September 26, 2026

राजस्थान में मौसम के दो रंग, पूर्वी जिलों में बारिश तो बाड़मेर समेत 5 शहरों का पारा 43°C पार

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राजस्थान में मौसम के दो रंग, पूर्वी जिलों में बारिश तो बाड़मेर समेत 5 शहरों का पारा 43°C पार

राजस्थान में फिर बदलेगा मौसम

Rajasthan Weather Update: राजस्थान में मानसून की विदाई के बीच मौसम ने एक बार फिर करवट लेने के संकेत दिए हैं। बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती सिस्टम और उत्तर भारत में सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ के असर से 27 सितंबर से पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में बादल, आंधी और बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। मौसम विभाग के अनुसार इसका असर जयपुर और भरतपुर संभाग के साथ आसपास के जिलों में देखने को मिल सकता है और 29 सितंबर तक मौसम में बदलाव बना रह सकता है।

इस बदलाव की खास बात यह है कि एक तरफ पूर्वी राजस्थान के जिलों में बारिश के आसार बन रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ पश्चिमी राजस्थान के कई हिस्से अभी भी तेज गर्मी से जूझ रहे हैं। यानी एक ही समय में प्रदेश के पूर्वी हिस्से में बारिश की तैयारी है, जबकि बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर और आसपास के इलाकों में दिन के तापमान ने लोगों को परेशान कर रखा है।

 

 

27 सितंबर से इन जिलों में बदलेगा मौसम

मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के पूर्वानुमान के मुताबिक 27 सितंबर को सीकर, झुंझुनूं, जयपुर, अलवर, दौसा, भरतपुर, धौलपुर, करौली और सवाई माधोपुर में आंधी के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। इन जिलों में गरज-चमक और तेज हवा के साथ स्थानीय स्तर पर बारिश की गतिविधियां हो सकती हैं। जयपुर और उसके आसपास के इलाकों में इसका असर खास तौर पर देखा जा सकता है। राजधानी में पिछले दिनों मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहने के बाद अब बादलों की आवाजाही और बारिश का दौर तापमान में कुछ राहत ला सकता है। सीकर और झुंझुनूं में भी मौसम बदलने की संभावना है। शेखावाटी क्षेत्र में दिन के समय गर्मी के बाद आंधी और बारिश होने से तापमान में गिरावट आ सकती है। अलवर और दौसा में भी 27 सितंबर से मौसम सक्रिय होने का अनुमान है। वहीं भरतपुर, धौलपुर, करौली और सवाई माधोपुर में बारिश की संभावना अगले दो दिनों तक बनी रह सकती है।

28 सितंबर को मौसम की गतिविधियां पूर्वी राजस्थान के कुछ जिलों में और केंद्रित हो सकती हैं। उपलब्ध पूर्वानुमान के अनुसार अलवर, दौसा, भरतपुर, धौलपुर, करौली और सवाई माधोपुर में आंधी-बारिश की संभावना है। भरतपुर और धौलपुर में बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बादल बनने की स्थिति पैदा हो सकती है। करौली और सवाई माधोपुर में भी गरज-चमक के साथ बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। IMD के उपखंडवार अपडेट में भी 27 से 29 सितंबर तक पूर्वी राजस्थान में गरज-चमक और आंधी जैसी गतिविधियों की संभावना दर्ज की गई है, जबकि पश्चिमी राजस्थान के लिए इस अवधि में कोई चेतावनी नहीं दी गई है।

 

 

पूर्वी राजस्थान में तापमान गिरा, अलवर में 5 डिग्री की कमी

बारिश की संभावना से पहले ही पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। अलवर, भरतपुर, धौलपुर और करौली क्षेत्र में तापमान में करीब 5 डिग्री तक की कमी देखी गई, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिली। अलवर में अधिकतम तापमान 5 डिग्री गिरकर 31.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। करौली में अधिकतम तापमान 28.9 डिग्री रहा, जबकि भरतपुर और धौलपुर क्षेत्र में भी मौसम के बदलाव का असर तापमान पर दिखाई दिया। जयपुर में अधिकतम तापमान 34 डिग्री के आसपास रहा। सीकर में 35.2 डिग्री, अजमेर में 35.2 डिग्री, भीलवाड़ा में 35 डिग्री और टोंक में 32.7 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। कोटा में अधिकतम तापमान 32.3 डिग्री और प्रतापगढ़ में 32.7 डिग्री सेल्सियस रहा।

राजस्थान के पश्चिमी जिलों में तस्वीर इससे अलग है। यहां सितंबर के आखिरी दिनों में भी तेज गर्मी का असर बना हुआ है। बाड़मेर और जैसलमेर में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया, जबकि जोधपुर, बीकानेर और चूरू में भी 40 डिग्री से अधिक तापमान दर्ज किया गया। बाड़मेर में अधिकतम तापमान 43.6 डिग्री सेल्सियस और जैसलमेर में 43.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। चूरू और बीकानेर जैसे उत्तरी-पश्चिमी जिलों में भी गर्मी का असर बना रहा। ऐसे में पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान के मौसम में इस समय साफ अंतर दिखाई दे रहा है। चूरू में भी तापमान 40 डिग्री के आसपास या उससे ऊपर बना रहा है। पश्चिमी जिलों में साफ आसमान, तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण दिन के समय लोगों को गर्मी का सामना करना पड़ रहा है।

 

 

मानसून की विदाई के बीच दोबारा बारिश का दौर

राजस्थान के कई हिस्सों से मानसून की विदाई शुरू हो चुकी है। जयपुर, अजमेर, भरतपुर और जोधपुर संभाग के अधिकांश हिस्सों से मानसून की वापसी हो चुकी है, जबकि कोटा और उदयपुर संभाग में इसकी गतिविधियां बाद तक बनी रहने की संभावना जताई गई थी। इसी बीच बंगाल की खाड़ी से बने सिस्टम और पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव राजस्थान के मौसम को प्रभावित कर सकता है। इसका सबसे ज्यादा असर फिलहाल पूर्वी राजस्थान के जिलों में दिखाई देने की संभावना है। बारिश के दौरान तेज हवा और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। ऐसे में खुले इलाकों, पेड़ों के नीचे और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचना जरूरी होगा। किसानों के लिए भी मौसम में बदलाव महत्वपूर्ण है, क्योंकि बारिश और तेज हवा का असर खेतों में खड़ी फसलों तथा कृषि कार्यों पर पड़ सकता है।

अगले कुछ दिनों में राजस्थान का मौसम एक जैसा नहीं रहेगा। पूर्वी जिलों में बादल और बारिश तापमान को नीचे ला सकते हैं, जबकि पश्चिमी जिलों में गर्मी का असर कुछ समय और बना रह सकता है। 27 सितंबर से जयपुर, अलवर, दौसा, भरतपुर, धौलपुर, करौली और सवाई माधोपुर समेत पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में मौसम में बदलाव की शुरुआत हो सकती है। 28 सितंबर को भी इन क्षेत्रों के कुछ जिलों में बारिश की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है। IMD के अनुसार पूर्वी राजस्थान में 27 से 29 सितंबर तक गरज-चमक और आंधी की गतिविधियों की संभावना है। इसके बाद मौसम की स्थिति में फिर बदलाव हो सकता है, इसलिए जिलावार पूर्वानुमान पर नजर रखना जरूरी रहेगा।

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