ने परीक्षा रद्द करने की मांग की
Rajasthan News: राजस्थान SI भर्ती 2021 की पुनः परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों का विरोध सामने आया है। मंगलवार को कई अभ्यर्थी जयपुर के शहीद स्मारक पहुंचे और धरने पर बैठकर री-एग्जाम रद्द करने की मांग की। उनका कहना है कि परीक्षा में पूछे गए सवाल निर्धारित सिलेबस और अपेक्षित पैटर्न के अनुरूप नहीं थे। अभ्यर्थियों का मुख्य विरोध सामान्य ज्ञान एवं सामान्य विज्ञान के पेपर को लेकर है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पेपर का स्तर इतना कठिन था कि लंबे समय से तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए भी सवालों को समझने और हल करने में काफी समय लगा। RPSC ने SI/प्लाटून कमांडर भर्ती 2021 की पुनः परीक्षा 20 सितंबर 2026 को कराई थी। उपलब्ध परीक्षा विवरण के अनुसार लिखित परीक्षा में सामान्य हिंदी तथा सामान्य ज्ञान एवं सामान्य विज्ञान के दो पेपर थे और प्रत्येक पेपर के लिए दो घंटे का समय निर्धारित था।
प्रदर्शन में शामिल अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने भर्ती परीक्षा के निर्धारित सिलेबस के अनुसार लंबे समय तक तैयारी की थी, लेकिन री-एग्जाम में उन्हें अपेक्षित विषयों से जुड़े सवाल कम मिले। उनके अनुसार कई प्रश्नों को समझने में ही काफी समय चला गया, जिससे पेपर पूरा करना मुश्किल हो गया। अभ्यर्थी पायल ने कहा कि उनका 2021 की भर्ती में चयन हो गया था, लेकिन बाद में भर्ती रद्द होने के बाद उन्हें फिर से तैयारी करनी पड़ी। उनका कहना है कि इस बार परीक्षा में बैठने के बाद उन्हें पेपर का स्तर काफी कठिन लगा और पैटर्न भी पहले की तैयारी से अलग महसूस हुआ। पायल के मुताबिक, लंबे समय तक तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों को अगर पेपर ही निर्धारित पैटर्न के अनुरूप नहीं मिलता है तो उनके प्रदर्शन पर सीधा असर पड़ता है। इसी वजह से वह मौजूदा परीक्षा को रद्द कर दोबारा परीक्षा कराने की मांग कर रही हैं।
36% न्यूनतम अंक को लेकर भी उठे सवाल
अभ्यर्थियों ने प्रत्येक पेपर में न्यूनतम 36 प्रतिशत अंक हासिल करने की अनिवार्यता को लेकर भी चिंता जताई है। उपलब्ध परीक्षा विवरण में SI लिखित परीक्षा के लिए प्रत्येक पेपर में 36 प्रतिशत और दोनों पेपरों में कुल मिलाकर 40 प्रतिशत अंक हासिल करना जरूरी बताया गया है। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि GK और सामान्य विज्ञान का पेपर जिस स्तर का था, उसमें न्यूनतम अंक हासिल करना भी बड़ी चुनौती बन गया है। उनका दावा है कि यदि बड़ी संख्या में अभ्यर्थी न्यूनतम अंक की शर्त पूरी नहीं कर पाते हैं तो आगे की चयन प्रक्रिया के लिए पर्याप्त उम्मीदवार मिलना भी मुश्किल हो सकता है। हालांकि, न्यूनतम अंकों की शर्त परीक्षा नियमों का हिस्सा है और अभ्यर्थियों की ओर से पेपर के कठिन होने को लेकर लगाए गए आरोप अलग विषय हैं। पेपर सिलेबस के अनुरूप था या नहीं, इसका अंतिम आकलन आयोग की ओर से ही किया जा सकता है।
अभ्यर्थियों ने RPSC से दोबारा परीक्षा कराने की मांग की
अभ्यर्थी मीनाक्षी ने आरोप लगाया कि री-एग्जाम में कई ऐसे सवाल थे जिन्हें वह निर्धारित सिलेबस से सीधे जोड़ नहीं पा रही थीं। उन्होंने कहा कि प्रश्नों को समझने में भी समय लगा और ऐसे में परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करना मुश्किल रहा। मीनाक्षी ने यह भी कहा कि अगर पेपर तैयार करने में सिलेबस या प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया से जुड़ी कोई कमी हुई है तो आयोग को इस पर विचार करना चाहिए। उनके मुताबिक मौजूदा पेपर के आधार पर आगे बढ़ने के बजाय सिलेबस के अनुरूप नया पेपर तैयार कर परीक्षा दोबारा कराई जानी चाहिए।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे छात्र नेता लादूराम ने भी परीक्षा को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि SI भर्ती से जुड़े अभ्यर्थी कई वर्षों से इस प्रक्रिया का इंतजार कर रहे हैं और भर्ती के रद्द होने के बाद उन्हें दोबारा तैयारी करनी पड़ी। लादूराम का आरोप है कि परीक्षा के दौरान कई अभ्यर्थियों को प्रश्नपत्र पढ़ने और समझने में काफी समय लगा। उनके मुताबिक इससे उन छात्रों को भी परेशानी हुई, जिन्होंने लंबे समय तक परीक्षा की तैयारी की थी।
2021 की भर्ती के बाद कराई गई पुनः परीक्षा
SI भर्ती 2021 लंबे समय से विवादों में रही है। भर्ती परीक्षा 2021 में आयोजित हुई थी और बाद में पेपर लीक से जुड़े मामले के कारण इसकी प्रक्रिया पर सवाल उठे। इसके बाद भर्ती परीक्षा को रद्द कर पुनः परीक्षा कराने का फैसला लिया गया। सितंबर 2026 में RPSC ने इसका री-एग्जाम कराया, जिसमें बड़ी संख्या में अभ्यर्थी शामिल हुए। अब री-एग्जाम के बाद अभ्यर्थियों की ओर से उठाए गए सवालों ने भर्ती प्रक्रिया में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। फिलहाल प्रदर्शनकारियों की मांग है कि प्रश्नपत्र की समीक्षा की जाए और यदि उसमें सिलेबस या निर्धारित पैटर्न से संबंधित खामी मिलती है तो परीक्षा रद्द कर नए प्रश्नपत्र के साथ दोबारा परीक्षा कराई जाए।
RPSC की आधिकारिक परीक्षा योजना में सामान्य हिंदी और सामान्य ज्ञान एवं सामान्य विज्ञान को लिखित परीक्षा के दो पेपर के रूप में रखा गया है। आधिकारिक सिलेबस में सामान्य ज्ञान, राजस्थान का इतिहास-संस्कृति, भूगोल, अर्थव्यवस्था, विज्ञान और समसामयिक घटनाओं जैसे विषय शामिल हैं। अभ्यर्थियों की मांग अब आयोग के अगले कदम पर टिकी है। यदि RPSC प्रश्नपत्र को लेकर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण या निर्णय जारी करता है, तो उसी के आधार पर आगे की स्थिति साफ होगी।
